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शेरॉन पर सीरिया से बातचीत के लिए दबाव
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन पर सीरिया से बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए अपनी ही सरकार के भीतर से दबाव पड़ रहा है. शेरॉन सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने कहा है कि गोलान पहाड़ियों के संबंध में बातचीत शुरू करने के सीरियाई राष्ट्रपति के प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब दिया जाना चाहिए. सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने पिछले हफ़्ते कहा था कि वे गोलान पहाड़ियों पर से इसराइल के पीछे हटने के बारे में फिर से बातचीत करना चाहते हैं. ये बातचीत तीन साल पहले रूक गई थी. इसराइल ने 1967 में सीरिया से गोलान पहाड़ियों को छीन लिया था. समर्थन
इसराइल के वित्त मंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और विदेश मंत्री सिल्वन शेलोम ने बातचीत शुरू करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि पड़ोसी देश इराक़ में सद्दाम हुसैन के सत्ता से बाहर होने के बाद सीरिया पर भी दबाव है. नेतन्याहू ने इसराइली रेडियो पर कहा कि सीरिया जिस तरह के हालात में है उससे इसराइल को लाभ उठाना चाहिए." उन्होंने कहा, "सीरिया मुश्किल परिस्थिति में है. वहाँ एक तानाशाही सरकार है जो इराक़ में हुए ऐतिहासिक बदलाव के बाद सत्ता में बने रहने के लिए जूझ रही है." मतभेद मगर सीरियाई राष्ट्रपति के बातचीत के प्रस्ताव पर इसराइली मंत्रियों की राय में अंतर भी नज़र आ रहा है. इसराइली विदेश मंत्री सिल्वन शेलोम ने कहा है कि उनकी सरकार को सीरिया के इरादे की गंभीरता से परख करनी चाहिए. मगर सीरिया के रक्षा मंत्री शउल मोफ़ाज़ का कहना है कि वे सीरिया के प्रस्ताव को गंभीर नहीं मानते. उन्होंने कहा, "अगर सीरिया गंभीर है तो उन्हें अपने यहाँ के चरमपंथी संगठनों को ख़त्म करना चाहिए और फ़लस्तीनियों के आतंक को समर्थन देना बंद करना चाहिए." सीरियाई रक्षा मंत्री ने कहा कि सीरिया अगर ये क़दम उठाता है तभी वे बातचीत के बारे में सोच सकते हैं. |
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