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चंद्रप्रभा सैकियानी: असम से पर्दा प्रथा हटाने में अहम भूमिका निभाने वाली महिला
बीबीसी हिंदी दस ऐसी महिलाओं की कहानी ला रहा है जिन्होंने लोकतंत्र की नींव मज़बूत की. उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को अपनी आवाज़ दी. वे समाज सुधारक थीं और कई महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचने वाली वे पहली महिला बनीं.
चंद्रप्रभा सैकियानी ने असम में चली आ रही पर्दा प्रथा को ख़त्म करने में मदद की वहीं उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर ज़ोर दिया और 13 साल की उम्र में प्राइमरी स्कूल खोला.
चंद्रप्रभा सन् 1930 में असहयोग आंदोलन का हिस्सा बनीं और जेल भी गईं.
वे सन् 1947 तक कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर काम करती रहीं. उन्हें अपने काम के लिए सन् 1972 में पद्मश्री से भी नवाज़ा गया.
बीबीसी हिंदी दस ऐसी महिलाओं की कहानी ला रहा है जिन्होंने लोकतंत्र की नींव मज़बूत की इसकी दूसरी कड़ी में देखिए नारीवादी विचारक रुक़ैया सख़ावत हुसैन की कहानी.
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