'भारत से रिश्ते सुधारना चाहता हूँ'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी गुटनिरपेक्ष देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने मिस्र के रिसॉर्ट शहर शर्म अल शेख पहुँच गए हैं.
वहां पहुँचने पर उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात करेंगे. गिलानी ने कहा कि वह भारतीय प्रधानमंत्री के साथ वह खुले दिल और सकारात्मक सोच के साथ बातचीत करेंगे.
उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि दोनों देशों के बीच 'दीवारें खड़ी करने की बज़ाए पुल बनाया जाए'.
गिलानी ने कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक भावना के साथ सुधार चाहते हैं.
दोनों नेताओं की मुलाक़ात गुरुवार को होनी है. भारतीय प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अगर मुंबई हमलों के दोषियों को सज़ा दिलाने में पाकिस्तान गंभीरता दिखाता है तो वह शांति वार्ता की पहल करने को तैयार हैं.
जब भारतीय पत्रकारों ने मनमोहन सिंह की शर्त के बारे में गिलानी से पूछा तो उनका कहना था, "बातचीत के लिए मैंने कोई एजेंडा तय नहीं किया है. जहां तक आंतकवाद की बात है तो पाकिस्तान इससे लड़ रहा है."
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक से पहले विदेश सचिवों की मुलाक़ात होनी है. माना जा रहा है कि इसी में यूसुफ़ रज़ा गिलानी और मनमोहन सिंह के बीच बातचीत का कोई ठोस एजेंडा तैयार होगा.
ग़ौरतलब है कि पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ समग्र शांति वार्ता पर रोक लगा दी थी.
हालांकि मिस्र रवाना होने से पहले इस्लामाबाद में यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि मुंबई हमलों से पहले दोनों देश सही दिशा में आगे बढ़ रहे थे और हमलों के बाद वार्ता रोकने से चरमपंथियों को ही फ़ायदा मिला है.












