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मंगलवार, 25 नवंबर, 2003 को 02:34 GMT तक के समाचार
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400 अरब डॉलर का रक्षा बजट मंज़ूर
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश
शीत युद्ध के बाद पहली बार इतने बड़े रक्षा बजट को मंज़ूरी मिली है

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने लगभग 400 अरब डॉलर के रक्षा बजट को मंज़ूरी दे दी है.

शीत युद्ध के बाद अमरीका ने पहली बार रक्षा मामलों पर इतने बड़े बजट को पास किया है.

अमरीकी काँग्रेस ने पहले ही इसे मंज़ूरी दे दी थी.

इस बजट में अमरीकी सैनिकों के वेतन में औसतन 4.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ-साथ नए तरह के परमाणु हथियार विकसित करने के लिए शोध कार्यक्रम पर ख़र्च का भी प्रावधान है.

विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बाद बुश ने कहा कि अमरीकी सेना 'आतंकवाद' का सामना करने के 'महान और ऐतिहासिक' काम में लगी हुई है.

उन्होंने कहा कि अमरीकी संसद ने रक्षा पर ख़र्च होने वाले पैसे में पिछले महीने जो वृद्धि की अनुमति दी है वह पिछले एक दशक में सबसे ज़्यादा है और एक महत्त्वपूर्ण संदेश देती है.

 जिस विधेयक पर मैने हस्ताक्षर किए हैं वो अगले वित्तीय वर्ष में रक्षा ख़र्च के लिए लगभग 400 अरब डॉलर की अनुमति देता है. हम अपने देश को मज़बूत बनाने, शांति क़ायम रखने और अमरीकी जनता को सुरक्षित रखने के लिए जो ज़रूरी होगा वो करेंगे

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश

उनका कहना था, "जिस विधेयक पर मैने हस्ताक्षर किए हैं वो अगले वित्तीय वर्ष में रक्षा ख़र्च के लिए 400 अरब डॉलर की अनुमति देता है."

उनका कहना था, "हम अपने देश को मज़बूत बनाने, शांति क़ायम रखने और अमरीकी जनता को सुरक्षित रखने के लिए जो ज़रूरी होगा वो करेंगे."

पेंटागन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनके देश का सामना ऐसे दुश्मनों से है जिनकी नज़र में अराजकता, डर और मौत ही प्रगति का पैमाना है.

इस रक्षा विधेयक में बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार विकसित करने के लिए नौ अरब डॉलर शामिल हैं.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का कहना था कि अमरीका सभी 'स्वतंत्र देशों और स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने' के लिए लड़ रहा है.

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