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सोमवार, 19 जनवरी, 2004 को 10:29 GMT तक के समाचार
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अमरीकी चुनावों का लेखा-जोखा

अमरीकी चुनावों की अभी से चर्चा शुरू हो गई है. प्रस्तुत है चुनावों का लेखा-जोखा

कब होंगे अमरीकी चुनाव?

अमरीका में मंगलवार 2 नवंबर, 2004 को चुनाव होने हैं.

इसके पहले 30 सितंबर, 8 और 13 अक्टूबर को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की बहसें होनी हैं जिन्हें बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

वैसे तो मुख्य चुनाव तो राष्ट्रपति का है जो हर चार साल बाद चुना जाता है.

लेकिन इसके साथ ही संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रेप्रेज़ेटेटिव्ज़ की 435 सीटों का चुनाव होना है.

इसके अलावा उच्च सदन सेनेट की 100 सीटों में से 34 का फ़ैसला होगा.

अमरीका के 50 राज्यों में कई गवर्नरों का चुनाव भी साथ ही होना है.

राष्ट्रपति कैसे चुना जाता है?

अमरीका में कोई भी व्यक्ति अधिकतम दो बार राष्ट्रपति चुना जा सकता है.

राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश दोबारा चुनाव मैदान में हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति का चुनाव आम मतदान से नहीं होता है.

उसका चुनाव एक विशेष चुनावी व्यवस्था के तहत होता है.

वर्ष 2000 में जॉर्ज बुश राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किए गए थे क्योंकि उन्हें फ़्लोरिडा से सभी वोट मिल गए थे जबकि देश भर में उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अल गोर से कम लोगों के वोट मिले थे.

अमरीकी राष्ट्रपति के चुनाव का फ़ैसला 538 वोट करते हैं जिनका निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है.

तकनीकी रूप से कहें तो इसमें बराबर संख्या में काँग्रेस और सीनेट के प्रतिनिधि होते हैं.

उम्मीदवारों का चयन कैसे होता है

कुछ राज्यों में इसके लिए बैठकें होती हैं जिन्हें कॉकस कहा जाता है.

लेकिन कुछ राज्यों में इसके लिए चुनाव होता है.

ये प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्तर पर जाते हैं और इनमें से एक पार्टी का राष्ट्रपति पद उम्मीदवार होता है.

मुक़ाबला किस के बीच होगा?

यदि कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होती है तो रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉर्ज बुश होंगे.

उनके बाद उपराष्ट्रपति डिक चेनी का नंबर है.

डेमोक्रेटिक पार्टी में अभी ये प्रक्रिया चल रही है और इस दौड़ में वेरमॉन्ट राज्य के गवर्नर हॉवर्ड डीन सबसे आगे हैं.

पार्टी मार्च तक अपने उम्मीदवार का चयन कर लेगी.

चुनाव के मुद्दे क्या हैं?

राष्ट्रपति बुश आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं.

उनका तर्क है कि इससे अमरीका सुरक्षित हुआ है.

वो इराक़ युद्ध के पक्ष में भी तर्क दे रहे हैं.

साथ ही अमरीका की सुधरती अर्थव्यवस्था भी उनके पक्ष में है.

डेमोक्रेटिक पार्टी इराक़ युद्ध के विरोध में दलीलें दे रही है.

पार्टी व्यापक विनाश के हथियार न पाए जाने और इराक़ में हिंसा जारी रखने को भी मुद्दा बना रही है.

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