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हिजाब पर प्रतिबंध सही: शिराक़
फ़्रांस के राष्ट्रपति ज्याक़ शिराक़ ने देश के स्कूलों में मुसलमानों के हिजाब और यहूदियों की गोल टोपी किप्पा और ईसाइयों के बड़े सलीबों पर प्रतिबंध के प्रस्ताव को सही ठहराया है. फ़्रांस के लोगों के आम जीवन में धर्म की भूमिका को लेकर काफ़ी बहस चल रही है. इसी बारे में शिराक़ ने एक भाषण में कहा कि धार्मिक विचारधारा को दिखाने वाला कोई भी वस्त्र या प्रतीक चिह्न स्कूलों में पहनना प्रतिबंधित होना चाहिए. शिराक़ का कहना था कि इसके लिए एक क़ानून ज़रूरी है. इसके साथ ही शिराक़ ने देश की संसद से अपील की कि सितंबर 2004 से शुरू हो रहे स्कूलों के नए सत्र के लिए विधेयक पारित कर दिया जाए. शिराक़ के अनुसार स्कूलों में इन सब चीजों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही शिराक़ ने वह प्रस्ताव भी ख़ारिज कर दिया जिसके तहत कहा गया था कि मुसलमानों और यहूदियों के पवित्र दिनों को सार्वजनिक छुट्टी हो. इससे पहले पूर्व मंत्री बर्नार्ड स्तासी के नेतृत्व वाले एक सरकारी आयोग ने धर्म और राष्ट्र से संबद्ध सिफ़ारिशों के विवरण देते हुए इन प्रतिबंधों की बात कही थी. आयोग के अध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपने से पहले इस बारे में कई अध्यापकों, धार्मिक नेताओं, समाजशास्त्रियों और राजनीतिज्ञों से बात की. |
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