अमेरिका चुनाव: क्या बाइडन के नेतृत्व में बदल सकती है अमेरिका की विदेश नीति
राष्ट्रपति पद के लिए जो बाइडन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है जिसके बाद ट्रंप ने कहा है कि मीडिया में बाइडन के समर्थक उनकी मदद कर रहे हैं.
लाइव कवरेज
अब से थोड़ी देर में देश को संबोधित करेंगे बाइडन
जो बाइडन अब से थोड़ी देर में चुने गए राष्ट्रपति के तौर पर देश को संबोधित करने वाले हैं. इस दौरान उनके साथ उप-राष्ट्रपति चुनी गईं कमला हैरिस भी होंगी.
डेलावेयर के विलमिंगटन में यूरोपीय समय के अनुसार 20:00 बजे वो लोगों को संबोधित करेंगे.
बाइडन की पत्नी जिल बाइडन और कमला हैरिस के पति डॉग एमहॉफ़ भी उनके साथ स्टेज पर मौजूद रहेंगे.
इमेज स्रोत, Reuters
क्या बाइडन के नेतृत्व में बदल सकती है अमेरिका की विदेश नीति
इमेज स्रोत, Drew Angerer/Getty Images
बारबरा प्लैट्ट अशर
बीबीसी न्यूज़ संवादादता, डेलावेयर
जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका एक बार फिर पेरिस जलवायु समझौते में शामिल हो सकता है. अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ भी फिर से हाथ मिला सकता है और वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस से निपटने की लड़ाई में नेतृत्व कर सकता है.
बाइडन के चुनाव अभियान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार ये अमेरिकी नेतृत्व बहाल करने की योजना है. साथ ही बाइडन ने ये भी वादा किया है कि वो ट्रंप के लिए गए एकतरफ़ा और विध्वंसकारी फ़ैसलों पर भी फिर से विचार कर सकते हैं.
बीते सालों में अपने मित्र देशों के साथ रिश्तों में जो तल्खी आई है डेमोक्रैटिक पार्टी उसे लेकर काफी गंभीर है. ऐसे में नए प्रशासन की प्रथमिकताओं अपने मित्रों के साथ संबंधों बेहतर और मज़बूत बनाना होगा.
ये भी उम्मीद की जा सकती है कि नीति के मामले में वो कुछ बड़े फ़ैसले लें जैसे जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अधिक फोकस करना और अमेरिका में शरणार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए तैयार होना.
मध्यपूर्व के मामलों में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जैसे कि हो सकता है कि इसराइल को पूरी तरह से समर्थन नहीं दिया जाए, सऊदी अरब और ईरान के साथ सबंधों में भी कुछ बदलाव आ सकता है.
अगर ईरान परमाणु संधि के तहत अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए राज़ी हो जाए तो हो सकता है कि अमेरिका एक बार फिर इस संधि में शामिल हो जाए.
साथ ही बाइडन पहले ही कह चुके हैं कि यमन में सऊदी नेतृत्व में हो रही लड़ाई के लिए वो अमेरिकी मदद को बंद कर सकते हैं.
बाइडन की जीत पर क्या रही अमरीकियों की प्रतिक्रिया
बाइडन के राष्ट्रपति चुनाव जीतने की ख़बर के बाद अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से लोगों के खुशियां मनाने की तस्वीरें आ रही हैं.
तस्वीरों में देखिए कैसे लोगों ने बाइडन की जीत का जश्न मनाया -
इमेज स्रोत, REUTERS/Rachel Wisniewski
इमेज स्रोत, Reu
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज स्रोत, REUTERS/Jeenah Moon
इमेज स्रोत, Alex Wong/Getty Images
ब्रेकिंग न्यूज़, बाइडन का ख़ुद को विजेता बताना ग़लत - ट्रंप
इमेज स्रोत, Alex Wong/Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नतीजों को मानने से इनकार कर दिया है.
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, "हम सबको पता है कि जो बाइडन जल्दबाज़ी में ख़ुद को ग़लत तरीक़े से विजेता बता रहे हैं, मीडिया में उनके समर्थक उनकी मदद करने की इतनी कोशिश क्यों कर रहे हैं. वो नहीं चाहते की सच सामने आए."
