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अमरीका का इसराइल से जवाब तलब
अमरीका ने गोलान पहाड़ियों पर बस्तियाँ बसाने के इसराइली इरादों के बारे में जवाब तलब किया है. गोलान पहाड़ियाँ किसी ज़माने में सीरिया की थीं लेकिन उन पर इसराइल ने 1967 के युद्ध के दौरान क़ब्ज़ा कर लिया था. इसराइल ने अब कहा है कि वह गोलान पहाड़ी इलाक़े में क़रीब 900 नए घर बनाएगा. फ्राँस ने इसराइल से यह कहते हुए इस योजना को रोकने के लिए कहा है कि इससे अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन होता है और मध्य पूर्व शांति योजना पर भी इसका असर पड़ेगा. सीरिया ने इसराइल की इस योजना पर यह कहते हुए भारी ग़ुस्सा ज़ाहिर किया है कि गोलान पहाड़ियों पर संप्रभुता का फ़ैसला अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में होना चाहिए न कि ताक़त के आधार पर. सीरिया के विदेश मंत्री ईसा दवीश ने कहा है कि इसराइल के इन इरादों से यह साफ़ झलकता है कि मध्य पूर्व में शांति स्थापना में असल बाधा इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन हैं. "इसराइल को यह घमंड हो गया है कि वह ताक़त और क़ब्ज़े के बल पर जो चाहता है कर सकता है." इसराइल ने गोलान पहाड़ियों पर बस्तियाँ बसाने के लिए छह करोड़ डॉलर की योजना बनाई है और अगले तीन साल में वहाँ पचास प्रतिशत तक आबादी बढ़ाई जाएगी. इसराइल के कृषि मंत्री यिसराइल कट्ज़ का कहना था, "इस योजना का उद्देश्य यह साफ़ संदेश देना है कि गोलान पहाड़ियाँ अब इसराइल का अटूट हिस्सा हैं." सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने हाल ही में गोलान पहाड़ियों की वापसी के बारे में इसराइल के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की पेशकश की थी. पिछले चार साल से इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत टूटी हुई थी. संवाददाताओं का कहना है कि इसराइल का यह क़दम राष्ट्रपति असद के मुँह पर एक तमाचे की तरह है जिन्होंने चार साल के गतिरोध के बाद बातचीत फिर शुरू करने की पेशकश की थी. सीरिया की माँग है कि इसराइल गोलान पहाड़ियों से हट जाए. फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात ने कहा है कि इसराइली सरकार शांति की दिशा में कोई काम नहीं कर रही है. "इसराइल सरकार शांति योजना 'रोडमैप' पर आगे नहीं बढ़ना चाहती है और न ही बातचीत शुरू करना चाहती है." |
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