काबुल धमाके में 60 लोगों मौत 140 घायल, दुनिया भर में खलबली
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम हुए धमाकों में 60 लोगों की मौत हो गई है और 140 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.
इस हमले में पहला धमाका एयरपोर्ट के एबी गेट पर हुआ जहां पर कई अफ़ग़ान शरणार्थी मौजूद थे.
इसके साथ ही दूसरा धमाका एबी गेट से कुछ दूरी पर स्थित बैरन होटल पर या उसके नज़दीक हुआ है.
वहीं, पेंटागन ने बताया है कि इस धमाके में अमेरिकी लोगों की भी मौत हुई है.
ख़ुफिया एजेंसियों ने दी थी चेतावनी
बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता फ्रैंक गार्डनर ने बताया है कि इस हमले में धमाके और गोलीबारी का इस्तेमाल किया गया है जो कि चरमपंथियों की एक पारंपरिक रणनीति है.
उन्होंने बताया हैकि पिछले कई सालों और हालिया महीनों में अफ़ग़ानिस्तानी शहरों में होने वाले कई हमलों में इस रणनीति का इस्तेमाल किया गया है, इसके तहत पहले एक आत्मघाती हमलावर धमाका करता है.
ख़ुफिया एजेंसियां बिल्कुल इसी तरह के हमले की चेतावनी दे रही थीं.
अफ़ग़ान लोगों ने नहीं सुनी चेतावनी
इस हमले से कुछ समय पहले ब्रिटेन, अमेरिका, और ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह के हमले की चेतावनी जारी की थी.
हालांकि, बस किसी तरह काबुल छोड़ने की कोशिशों में लगे अफ़ग़ान लोगों ने इन चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया और वे गेट पर डटे रहे.
ब्रितानी सैनिक सुरक्षित
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट में कहा है कि इस हमले में अब तक ब्रितानी सेना और सरकारी कर्मचारियों के घायल होने की सूचना नहीं मिली है.
कई अमेरिकी घायल
हालांकि, इस धमाके में अमेरिकी लोगों के घायल होने की पुष्टि की जा रही है.
पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया है कि काबुल के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम हुए धमाके में अमेरिकी लोगों की मौत हुई है.
उन्होंने ट्वीट करके जानकारी दी है कि, "हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि एबी गेट पर हुआ धमाका एक जटिल हमले का नतीजा था जिसमें कई अमेरिकी और आम लोगों की मौत हुई है. हम इस बात की भी पुष्टि कर सकते हैं कि एबी गेट से थोड़ी दूरी पर स्थित बैरन होटल पर या उसके पास एक अन्य धमाके को अंजाम दिया गया है. हम आगे जानकारी देते रहेंगे."