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अयोध्या राम मंदिर की कारसेवा में शामिल दो लोग, दो नज़रिए
अभिजीत देशपांडे आरएसएस से जुड़े थे. वो 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में कार सेवा करने गए थे. उस वक़्त उनकी उम्र थी 19 साल.
बाद में मन बदल गया और फिर 2005 में किताब लिखी - 'एक होता कारसेवक'.
बबेक सिंह माटा भी पहले आरएसएस से जुड़े थे, अब अकाली दल में हैं. 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में कार सेवा करने गए थे. उस वक़्त उनकी उम्र थी 28 साल.
वो आज भी मानते हैं कि 6 दिसंबर 1992 को जो हुआ वो सही था.
देखिए कारसेवा में शामिल इन दो अलग-अलग चेहरों की कहानी.
वीडियोः सरोज सिंह और देबलिन रॉय
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