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गाँधी से जुड़े मज़ाक पर हिलेरी की माफ़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन ने महात्मा गाँधी के नाम पर मज़ाक करने के लिए माफ़ी माँगी है. डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य और न्यूयॉर्क से अमरीकी सीनेट की सदस्य हिलेरी ने एक कार्यक्रम के दौरान मज़ाक करते हुए कहा था कि महात्मा गाँधी सेंट लुई में एक गैस स्टेशन चलाते थे. वैसे इसके थोड़ी ही देर में उन्होंने ये भी कह दिया था, "नहीं, महात्मा गाँधी बीसवीं सदी के महान नेताओं में से एक थे." मगर उनके उस मज़ाक की जब आलोचना हुई तो उन्होंने एक बयान जारी करके कहा, "मैंने महात्मा गाँधी के जीवन और काम का हमेशा सम्मान करने के साथ ही कई मौकों पर इस बारे में सार्वजनिक रूप से बोला भी है." बयान में हिलेरी कहती हैं, "अगर मज़ाक की इस कोशिश से किसी दूसरे तरह का मतलब निकलता है तो मैं निश्चित रूप से माफ़ी चाहती हूँ." उसी कार्यक्रम में हिलेरी ने महात्मा गाँधी के एक बयान का उल्लेख करते हुए कहा था, "पहले वे आपकी उपेक्षा करेंगे, फिर वे आप पर हँसेंगे, फिर वे आप से लड़ेंगे और फिर आप जीत जाते हैं." गाँधी जी की शिक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक अमरीकी सेंटर के निदेशक ने इस मज़ाक को असंवेदनशील बताया था. एमके गाँधी इस्टीट्यूट फ़ॉर नॉनवॉयलेंस की प्रशासक मिसेल नएफ़ के अनुसार हिलेरी ने अपने पति बिल क्लिंटन के साथ मिलकर गाँधी जी का संदेश फैलाने में यूँ तो काफ़ी मदद की है मगर इस तरह के बयान काफ़ी ग़लत संदेश देते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें हिलेरी के अनुभव09 जून, 2003 | पहला पन्ना क्लिंटन, हिलेरी और मॉनिका04 जून, 2003 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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