"सीधी सी बात है कि ये चुनाव अभी ख़त्म नहीं हुआ है. जो बाइडन को अभी तक किसी भी राज्य से विजेता घोषित नहीं किया गया है. कई राज्यों में फिर से गिनती भी होनी है. ऐसे राज्य भी हैं जहां हमारे कैंपेन ने क़ानूनी तौर पर आपत्तियां भी दर्ज की हैं."
ट्रंप इससे पहले भी वोटों की गिनती को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, हालांकि उन्होंने इससे जुड़ा कोई सबूत नहीं दिया.
ट्रंप के वकील ने भी कहा है कि सोमवार से क़ानूनी लड़ाई शुरू की जाएगी.
कमला हैरिस होंगी अमेरिका की नई उप राष्ट्रपति
ब्रेकिंग न्यूज़, जो बाइडन ने डोनाल्ड ट्रम्प को हराकर जीता अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव
ट्रंप ने कहा, वो बड़े अंतर से चुनाव जीते हैं
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है कि वो आज फ़िलाडेल्फ़िया में एक ‘बड़ी प्रेस कॉन्फ़्रेंस’ करेंगे.
इससे पहले किए गए ट्वीट
में उन्होंने लिखा था कि प्रेस कॉन्फ़्रेंस वकीलों द्वारा होगी लेकिन बाद में
उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया.
इसके अलावा उन्होंने ट्वीट
किया है कि वो बहुत बड़े अंतर से इस चुनाव को जीते हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पेंसिलवेनिया से अधिक
परिणाम जल्द ही आ सकते हैं. जो बाइडन को राष्ट्रपति पद जीतने के लिए सिर्फ़ इस
राज्य की जीत ही काफ़ी होगी.
डेमोक्रैट इस राज्य में
28,833 वोटों से आगे हैं.
ट्रंप ने यह घोषणा अपने
पिछले ट्वीट के बाद की है जिसमें उन्होंने पेंसिलवेनिया समेत कई राज्यों में मतदान
प्रक्रिया में अवैध तरीक़े अपनाने के आरोप लगाए थे. हालांकि, उन चारों ट्वीट पर
ट्विटर ने चेतावनी का लेबल लगा दिया है.
राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी
टीम ने कांटे की टक्कर वाले कई राज्यों में क़ानूनी कार्रवाई शुरू की थी जिसमें से
कुछ को रद्द कर दिया गया है.
ट्रंप ने एक बार फिर ट्वीट करके लगाया ‘गड़बड़ी’ का आरोप
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिका में सुबह होनी
शुरू हो चुकी है और साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से चुनाव में ‘गड़बड़ी’ का आरोप लगाया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना
किसी सुबूत के ट्वीट किया है कि पेंसिलवेनिया की मतगणना में किसी तरह की गड़बड़ी
की गई है.
उन्होंने कई ट्वीट किए हैं
जिनमें से एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “इलेक्शन डे, मंगलवार को रात 8 बजे के बाद 10 हज़ार से अधिक अवैध वोट प्राप्त
किए गए जो पूरी तरह से और आराम से पेंसिलवेनिया और दूसरे कांटे की टक्कर वाले
राज्यों में परिणाम बदलते हैं.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पोस्टल वोट के बारे में कोर्ट ने कहा है कि
पेंसिलवेनिया चुनावी दिन के बाद भी आए बैलेट वोट को गिन सकता है बशर्ते उस पर उस दिन की या उससे पहले का पोस्ट मार्क लगा
हो.
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप की टीम को एक क़ानूनी
मामले में जीत मिली है और उसे पेंसिलवेनिया की मतगणना पर क़रीबी नज़र रखने की अनुमति
मिल गई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने मतगणना के दौरान ‘बुरी चीज़ें’ होने का दावा किया है लेकिन अपने इन ट्वीट्स में उन्होंने कोई सुबूत पेश नहीं
किया है.
