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इटली के स्कूल में सलीब पर विवाद
इटली की एक अदालत ने फ़ैसला सुनाया है कि वहाँ के एक शहर ला-अक़ीला के एक प्राथमिक स्कूल की कक्षाओं से ईसाइयों के धर्मचिन्ह सलीब को हटा दिया जाना चाहिए. अदालत ने ये फ़ैसला इटली के एक मुसलमान नेता की शिकायत के बाद सुनाया है.
उनका कहना था कि स्कूल की कक्षाओं में सलीब के साथ साथ मुसलमानों के धार्मिक ग्रंथ क़ुरान से भी धार्मिक चिन्ह लगाए जाने चाहिए. लेकिन स्कूल ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद वे इस मामले को अदालत में ले गए. न्यायाधीश ने अपने फ़ैसले में कहा कि सलीब को लगाने से अन्य धर्मों के प्रति अनादर का भाव प्रकट होता है. बीबीसी के रोम संवाददाता ने बताया कि इस मामले ने इटली में एक बहस छेड़ दी है. स्कूलों में सलीब को प्रदर्शित करने का नियम वर्षों से चला आ रहा है. हालाँकि इटली के शिक्षा मंत्री ने कैथोलिक स्कूलों को आर्थिक सहायता के विवादस्पद विषय का समर्थन किया था. साथ ही पिछले महीने उन्होंने इस बात को दोहराया था कि सलीब को स्कूल में टाँगा जाए. अदालत के इस फ़ैसले पर इटली में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही है. ईसाई धर्मगुरु एर्सिलियो तोनिनी का कहना है कि इस फ़ैसले से इटली के अधिकतर लोग आहत हुए हैं. लेकिन एक अध्यापक संघ का कहना था कि इससे शिक्षा का धर्मनिरपेक्ष चरित्र मज़बूत हुआ है. |
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