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अमरीकी प्रस्ताव वीटो नहीं करेगा फ़्रांस
फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने कहा है कि उनका देश इराक़ में बहुराष्ट्रीय सेना भेजने के बारे में अमरीका के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में वीटो नहीं करेगा. लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि फ़्रांस उसी प्रस्ताव का समर्थन करेगा, जिसमें इराक़ को संप्रभुता दिए जाने की समयसीमा हो और वहाँ संयुक्त राष्ट्र को महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी जाए. अन्यथा फ़्रांस प्रस्ताव पर होने वाले मतदान में हिस्सा नहीं लेगा. अमरीका रवाना होने से पहले न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ ख़ास बातचीत में शिराक ने ये बातें कही.
वे अमरीका में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात करेंगे और संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक महत्वपूर्ण सत्र में हिस्सा लेंगे. उन्होंने पहली बार इराक़ी लोगों को शासन सौंपने के लिए एक दो स्तरीय योजना भी रखी. इस प्रस्ताव में अमरीकी हाथों से इराक़ी शासकीय परिषद को सांकेतिक सत्ता हस्तांतरण और उसके बाद नौ महीने के भीतर पूरी सत्ता सौंपने की बात कही गई है. संप्रभुता शिराक ने ज़ोर देकर कहा, "अगर जितनी जल्द हो सके इराक़ी लोगों को सत्ता नहीं सौंपी गई, तो मसले का स्थायी हल नहीं निकल सकता." शिराक ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इराक़ी लोगों को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हो जाती है, तो फ़्रांस इराक़ी पुलिस अधिकारियों और सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार हो जाएगा.
बुश प्रशासन इराक़ में बहुराष्ट्रीय सेना भेजने के बारे में संयुक्त राष्ट्र में एक नया प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रहा है. शिराक ने कहा कि फ़्रांस की प्रस्ताव को वीटो करने की कोई योजना नहीं है और अगर प्रस्ताव भड़काऊँ न हुआ, तो वह वीटो नहीं करेगा. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फ़्रांस उसी स्थिति में प्रस्ताव का समर्थन करेगा, जब इराक़ में सत्ता सौंपने के लिए समयसीमा निर्धारित की जाए, अन्यथा उनका देश मतदान में हिस्सा नहीं लेगा. |
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