ट्रंप के ट्वीट करने के
आधे घंटे के बाद ही ट्विटर ने उनके ट्वीट पर चेतावनी का लेबल लगा दिया. इसमें लिखा
है, “ट्वीट में साझा की गई कुछ
या पूरी सामग्री विवादित है और शायद यह चुनाव या अन्य नागरिक प्रक्रियाओं को
गुमराह भी कर सकती है.”
मतगणना में अब कौन किससे आगे है?
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति
चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए अब इलेक्टोरल वोटों की लड़ाई पांच राज्यों पर
आकर टिक गई है.
‘बैटलग्राउंड स्टेट्स’कहे जा रहे इन राज्यों में जॉर्जिया, पेंसिलवेनिया, नेवाडा, एरिज़ोना और नॉर्थ
कैरोलाइना शामिल हैं.
इनमें से पेंसिलवेनिया या
बाक़ी चार राज्यों में से दो राज्य जीतने पर बाइडन का राष्ट्रपति पद पक्का हो
जाएगा.
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप को
जीत के लिए पेंसिलवेनिया के साथ-साथ चार में से तीन राज्यों में जीत ज़रूर दर्ज
करनी होगी.
अब यह हम आपने पाठकों को
एक बार फिर बता देना चाहेंगे कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए
उम्मीदवार को सबसे अधिक वोटों की ज़रूरत नहीं होती बल्कि उनको इलेक्टोरल कॉलेज वोट
जीतने होते हैं.
अमेरिका के हर राज्य को
उसकी जनसंख्या के हिसाब से इलेक्टोरल वोट तय किए गए हैं. कई राज्यों में अगर किसी
उम्मीदवार को सबसे अधिक पॉपुलर वोट मिलते हैं तो उसे राज्य के सभी इलेक्टोरल कॉलेज
वोट दे दिए जाते हैं. कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट होते हैं जिसमें से राष्ट्रपति
पद के लिए 270 वोटों की ज़रूरत होती है.
बाइडन इस समय पेंसिलवेनिया,
नेवाडा, एरिज़ोना और जॉर्जिया में राष्ट्रपति ट्रंप पर बढ़त बनाए हुए हैं. इनमें
सबसे अधिक बढ़त पेंसिलवेनिया और नेवाडा में है.
अमेरिका चुनाव: जब नतीजे आने में लग गये थे लगभग चार महीने
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, साल 2000 में अल गोर और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बीच हुआ राष्ट्रपति चुनाव अमेरिका के इतिहास में ‘सबसे कड़वाहट भरा’ चुनाव कहा जाता है
कई दिन से अमेरिकी राष्ट्रपति
चुनाव के नतीजों का इंतज़ार हो रहा है, और नतीजा चाहे जो भी निकले, पर यह इंतज़ार
कई लोगों को थकाने वाला लग सकता है.
मगर इस चुनाव की तुलना साल 2000 के
राष्ट्रपति चुनाव से की जाये, तो यह इंतज़ार कम ही लगेगा.
साल 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव
के नतीजे आने में 35 दिन लग गये थे.
उस चुनाव में जॉर्ज डब्ल्यू बुश को
अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने विजेता घोषित किया था और अमेरिका के इतिहास में
ऐसा पहली बार हुआ था.
इमेज स्रोत, Getty Images
7 नवंबर को, चुनाव वाले दिन
डेमोक्रैट नेता अल गोर पॉप्युलर वोट्स के मुताबिक़ जीत रहे थे, पर इलेक्टोरल कॉलेज
वोट्स तक आते-आते, यह टक्कर का मुक़ाबला हो चुका था और पूरा चुनावी नतीजा
फ़्लोरिडा राज्य के 25 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स पर टिका हुआ था.
यह मुक़ाबला इतना क़रीबी था कि मतों
की गणना फिर से करवानी पड़ी थी और अल गोर की टीम ने चार ज़िलों में ‘मैनुअल काउंटिंग’ की अपील की थी जिसके ख़िलाफ़ बुश की टीम ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की
थी.
