डेमोक्रैटिक पार्टी से राष्ट्रपति की उम्मीदवारी हासिल करने की कोशिश कर चुके बर्नी सैंडर्स ने एक वीडियो संदेश जारी किया है
जिसमें उन्होंने ‘बाइडन की जीत को लगभग पक्का’ बताया है.
यह वीडियो संदेश उन्होंने ट्वीट किया है जिसके साथ उन्होंने
लिखा है, “हम जानते हैं कि संघर्ष अभी ख़त्म नहीं हुआ. संघर्ष
अब शुरू हुआ है.”
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के
लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स की ज़रूरत होती है और जो बाइडन 253 इलेक्टोरल कॉलेज
वोट्स जीत चुके हैं.
नतीजे घोषित होने से पहले ही बर्नी
सैंडर्स ने अपने वीडियो संदेश में जीत के बाद की रणनीति का ज़िक्र किया है.
बर्नी सैंडर्स ने कहा, “बहुत बड़ी संभावना है कि जो बाइडन क़रीब 50 लाख वोटों के मार्जिन से यह चुनाव जीतें.”
उन्होंने कहा, “यह चुनाव सिर्फ़ जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच का चुनाव नहीं था. यह चुनाव यहीं तक सीमित नहीं था कि दोनों नेता अमेरिका के अहम मुद्दों पर क्या सोचते हैं, बल्कि यह चुनाव इससे कहीं ज़्यादा गंभीर था. यह लोकतंत्र को बचाने का चुनाव था और देश में क़ानून-व्यवस्था को बनाए रखने का चुनाव था.”
सैंडर्स ने कहा, “आलोचक और विश्लेषक चाहे जिसे भी इस जीत का श्रेय दें, पर पार्टी के वरिष्ठ सदस्य के तौर पर मैं अमेरिका में ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले संस्थानों को उनकी मेहनत के लिए शुक्रिया अदा करना चाहूँगा क्योंकि उनके बिना यह संभव नहीं हो पाता. उन्होंने ही फ़ोन किए, लोगों को संदेश भेजे, मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन किया, वर्चुअल रैलियाँ कीं, हमारी प्रचार सामग्री मतदाताओं तक पहुंचाई और प्रचार के लिए लोगों के घरों तक पहुँचे.”
उन्होंने कहा, “बाइडन की जीत में अमेरिकी युवाओं का बड़ा योगदान है. उन्हें घरों से वोटिंग सेंटर्स तक लाना एक चुनौती थी. क़रीब 53 प्रतिशत युवा (18 से 29 साल के) वोटर्स ने इस चुनाव में वोट किया जो 2016 के चुनाव से तो ज़्यादा है ही, बल्कि अमेरिका के इतिहास में भी सबसे अधिक है.”
उन्होंने अंत में कहा, “इन लोगों की उम्मीदों को पूरा करने का असल संघर्ष अब शुरू होता है.”
उन्होंने कहा कि डेमोक्रैटिक पार्टी की सरकार अगले कुछ हफ़्तों में एक व्यापक एजेंडा तैयार करेगी जिसे पहले 100 दिन में लागू किया जायेगा.
उन्होंने कहा, “पार्टी इस एजेंडे में युवाओं और कोरोना महामारी से प्रभावित लोगों का विशेष ध्यान रखेगी.”