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अमरीकी सेना 'बोनस' दे कर सैनिक रोकेगी
अमरीकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वे इराक़, कुवैत और अफ़ग़ानिस्तान में कार्यरत अपने हज़ारों सैनिकों से कह रहे हैं कि वे सेवानिवृत्त होने या नौकरी छोड़ने का इरादा फ़िलहाल स्थगित करदें. इसके लिए उन्हें दस-दस हज़ार डॉलर के बोनस का भी प्रस्ताव दिया जा रहा है. यह बोनस उन सैनिकों को मिलेगा जो अभी तीन साल और सेना में बने रहने की हामी भरेंगे. बीबीसी के पेंटागॉन संवददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि अमरीकी सेना इराक़ अभियान के बाद कितने दबाव में है, यह उसका एक और संकेत है. अमरीकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वे इराक़, कुवैत और अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों के लिए एक और योजना शुरू कर रहे हैं.
इसके तहत जो सैनिक सेवानिवृत्त होने या अगले कुछ महीने में नौकरी छोड़ने की अपेक्षा कर रहे हैं उन्हें तब तक अपना इरादा स्थगित रखना होगा जब तक उनकी सैन्य इकाइयों की तैनाती क़ायम है. समझा जा रहा है कि इन क़दमों से लगभग सात हज़ार सैनिक प्रभावित होंगे. अमरीकी सेना इन उपायों का खुल कर ज़िक्र नहीं कर रही है लेकिन यह तय है कि इससे सैनिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. जहाँ तक दस हज़ार डॉलर का बोनस दे कर सैनिकों को रोकने की बात है, उसके बारे में अमरीकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह एक आम परंपरा है. हालाँकि इतनी ज़्यादा रक़म का प्रस्ताव एक नई बात हो सकती है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन ऐलानों से उन आलोचनाओं को और बल मिल जाएगा कि अमरीकी सेना के पास सैनिकों की कमी हो रही है. |
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