हफ़्तों बाद, 12 दिसंबर को अमेरिकी
सर्वोच्च न्यायालय ने बुश के पक्ष में नतीजा सुनाया और इस तरह वे अमेरिका के राष्ट्रपति
बने.
अल गोर ने देशभर में वोट अधिक प्राप्त किये थे, लेकिन जॉर्ज
डब्ल्यू बुश ने इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स के ज़रिए राष्ट्रपति पद हासिल कर लिया था.
लेकिन साल 2000 का चुनाव भी अमेरिका के इतिहास में ‘सबसे लंबे इंतज़ार वाला चुनाव’ नहीं था.
साल 1876 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने में चार महीने से कुछ कम वक़्त लगा था. इस
चुनाव को अमेरिका के इतिहास का सबसे लंबा चुनाव कहा जाता है.
यह चुनाव 7 नवंबर 1876 को हुआ था
और इसका नतीजा 2 मार्च 1877 तक भी नहीं आ पाया था.
रिपब्लिकन नेता रदरफ़ोर्ड हेज़ इस
चुनाव में एक इलेक्टोरल कॉलेज वोट से विजेता घोषित किये गए थे और उन्होंने
डेमोक्रैट नेता सैमुअल टिल्डन को इस चुनाव में तब हराया, जब एक द्वि-पक्षीय समिति
ने उनके पक्ष में नतीजा सुनाया था.
बाइडन की आधिकारिक जीत से पहले ही फ़िजी के राष्ट्रपति ने दी बधाई
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
फ़िजी के प्रधानमंत्री फ़्रैंक बेनिमारामा
ने अंतिम निर्णय का इंतज़ार किये बिना, जो बाइडन को अमेरिकी चुनाव का विजेता मानकर,
उन्हें बधाई संदेश भेजा है – जबकि चार राज्यों में मतगणना अभी भी जारी है.
फ़्रैंक बेनिमारामा ने जो बाइडन को
जीत की शुभकामना देते हुए लिखा, “हम मिलकर इस पृथ्वी को जलवायु परिवर्तन से बचाने की कोशिश
करेंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोविड-19 के प्रभाव से बाहर लाने का प्रयास
करेंगे.”
फ़्रैंक बेनिमारामा ने उम्मीद जताई
है कि डेमोक्रैट पार्टी की सरकार बनने पर अमेरिका पेरिस समझौते में वापस लौटेगा.
फ़िजी 1 प्रतिशत से भी कम कार्बन
उत्सर्जन करता है और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ता समुद्र स्तर उसके लिए एक बड़ी
परेशानी है.
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में,
अमेरिका पहला ऐसा देश था जिसने आधिकारिक तौर पर पेरिस समझौते से बाहर जाने की
घोषणा की थी.
पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन के
प्रभाव को कम करने के लिए सभी देशों की ज़िम्मेदारी के तहत हुआ था.
जो बाइडन ने चुनाव प्रचार के दौरान
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को काफ़ी अहमियत दी थी और कहा था कि अगर वे राष्ट्रपति
बने, तो वे अमेरिका को दोबारा इस समझौते में शामिल करेंगे.
फ़्रैंक बेनिमारामा से पहले,
स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री जानेज़ जानसा ने बुधवार को ट्विटर पर डोनाल्ड ट्रंप को
चुनाव जीतने की बधाई दी थी.
उनके इस ट्वीट पर ट्विटर ने यह चेतावनी
जोड़ दी थी कि ‘चुनाव अभी पूरा नहीं हुआ है.’
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
सत्ता का हस्तांतरण बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से होगा: रिपब्लिकन नेता मिच मैक्कॉनेल
इमेज स्रोत, Getty Images
टॉप रिपब्लिकन नेता मिच मैक्कॉनेल
ने कहा है कि ‘अगर जो बाइडन चुनाव जीतते हैं, तो सत्ता का हस्तांतरण
बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से होगा.’
मिच मैक्कॉनेल केंटकी के सीनेटर
हैं. वहाँ उनसे प्रेस के लोगों ने सत्ता के हस्तांतरण से जुड़ा सवाल किया था,
जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “बेशक, यह शांतिपूर्ण तरीक़े से
होगा.”
