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शनिवार, 08 नवंबर, 2003 को 02:11 GMT तक के समाचार
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फ़लस्तीनी चरमपंथियों को रक़म
मध्य पूर्व में दीवार बनाई जा रही है
इसराइल सुरक्षा के लिए बाड़ लगा रहा है

बीबीसी की एक जाँच में पता चला है कि फ़लस्तीनी प्रशासन कुछ चरमपंथियों को इसराइल के ख़िलाफ़ हमले रोकने के लिए उन्हें धन दे रहा है.

फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि यह धन इसलिए दिया जा रहा है ताकि इन चरमपंथियों को इसराइल के ख़िलाफ़ आत्मघाती हमले करने के से रोका जा सके और उनके पुनर्वास में मदद की जा सके.

बीबीसी के एक कार्यक्रम में बताया गया है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन अल अक्सा शहीदी ब्रिगेड के कुछ सदस्यों को हर महीने क़रीब पचास हज़ार अमरीकी डॉलर दिए जाते हैं और यह सिलसिला मौजूदा इंतिफ़ादा शुरु होने के बाद शुरु हुआ है.

हालाँकि पिछले मई के बाद से अल अक्सा शहीदी ब्रिगेड ने इसराइल के ख़िलाफ़ किसी हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

जेब ख़र्च

महमूद अब्बास की सरकार में खेल और युवा मामलों के मंत्री रहे अब्दुल फ़तह हमायेल ने बताया है कि यह धन अल अक्सा शहीदी ब्रिगेड के सदस्यों को रोज़मर्रा का ख़र्च पूरा करने के लिए दिया जाता है.

"इनमें से कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों के साथ काम करने का रास्ता चुना है इसलिए उन्हें वेतन दिया जाता है."

अब्दुल फ़तह हमायेल ने बताया कि अल अक्सा शहीदी ब्रिगेड के जो सदस्य यह वेतन नहीं लेते हैं उनके परिवारों की सहायता के लिए धन देने का फ़ैसला सरकार ने पिछली गर्मियों में किया था.

उनका कहना था कि धन इसलिए दिया जा रहा है ताकि शहीदी ब्रिगेड के सदस्य इसराइल के ख़िलाफ़ हमले जारी रखने के लिए किसी के बहकावे में न आएं.

यह पूछे जाने पर कि इस बात की क्या गारंटी है कि यह धन हथियार ख़रीदने पर नहीं किया जाएगा, अब्दुल फ़तह हमायेल का कहना था कि यह रक़म बहुत छोटी सी है.

"एक आदमी को ढाई सौ अमरीकी डॉलर के बराबर रक़म दी जा रही है. भला इस रक़म में कोई अपने परिवार का ख़र्च चलाने के साथ-साथ हथियार कैसे ख़रीद सकता है?"

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