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गुरुवार, 02 अक्तूबर, 2003 को 13:52 GMT तक के समाचार
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अमरीका में सिख के हत्यारे को सज़ा
सिखों का विरोध
सिखों को प्रदर्शन करके संदेश देना पड़ा कि वे मुसलमान नहीं हैं

अमरीका में ग्यारह सितंबर को हुए हमलों के बाद सिखों को अफ़ग़ान या फिर अरब समझकर कुछ अमरीकियों ने उनको अपना निशाना बनाना शुरु कर दिया.

ऐसे ही एक सिख बलबीर सिंह सोढी की हत्या के जुर्म में अमरीका की एक अदालत ने एक व्यक्ति फ़्रैंक सिल्वा रॉक को दोषी पाया है.

उस समय अमरीका में मुसलमानों, विशेष तौर पर अरबों के ख़िलाफ़ कई लोगों पर हमले किए थे.

'पागलपन में हमला'

दोषी पाए गए फ़्रैंक ने दावा किया था कि उन्होंने बलबीर सिंह की हत्या पागलपन के दौरे में की थी.

 इससे पूरे देश में संदेश जाता है कि नफ़रत की वजह से किए गए अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

बलबीर के भाई

अब 44 वर्षीय फ़्रैंक को इस मामले में मृत्युदंड हो सकता है.

बलबीर सिंह की हत्या करने के बाद फ़्रैंक ने एक और पेट्रोल पंप पर गोलियाँ चलाईं जहाँ एक लेबनानी व्यक्ति काम कर रहा था.

फिर उन्होंने एक अफ़ग़ानिस्तान से आए परिवार के घर पर भी गोलियाँ चलाईं.

फ़्रैंक के वकीलों ने अदालत को बताया था कि वे कुछ समय के लिए पागल हो गए थे और सही और ग़लत में फ़र्क करने की समझ खो बैठे थे.

उन्होंने ये दलील भी दी कि फ़्रैंक पहले कभी किसी के ख़िलाफ़ जातीय हिंसा में शामिल नहीं रहे थे.

अदालत के फ़ैसले पर बलबीर सिंह के भाई लखविंदर सिंह ने कहा, "इससे पूरे देश में संदेश जाता है कि नफ़रत से प्रेरित इस तरह के अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

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