उन्होंने कहा, “हर चार साल में नये प्रशासन के लिए जनता वोट करती है, तो सीट छोड़ने में या हस्तांतरण में दिक़्क़त क्यों होगी.”
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप का ऐसे
सवालों पर मिला-जुला सा जवाब रहा है.
इस साल की शुरुआत में जब किसी
मौक़े पर उनसे इस बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था, “शांतिपूर्ण हस्तांतरण... मैं चाहूंगा कि ऐसा ही हो,
पर हक़ीक़त में, मैं हस्तांतरण चाहता ही नहीं, क्योंकि मैं जीतने वाला हूँ.”
3 नवंबर से ही डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रैट
नेताओं पर चुनाव में 'धांधली' करने का आरोप लगा रहे हैं, वो भी तब, जब कि वे अपने
दावे को सही साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर पाये हैं. साथ ही वे मतगणना
को भी चुनौती देने की बातें कर रहे हैं.
अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव: हमें अब तक जो पता है...
इमेज स्रोत, Reuters
अगर आप अमेरिकी चुनाव की लाइव कवरेज
का यह पेज अभी जॉइन कर रहे हैं, तो आपका स्वागत है.
छह अमेरिकी राज्यों में मतों की
गणना अब भी जारी है, इसलिए व्हाइट हाउस में किसकी जगह पक्की हुई, यह स्पष्ट रूप से
अभी कहा नहीं जा सकता.
मगर रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड
ट्रंप की तुलना में डेमोक्रैट नेता जो बाइडन व्हाइट हाउस के ज़्यादा क़रीब हैं - नंबर
ऐसा कह रहे हैं.
विजेता को 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स
पाने होंगे और जो बाइडन इस आंकड़े से सिर्फ़ 17 इलेक्टोरल कॉलेज वोट पीछे हैं.
शुक्रवार रात को अपने भाषण में जो बाइडन
ने जीत की घोषणा तो नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि ‘वे स्पष्ट बहुमत से जीतेंगे और इस बात को लेकर वे आश्वस्त हैं.’
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
हालांकि, उन्होंने देश में राजनीतिक विभाजन को देखते हुए अमेरिकी लोगों से अपील की कि ‘वे गुस्से को पीछे छोड़ दें.’
ट्रंप का नाम लिये बिना उन्होंने कहा, “हम प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं, पर दुश्मन हरगिज़ नहीं हैं.”
ट्रंप शुक्रवार को सार्वजनिक तौर पर तो सामने नहीं आये लेकिन ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि बाइडन को ग़लत तरीक़े से जीत का दावा नहीं करना चाहिए. उन्होंने लिखा कि क़ानूनी प्रक्रिया शुरू हो रही है.
इमेज स्रोत, Getty Images
'बैटलग्राउंड राज्यों' यानी उन अमेरिकी राज्यों की अगर बात करें जिन पर अब
चुनाव का अंतिम निर्णय आकर टिक गया है, तो बाइडन उन राज्यों में भी आगे चल रहे
हैं.
पेंसिलवेनिया में फ़िलहाल बाइडन
28,883 वोटों से आगे हैं. बचे हुए राज्यों में से इस राज्य में सबसे ज़्यादा
इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं. इस राज्य में जीतते ही बाइडन बहुमत का आंकड़ा पार कर लेंगे.
एरिज़ोना में बाइडन 29,861 वोटों से
आगे हैं.
बाइडन नवाडा में 22,657 वोटों से आगे
हैं.
जॉर्जिया में दोनों उम्मीदवारों को
मिले वोटों में बड़ा अंतर नहीं है. कुछ घंटे पहले तक मार्जिन क़रीब 4,000 का था जो
अब 7,248 वोटों का हो गया है. हालांकि, जॉर्जिया के अधिकारियों ने कहा है कि उनके
यहाँ फिर से वोटों को गिना जाएगा.
