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बुश की नज़र एशिया-प्रशांत समर्थन पर
अमरीका के राष्ट्रपति ने मंशा जताई है कि वे एशिया प्रशांत आर्थिक सम्मेलन (एपेक) की बैठक में 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीकी लड़ाई' पर समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे. लेकिन इस क्षेत्र के कुछ नेताओं ने कहा है कि वे नहीं चाहते कि इस आर्थिक सम्मेलन को सुरक्षा के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच बना लिया जाए. दो दिन की यह बैठक रविवार को थाइलैंड की राजधानी बैंकाक में शुरु हो रही है जिसमें एशिया प्रशांत क्षेत्र के क़रीब बीस देशों के नेता भाग ले रहे हैं. बैंकाक में बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि राष्ट्रपति बुश चाहते हैं कि इस सम्मेलन में होने वाली बातचीत का मुख्य मुद्दा सुरक्षा को बनाया जाए. मक़सद बुश अपने इसी मक़सद को पूरा करने के लिए बीस देशों के नेताओं के साथ होने वाली अपनी बातचीत में भी इस पर बल देंगे कि आतंकवाद का सख़्ती से मुक़ाबला किया जाना चाहिए.
अमरीका और उसके निकट सहयोगी ऑस्ट्रेलिया का तर्क ये है कि अगर वे आतंकवाद से निबटने में नाकाम रहते हैं तो यह अपने आप में यह एक महँगा सौदा रहेगा. फिर भी अभी से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कुछ प्रतिनिधि एपेक के आर्थिक मंच को सुरक्षा सम्मेलन नहीं बनने देना चाहते हैं. थाइलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा है कि सुरक्षा और कार्य-कुशलता के बीच सही संतुलन बनाने की ज़रूरत है. कई अन्य देशों ने भी कहा है कि सम्मेलन की चर्चा में क्षेत्र में समृद्धि बढ़ाने पर ज़्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि एपेक की स्थापना इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए की गई थी. |
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