| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आतंकवादियों के वित्तीय स्रोतों पर सवाल
अमरीकी काँग्रेस की एक संसदीय जाँच समिति ने अमरीकी सरकार के 'आतंकवादी' संगठनों के धन एकत्र करके दुनिया में इधर-उधर भेजने की जानकारी पर गंभीर टिप्पणी की है. जाँच में पाया गया है कि अमरीकी सरकार को अब भी पूरी तरह पता नहीं है कि 'आतंकवादी' संगठन किस तरह हिंसक घटनाएँ करने के लिए धन भेजते हैं. सरकार को अभी यह भी नहीं पता कि ये संगठन अपने वित्तीय स्रोत किस तरह छिपाते हैं. रिपोर्ट में ये माना गया है कि 'आतंकवादी' गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले पैसे का स्रोत खोजना बहुत ही मुश्किल काम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका के न्याय मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और गुप्तचर एजेंसी एफ़बीआई को अपना कामकाज बेहतर तरीके से करने की ज़रूरत है. सरकार को सलाह दी गई है कि इन सब विभागों को सूचना एकत्र करने, उसका विश्लेषण करने और एक दूसरे के साथ जानकारी बाँटने के तरीकों को बेहतर बनाना होगा. उधर वित्त विभाग का कहना था कि उसे कुछ सफलता मिली है और संदिग्ध गुटों की 13 करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति 'फ़्रीज़' की गई है यानी उसके लेन-देन या इस्ताल पर रोक लगा दी गई है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||