व्हाइट हाउस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ कोरोना संक्रमित पाये गए
इमेज स्रोत, Reuters
व्हाइट हाउस के ‘चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़’ मार्क मेडोज़ के कोरोना वायरस से संक्रमित
होने की ख़बर है.
मार्क मेडोज़ व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के निकटतम
सहयोगियों में से एक हैं.
मार्क मेडोज़ को हालांकि कई सार्वजनिक आयोजनों में बिना
मास्क के देखा गया, पर उन्हें संक्रमण कहाँ से लगा, इसकी पुख़्ता जानकारी अब तक
नहीं मिल पाई है.
व्हाइट हाउस के किसी बड़े अधिकारी को कोविड-19 होने का यह
सबसे ताज़ा मामला है.
अमेरिका में इस महामारी से अब तक लगभग दो लाख 36 हज़ार लोगों
की मौत हो चुकी है. बीते तीन दिन में संक्रमण की दर बढ़ी है और रोज़ाना हज़ारों नए
मामले सामने आ रहे हैं.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, अमेरिका में अब तक क़रीब
98 लाख कोविड केस दर्ज किये जा चुके हैं.
'रिपब्लिकन पार्टी का गढ़' कहे जाने वाले जॉर्जिया में जो बाइडन को अच्छी बढ़त
इमेज स्रोत, Reuters
अमेरिका से मिल रहे चुनावी अपडेट्स से ऐसा लग रहा है कि जो
बाइडन ‘बैटलग्राउंड स्टेट’ जॉर्जिया में भी अच्छी बढ़त बना
लेंगे.
जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, जो बाइडन को
अच्छी बढ़त हासिल होती जा रही है.
पिछली रात तक वे क़रीब चार हज़ार वोटों से आगे थे और 99
प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी थी. अंतिम एक प्रतिशत वोटों की गिनती फ़िलहाल की
जा रही है.
बीबीसी को मिले ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, डेमोक्रैट नेता जो
बाइडन अब डोनाल्ड ट्रंप से क़रीब 7,248 वोटों से आगे हैं.
जॉर्जिया में 16 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं. परंपरागत तौर पर
जॉर्जिया को रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ कहा जाता है जहाँ से 1992 के राष्ट्रपति
चुनाव के बाद से कोई डेमोक्रैट उम्मीदवार नहीं जीत पाया.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
डोनाल्ड ट्रंप के एक ट्वीट का सोशल
मीडिया पर काफ़ी मज़ाक बनाया जा रहा है.
ट्रंप ने दो दिन पहले यह ट्वीट
किया था. उन्होंने लिखा था, ‘स्टॉप द काउंट’ यानी मतगणना रोक दी जाये.
डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि 3 नवंबर
(अमेरिकी चुनाव का दिन) के बाद जो भी पोस्टल बैलेट चुनाव केंद्रों तक पहुँचे, उनकी
गिनती ना की जाये.
मगर ट्रंप के इन तीन शब्दों (स्टॉप
द काउंट) को लोगों ने ‘चुरा’ लिया है और वो इनका मज़ाक बना रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
मैक्सिको के एक कार्टूनिस्ट ने इस पर कार्टून बनाया है जिसमें डोनाल्ड ट्रंप एक बॉक्सिंग रिंग में गिरे हुए हैं और स्पैनिश भाषा में रेफ़री से गिनती रोकने के लिए कह रहे हैं.
17 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग ने तो डोनाल्ड ट्रंप को इस ट्वीट के लिए ताना मारा है.
दरअसल, वर्ष 2019 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने टाइम मैग्ज़ीन द्वारा ग्रेटा को ‘पर्सन ऑफ़ द ईयर’ चुने जाने पर उनका मज़ाक उड़ाया था.
उस वक़्त डोनाल्ड ट्रंप ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया था, ठीक उन्हीं शब्दों में ग्रेटा ने डोनाल्ड ट्रंप को जवाब दिया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
तब डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा था, “बिल्कुल बेहूदा. ग्रेटा को अपनी गुस्से की समस्या पर काम करना चाहिए. दोस्तों के साथ कुछ पुरानी फ़िल्में देखें. चिल ग्रेटा, चिल!”
