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आसान नहीं है कैलिफ़ोर्निया को संभालना
फ़िल्म स्टार अर्नाल्ड श्वार्ज़ेनेगर अमरीका के प्रमुख राज्य कैलिफ़ोर्निया के नए गवर्नर बनने तो जा रहे हैं मगर ये तख़्त जितना आकर्षक है उतनी ही बड़ी इसकी चुनौतियाँ भी हैं.आइए एक निगाह डालें कैलिफ़ोर्निया के नवनिर्वाचित गवर्नर के सामने मौजूद चुनौतियों पर. क्या है भूमिका कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर की? कैलिफ़ोर्निया अमरीका का सबसे संपन्न राज्य है इसे दुनिया की एक बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता है.श्वार्ज़ेनेगर इस राज्य की सरकार के शीर्ष व्यक्ति होंगे.इस नाते उन्हें ये तय करना होगा कि किस विधेयक को क़ानून बनाया जाए, किन लोगों को सरकारी नीतियों पर अमल करवानेवाली एजेंसियों का प्रमुख बनाया जाए, कैलिफ़ोर्निया की अदालतों में कौन लोग न्यायाधीश होंगे और साथ ही ये कि राज्य की सरकार कैसे सुचारू तरीक़े से चल पाएगी. मगर फ़िलहाल अभी उनकी सबसे प्रमुख ज़िम्मेदारी होगी राज्य का बजट पेश करना जो उन्हें अगले साल 10 जनवरी से पहले पेश करना है.राज्य के विधायकों को 1 जुलाई से शुरू होनेवाले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पारित करना था मगर वे ऐसा नहीं कर सके.राज्य का बजट बड़े घाटे में है और दो साल में यह घाटा बढ़कर 38 अरब डॉलर तक पहँच जाने का अनुमान है. नए गवर्नर के सामने आर्थिक मंच पर क्या चुनौतियाँ हैं? 38 अरब डॉलर के बजट घाटे के अनुमान ने कैलिफ़ोर्निया को आर्थिक विस्फोट की कगार पर ला खड़ा किया है.इसके ऊपर है बेरोज़गारी की मुश्किल क्योंकि कंप्यूटर के क्षेत्र में दुनिया भर में विख्यात सिलिकॉन वैली में बेरोज़गारी की दर आठ प्रतिशत तक चली गई है.रोज़गार के क्षेत्र में अब उटाह और एरिज़ोना जैसे राज्य आगे निकल रहे हैं.श्वार्ज़ेनेगर ने वादा किया है कि वे ‘ग़ैरज़िम्मेदार’ सरकारी ख़र्च को कम करेंगे जो पिछले पाँच साल में 40 प्रतिशत पर चला गया है.इस दौरान राज्य के राजस्व में बस 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई.ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इंटरनेट के ज्वार के कारण अचानक कैलिफ़ोर्निया का राजस्व बढ़ा मगर जैसे ही ये इंटरनेट का ज्वार पीछे लौटा, राज्य का राजस्व भी कम हो गया. कैसी टीम है श्वार्ज़ेनेगर की? नए गवर्नर ने आर्थिक नीति को ध्यान में रखकर अनुभवी लोगों को अपने साथ रखा है.उन्होंने विख्यात अरबपति निवेशक वारेन बुफ़े को अपना मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया है.साथ ही पूर्व विदेश मंत्रि जॉर्ज शुल्ज़ भी उनके साथ हैं.वारेन बुफ़े को इसके पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के हितों का पोषक बताया गया और उन्होंने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यु बुश की करों में कटौती का ज़ोरदार विरोध किया था. श्वार्ज़ेनेगर की नीतियाँ क्या हैं? श्वार्ज़ेनेगर की सबसे प्रमुख योजना है कि सरकारी बजट को कम करना.मगर चुनावी वायदों में उन्होंने इस जटिल समस्या के हल का कोई निश्चित तरीक़ा नहीं बताया.उन्होंने ये ज़रूर कहा कि वे सरकारी ख़र्चों पर रोक लगा देंगे और राज्य के 99 अरब डॉलर के बजट की जाँच करवाएँगे.उन्होंने व्यवसायियों को कैलिफ़ोर्निया आने के लिए बढ़ावा देने और रोज़गार वृद्धि के भी वायदे किए हैं.मगर एक प्रस्ताव उन्होंने साफ़ तौर पर रखा है और वह है कार टैक्स में हुई ताज़ा वृद्धि को वापस लेना.मौजूदा गवर्नर ग्रे डेविस ने बजट घाटे को कम करने के लिए कार टैक्स बढ़ाने की योजना रखी थी और उनकी वापसी के लिए चुनाव की एक मुख्य वजह ये योजना भी रही. राजनीतिक जानकार श्वार्ज़ेनेगर की नीतियों के बारे में क्या समझते हैं? कैलिफ़ोर्निया के एक विश्वविद्यालय में राजनीतिक आलोचक एलिज़बेथ गैरेट का मानना है कि आर्नल्ड की सफलता के पीछे एक बहुत बड़ा कारण ग्रे डेविस को लेकर आम लोगों में उभरी नाराज़गी भी है.मगर उनका मानना है कि नवनिर्वाचित गवर्नर की नीतियों और योजनाओं के संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.लेकिन साथ ही वे ये भी कहती हैं कि मतदाताओं ने इसकी कोई परवाह नहीं की कि आर्नल्ड आगे क्या करेंगे. |
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