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सऊदी अरब में व्यापक छापे
सऊदी अरब में इस्लामी चरमपंथियों से संबंध होने के संदेह में कई स्थानों पर छापे मारे हैं और क़रीब 180 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस का कहना है कि राजधानी रियाध और अन्य बड़े शहर जद्दाह में छापे मारे गए जिनमें भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है. सरकारी टेलीविज़न ने बरामद सामग्री के चित्र दिखाए हैं जिनमें प्लास्टिक विस्फोटक सामग्री, पाइप के बने देसी बम और भारी मात्रा में राइफल और गोलियाँ शामिल हैं. इसी साल मई में हुए एक बड़े हमले के बाद से सरकार ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सघन अभियान चलाया हुआ है. उस आत्मघाती हमले में हमलावरों सहित 35 लोग मारे गए थे. धरपकड़ देश के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए को बताया, "जिन लोगों की कुछ मामलों में तलाश थी उनमें से कुछ को पकड़ लिया गया है और कुछ अन्य को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है." जद्दाह में अख़बार अरब न्यूज़ के संपादक ख़ालिद अलमयना ने बीबीसी को बताया है कि जिन लोगों के घरों पर छापे मारे गए हैं वे अल क़ायदा के सदस्य या चरमपंथी नहीं हैं अलबत्ता उनसे हमदर्दी रखने के शक में छापे मारे गए हैं.
"लेकिन लोगों में यह चिंता है कि जिस देश में अपराध बिल्कुल ना के बराबर हैं वहाँ ऐसे हथियार मिलना और लोगों की धरपकड़ होना परेशानी में डालने वाली बात है." यह पूछे जाने पर कि क्या ये छापे अमरीकी दवाब में मारे गए हैं, ख़ालिद मयना का ख़याल था कि ऐसा नहीं है बल्कि सऊदी अरब की सरकार ख़ुद देश हित को ध्यान में रखते हुए ऐसा कर रही है. "यहाँ के लोग अमरीकी दख़लअंदाज़ी के बारे में बहुत संवेदनशील हैं और अगर अमरीका का कोई दबाव ज़रा भी नज़र आता है तो उस पर हंगामा मचने की नौबत आ जाती है." |
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