मगर जब गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव कार्यालयों द्वारा वोटों की गिनती जारी रखने पर ‘स्टॉप द काउंट’ वाला ट्वीट किया, तो ग्रेटा ने लिखा, “बिल्कुल बेहूदा. डोनाल्ड को अपनी गुस्से की समस्या पर काम करना चाहिए. दोस्तों के साथ कुछ पुरानी फ़िल्में देखें. चिल डोनाल्ड, चिल!”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 4
बाइडन कर रहे हैं व्हाइट हाउस के लिए तैयारी?
इमेज स्रोत, Getty Images
ख़बरें हैं कि जो बाइडन की टीम ने
राष्ट्रपति पद संभालने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, अगले हफ़्ते व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का एलान हो सकता
है.
वॉशिंगटन और डेलावर में चर्चा हो
रही है कि किसको कौन सा पद मिलेगा.
अख़बार के अनुसार, जो बाइडन अमरीका के
इतिहास में सबसे विविध कैबिनेट बना सकते हैं.
इस साल की शुरुआत में बाइडन ने
अपनी संभावित कैबिनेट को लेकर कहा था, “पुरुष, महिलाएं, समलैंगिक, ब्लैक, व्हाइट, एशियन - कैबिनेट में सब होंगे.”
“ये ज़रूरी है कि कैबिनेट देश की तरह दिखाई दे, क्योंकि हर कोई थोड़ा अलग
नज़रिया लेकर आता है”
टाइम्स को 12 सूत्रों से पता चला
है कि बाइडन पहले व्हाइट हाउस स्टाफ़ को लेकर फ़ैसला करेंगे.
कैबिनेट के लिए नामों
का नवंबर के आख़िर तक एलान होने की संभावना नहीं है.
बर्नी सैन्डर्स ने कहा- बाइडन की जीत तय लेकिन असली संघर्ष अब शुरू होगा
इमेज स्रोत, Reuters
डेमोक्रैटिक पार्टी से राष्ट्रपति की उम्मीदवारी हासिल करने की कोशिश कर चुके बर्नी सैंडर्स ने एक वीडियो संदेश जारी किया है
जिसमें उन्होंने ‘बाइडन की जीत को लगभग पक्का’ बताया है.
यह वीडियो संदेश उन्होंने ट्वीट किया है जिसके साथ उन्होंने
लिखा है, “हम जानते हैं कि संघर्ष अभी ख़त्म नहीं हुआ. संघर्ष
अब शुरू हुआ है.”
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के
लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स की ज़रूरत होती है और जो बाइडन 253 इलेक्टोरल कॉलेज
वोट्स जीत चुके हैं.
नतीजे घोषित होने से पहले ही बर्नी
सैंडर्स ने अपने वीडियो संदेश में जीत के बाद की रणनीति का ज़िक्र किया है.
बर्नी सैंडर्स ने कहा, “बहुत बड़ी संभावना है कि जो बाइडन क़रीब 50 लाख वोटों के मार्जिन से यह चुनाव जीतें.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने कहा, “यह चुनाव सिर्फ़ जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच का चुनाव नहीं था. यह चुनाव यहीं तक सीमित नहीं था कि दोनों नेता अमेरिका के अहम मुद्दों पर क्या सोचते हैं, बल्कि यह चुनाव इससे कहीं ज़्यादा गंभीर था. यह लोकतंत्र को बचाने का चुनाव था और देश में क़ानून-व्यवस्था को बनाए रखने का चुनाव था.”
सैंडर्स ने कहा, “आलोचक और विश्लेषक चाहे जिसे भी इस जीत का श्रेय दें, पर पार्टी के वरिष्ठ सदस्य के तौर पर मैं अमेरिका में ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले संस्थानों को उनकी मेहनत के लिए शुक्रिया अदा करना चाहूँगा क्योंकि उनके बिना यह संभव नहीं हो पाता. उन्होंने ही फ़ोन किए, लोगों को संदेश भेजे, मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन किया, वर्चुअल रैलियाँ कीं, हमारी प्रचार सामग्री मतदाताओं तक पहुंचाई और प्रचार के लिए लोगों के घरों तक पहुँचे.”
