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सीरिया को युद्ध में खींचने की कोशिश: असद
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने इसराइल पर सीरिया और बाक़ी मध्य पूर्व को एक बड़े संघर्ष में खींचने की कोशिश का आरोप लगाया है. पिछले सप्ताह के अंत में सीरिया में हुए इसराइल के कुछ हमलों का उल्लेख करते हुए असद ने ये बात आरोप लगाए. सीरियाई नेता ने उस हमले को फ़लस्तीनी क्षेत्रों में इसराइल के सामने आ रही मुश्किलों से ध्यान बँटाने की कोशिश बताया. सीरिया के नेता का ये बयान उस हमले के बाद आया पहला बयान है. सीरिया के के कुछ इलाक़ों में हमला करते हुए इसराइल ने कहा था कि वह फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों के वहाँ मौजूद शिविरों को निशाना बना रहा था. इस बीच इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने भी इस बयान के कुछ ही घंटों बाद कहा है कि इसराइल अपने दुश्मनों पर हमले से हिचकेगा नहीं फिर भले वे कहीं भी हों. सीरिया अब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या उस हमले की आलोचना के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव में किसी तरह के बदलाव की ज़रूरत है. उस प्रस्ताव को सोमवार को व्यापक स्तर पर समर्थन नहीं मिली थी. उस हमले के बाद से इसराइल और लेबनान के बीच की सीमा पर भी तनाव बना हुआ है. सीरिया का इनकार सीरिया ने अपने इलाक़े में किसी भी तरह के प्रशिक्षण शिविर होने की संभावना से इनकार किया है और संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह इसराइली हमलों की आलोचना करे.
उन्होंने कहा है कि इसराइली सरकार की ये कोशिश सीरिया को डराने और मध्य पूर्व के अन्य देशों को भी इस विवाद में खींचने की है जिससे वह अपनी बड़ी समस्या से ध्यान हटा सके. सीरिया का ये भी कहना है कि मध्य-पूर्व में इसराइल की भूमिका काफ़ी निराशाजनक है मगर कहा कि रविवार को हुए हमले से मध्य पूर्व में सीरिया अपनी भूमिका को लेकर और प्रतिबद्ध ही होगा. राष्ट्रपति असद ने ये भी कहा कि इराक़ सहित हर मामले में विफलता के लिए अमरीका को सीरिया को दोष देना बंद कर देना चाहिए. कड़ा रुख़ इस बीच इसराइल ने भी रुख़ कड़ा करते हुए कहा है कि इसराइल अपने नागरिकों को बचाने से किसी भी हालत में नहीं कतराएगा. उन्होंने ये भी कहा कि वह पड़ोसियों के साथ समझौते को लेकर कोई भी कसर नहीं उठा रखी है. वहीं अमरीका ने हमलों के लिए इसराइल की आलोचना करने के बजाए सीरिया से ही कहा है कि वह आतंकवाद के विरुद्ध उसके संघर्ष में ग़लत पाले में खड़ा है. |
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