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पहली बार महिला आत्मघाती हमलावर
मध्य पूर्व में ग़ज़ा पट्टी और इसराइल के बीच के इलाक़े में एक आत्मघाती हमला हुआ है जिसमें कम से कम चार इसराइलियों के मारे जाने की ख़बर है. इस हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने कहा है कि उसने पहली बार एक महिला आत्मघाती का उपयोग किया है. हमास के आध्यात्मिक नेता शेख अहमद यासीन ने कहा है कि फ़सस्तीनी इलाकों में इसराइली कब्ज़े का विरोध करने के लिए अपनाई गई यह नई रणनीति है. इससे पहले हमास आत्मघाती हमलों के लिए महिलाओं का उपयोग नहीं करता था. ख़बरों में बताया गया है कि यह इसराइली सुरक्षा जाँच से गुज़रने का इंतज़ार कर रही थी. इस हमले में कुछ लोग घायल भी बताए गए हैं. यह हमला उस जगह हुआ जहाँ से फ़लस्तीनी लोग इसराइल में दाख़िल होते हैं. बहुत से फ़लस्तीनी इसराइल में काम करने के लिए इसी रास्ते से होकर जाते हैं. इस इलाक़े को इसराइल और फ़लस्तीनी प्रशासन के बीच सहयोग का एकमात्र आधिकारिक स्थान बताया जाता है. ख़बरों में बताया गया है कि हमले से इमारत को भारी नुक़सान हुआ है. एक फ़लस्तीनी ने बताया कि इमारत के टूटे शीशों की चूरा बिखर गया और धुआँ ही धुआँ नज़र आ रहा था. दम तोड़ा इस बीच पिछले साल अप्रेल में ग़ज़ा पट्टी में इसराइली गोलीबारी में जो ब्रितानी मानवाधिकार कार्यकर्ता घायल हो गया था, उसने लंदन में दम तोड़ दिया. टॉम हर्न्डाल को पिछले साल एक इसराइली सैनिक ने गोली मार दी थी और उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई थीं, तभी से वह बेहोश थे. उन्हें निमोनिया भी हो गया था और लंदन के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उन पर गोली चलाने के आरोप में एक इसराइली सैनिक पर मुक़दमा चलाया गया. उसे एक पखवाड़ा पहले ही इसराइलै सैनिक ने गिरफ़्तार किया और अब वह हिरासत में है. |
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