उन्होंने कहा, “बाइडन की जीत में अमेरिकी युवाओं का बड़ा योगदान है. उन्हें घरों से वोटिंग सेंटर्स तक लाना एक चुनौती थी. क़रीब 53 प्रतिशत युवा (18 से 29 साल के) वोटर्स ने इस चुनाव में वोट किया जो 2016 के चुनाव से तो ज़्यादा है ही, बल्कि अमेरिका के इतिहास में भी सबसे अधिक है.”
उन्होंने अंत में कहा, “इन लोगों की उम्मीदों को पूरा करने का असल संघर्ष अब शुरू होता है.”
उन्होंने कहा कि डेमोक्रैटिक पार्टी की सरकार अगले कुछ हफ़्तों में एक व्यापक एजेंडा तैयार करेगी जिसे पहले 100 दिन में लागू किया जायेगा.
उन्होंने कहा, “पार्टी इस एजेंडे में युवाओं और कोरोना महामारी से प्रभावित लोगों का विशेष ध्यान रखेगी.”
बाइडन समर्थकों ने पेंसिलवेनिया में जश्न मनाना शुरू किया
इमेज स्रोत, Reuters
पेंसिलवेनिया में डेमोक्रैट नेता
जो बाइडन के समर्थकों ने पार्टियाँ शुरू कर दी हैं.
पेंसिलवेनिया में जो बाइडन डोनाल्ड
ट्रंप से आगे निकल गये हैं. हालांकि, वोटों की गिनती अब भी जारी है. पर दोनों
नेताओं के बीच वोटों का अंतर धीरे-धीरे बढ़ा है.
शुक्रवार को अमेरिकी सर्वोच्च
न्यायालय ने रिपब्लिकन पार्टी की वो याचिका ख़ारिज कर दी थी, जिसमें उन पोस्टल
बैलेट्स को मतगणना से बाहर रखने की गुज़ारिश की गई थी जो चुनाव के बाद चुनावी
कार्यालयों तक पहुँचे.
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच आज एक
बार फिर इस मामले की सुनवाई करेगी – लेकिन इसकी संभावना कम ही लगती है कि वो देर
से आये पोस्टल बैलेट्स को गिनती से बाहर करे.
पेंसिलवेनिया के चुनावी कार्यालय के पास बंदूकें लेकर पहुँचे दो लोगों पर मुक़दमा दर्ज
इमेज स्रोत, Reuters
अमेरिकी अभियोजकों ने दो
व्यक्तियों पर मुक़दमा दर्ज किया है. इन दोनों को पेंसिलवेनिया पुलिस ने गुरुवार
रात गिरफ़्तार किया था.
इन दोनों के पास बंदूकें थीं. दोनों
को पुलिस ने फ़िलाडेल्फ़िया शहर के पेंसिलवेनिया कनवेंशन सेंटर के पास से
गिरफ़्तार किया था, जहाँ वोटों की गिनती अब भी जारी है.
पुलिस के अनुसार, एफ़बीआई को सूचना
मिली थी कि बंदूकधारी लोगों का एक समूह वर्जीनिया शहर से वहाँ पहुँच रहा है जिन्हें पेंसिलवेनिया राज्य में हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं है.
इससे पहले स्थानीय पुलिस को
कनवेंशन सेंटर के पास बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने आसपास के
इलाक़े को खाली करा लिया था. हालांकि, छानबीन में पुलिस को कोई विस्फोटक बरामद
नहीं हुआ था.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और
डेमोक्रैट नेता जो बाइडन के समर्थक शहर में कुछ जगहों पर लगातार प्रदर्शन कर रहे
हैं.
जो बाइडन के समर्थकों का कहना है
कि हर वोट की गिनती की जानी चाहिए.
पेंसिलवेनिया में 20 इलेक्टोरल
कॉलेज वोट्स हैं और इन्हें मौजूदा चुनाव में निर्णायक माना जा रहा है.