|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बाड़ के गंभीर नतीजे होंगे:संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसराइल पश्चिमी तट इलाक़े में जो बाड़ बना रहा है उसके बहुत से फ़लस्तीनियों के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं. मध्य पूर्व के लिए संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय दफ़्तर का कहना है कि यह बाड़ हरी रेखा के साथ-साथ चलने के बजाय अनेक फ़लस्तीनी क्षेत्रों में अतिक्रमण करेगी. यह हरी रेखा ही 1867 से पहले तक इसराइल की सीमा रेखा हुआ करती थी. इसराइल फ़लस्तीनी हमलावरों से सुरक्षा की दलील देते हुए पश्चिमी तट में क़रीब सात सौ किलोमीटर लंबी बाड़ लगा रहा है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह बाड़ बहुत से लोगों को अपने खेतों, नौकरियों, स्कूलों और अस्पतालों से दूर कर देगी. दूसरी तरफ़ इसराइल के अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में बाड़ से पैदा होने वाली स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और यह रिपोर्ट सच्चाई से दूर है. इसराइली अधिकारियों ने कहा है कि बाड़ में अनेक दरवाज़े भी लगाए जाएंगे जिनसे होकर फ़लस्तीनी अपने खेतों, स्कूलों, अस्पतालों और नौकरियों के लिए जाने के लिए आज़ाद होंगे. इसराइल का कहना है कि बाड़ बनाने का मक़सद फ़सस्तीनी हमलावरों को रोकना है. इसराइल ने यह भी कहा है कि जब से बाड़ बननी शुरू हुई है तब से हमलों में काफ़ी कमी आई है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||