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शनिवार, 11 अक्तूबर, 2003 को 08:39 GMT तक के समाचार
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अमरीका का पटेल मोटेल उद्योग

एक अमरीकी मोटेल
अमरीकी मोटेल क्षेत्र में आप्रवासी भारतीयों का बोलबाला है

पूरे अमरीका में कहीं भी आप मुख्य मार्गों पर बने किसी मोटेल में जाएँ, इस बात की पूरी संभावना है कि मोटेल में पाँव रखते ही आपको भारतीयता की छाप दिख जाए.

अमरीका पटेल मोटेल क्रांति के अगुआ हैं.

दरअसल, अमरीका में मध्यम आकार के 60 प्रतिशत मोटेल और होटल आप्रवासी भारतीय उद्यमियों के हैं और उनमें से एक तिहाई पटेल हैं.

सेंडेंट होटल कॉरपोरेशन के नाइट्स फ़्रेंचाइज़ सिस्टम के प्रमुख राजीव भाटिया के अनुसार अमरीका में होटल उद्योग में भारतीय मूल के लोगों का प्रवेश 1940 के दशक में शुरू हुआ.

हालाँकि 1960 और 1970 के दशक में उन्होंने वास्तव में अपनी पहचान बनाई.

 मैंने साइड बिज़नेस के रूप में 1981 में पहला मोटेल ख़रीदा. चार वर्षों के अंदर मैं पूरी तरह मोटेल बिज़नेस में लग गया

दीनू पटेल

उन्होंने कहा, "भारत के अलावा पूर्वी अफ़्रीका से भारी संख्या में भारतीय मूल के लोग 1960 और 1970 के दशक में अमरीका आए. उन्होंने मुश्किलों के दौर से गुजर रहे अमरीकी होटल उद्योग में हाथ लगाया."

आप्रवासी भारतीयों ने सस्ते में होटल और मोटेल ख़रीदे और सपरिवार उसमें जुट जाने के अलावा भारत से रिश्तेदारों और दोस्तों को बुलाकर अपने व्यवसाय से जोड़ा.

कैनेटिकट के होटल व्यवसायी दीनू पटेल कहते हैं, "मैंने साइड बिज़नेस के रूप में 1981 में पहला मोटेल ख़रीदा. चार वर्षों के अंदर मैं पूरी तरह मोटेल बिज़नेस में लग गया. फिर मैंने भारत से अपने तीन भाइयों को भी बुला लिया."

इस समय दीनू का परिवार अमरीका में 22 मोटेलों और होटलों का मालिक है.

वैसे भारतीयों को ये सफलता आसानी से नहीं मिली.

एशियन अमेरिकन होटल ऑनर्स एसोसिएशन के संस्थापक और पूर्व प्रमुख माइक पटेल बताते हैं कि शुरू में ख़ासकर छोटे शहरों में भारतीय होटल मालिकों को जातीय भेदभाव का शिकार होना पड़ता था.

अमरीका में भारतीय मोटेल
बिना आधुनिक प्रबंधन प्रशिक्षण के आप्रवासी भारतीयों ने अमरीकी होटल क्षेत्र में सफलता हासिल की है

कुल 12 होटलों के मालिक सीज़ेड पटेल माइक की बातों से सहमत हैं.

उन्होंने बताया कि कई बार गोरे ग्राहक सिर्फ़ होटल कर्मचारियों की भूरी चमड़ी देख कर ही बिदक जाते थे.

हाल में 11 सितंबर के हमलों के बाद भी जातीय भेदभाव की समस्या ने ज़ोर पकड़ा है.

दरअसल अब कुछ अमरीकी व्यवसायियों ने अपने मोटेल के सामने 'अमरीकी स्वामित्व वाला मोटेल' का बोर्ड लगाना शुरू कर दिया है.

अमरीका में भारतीय मूल के होटल व्यवसायियों की सफलता इसलिए भी असाधारण है कि उन्होंने पारंपरिक तौर-तरीके अपनाते हुए ऐसा किया है.

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