9/11 हमले की 20वीं बरसी: दुनिया भर के नेताओं ने क्या-क्या कहा
9/11 आतंकी हमले की वर्षगांठ के मौक़े पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और देश की प्रथम महिला जिल बाइडन न्यूयॉर्क शहर में 9/11 स्मारक पहुंचे.
उनके साथ पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और तमाम राष्ट्रीय और प्रांतीय नेता भी थे.
20 साल पहले हुए आतंकी हमले की भयावहता को याद करते हुए पहले उत्तरी टावर पर हुए हमले के लिए मौन रखा गया और फिर दक्षिणी टावर पर हुए हमले को याद करते हुए.
मौन ठीक उसी समय रखा गया जिस समय साल 2001 में हमला हुआ था. इस दौरान उन तमाम लोगों को स्मरण किया गया जिनकी इस हमले में जान चली गई थी.
इस मौक़े पर वो तमाम लोग भी जमा हुए हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनो को खो दिया. उन्होंने तेज़ आवाज़ में अपनों के नाम पुकारे.
उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने सभी से एकजुटता की अपील की.
उन्होंने कहा, “मुसीबत के समय में हमने एक दूसरे की तरफ़ देखा, हमने अजनबियों में दोस्त खोजे. ये अमेरिकियों की ताकत और एकजुटता की याद दिलाता है. ये अमेरिका में ही मुमकिन है.”
पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने कहा कि हमले के बाद अमेरिकी लोगों की ज़िदगियां बदल गई.
कम उम्र वालों को संबोधित करते हुए बुश ने कहा कि "हमने जिन भावनाओं का अनुभव किया है, उनका वर्णन करना कठिन है.''
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक ट्वीट में लिखा: "हम कभी नहीं भूलेंगे. हम हमेशा स्वतंत्रता के लिए लड़ेंगे.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 9/11 पर एक लंबा लेख लिखा.
मॉरिसन ने लिखा, "वह दिन हर जगह के स्वतंत्र लोगों पर हमला था. यह हमारे जीवन के तरीके और उदार लोकतंत्र के मूल्यों पर हमला था."
उन्होंने लिखा, "उस दिन हुए दर्द के बावजूद, आतंकवादी हमारे संकल्प को कुचलने और हमारे जीवन के तरीके को बदलने के अपने प्रयासों में विफल रहे. 11 सितंबर ने हमें याद दिलाया कि आजादी हमेशा नाज़ुक होती है"