अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावः अब कुछ ही राज्यों के नतीजों का इंतज़ार बाकी
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के आ रहे नतीजों के दौरान दोनों प्रमुख उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी जीत के दावे कर दिए हैं और क़ानूनी लड़ाई के लिए भी तैयार हैं.
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जैसा कि आप जानते हैं फ़िलहाल जो बाइडन आगे चल रहे हैं लेकिन अभी तक वोटों की गिनती जारी है. इसलिए फ़ाइनल नतीजे जानने के लिए आपको अभी कुछ और घंटे या दिनों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है.
लेकिन अब आपसे विदा लेने का समय आ गया है.
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श्रुति मेननबीबीसी न्यूज, दिल्ली
जाने माने बिज़नेसमैन आनंद महिंद्रा ने बुधवार को एक ट्वीट किया जिसमें एक ज्योतिषी ने दावा किया था कि अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप जो बाइडन को हरा कर दोबारा राष्ट्रपति बन जाएंगे.
इसके बाद सोशल मीडिया पर भारत में इसे लेकर कई प्रतिक्रियाएं आईं. महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ज्योतिषीय गणना वाली एक तस्वीर ट्वीट करते हुए ट्विटर पर लिखा कि इस ज्योतिषी का पूर्वानुमान पिछले हफ़्ते काफ़ी शेयर किया जा रहा था.
उन्होंने ज्योतिषी का नाम नहीं बताते हुए लिखा कि अमेरिकी चुनाव में अगर राष्ट्रपति ट्रंप जीतने में कामयाब हुए तो यह ज्योतिष प्रसिद्ध हो जाएगा.
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जो तस्वीर उन्होंने शेयर की उसमें ज्योतिष ने भविष्यवाणी की कि कांटे की टक्कर के बाद जो बाइडन को हराकर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव जीत जाएंगे.
ख़बर लिखे जाने तक महिंद्रा के इस ट्वीट को 7.2 हज़ार से अधिक लोगों ने पसंद किया. वहीं रीट्वीट की संख्या भी 850 से अधिक हो चुकी है.
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अमेरिकी चुनाव परिणाम की दिशा को तय करने में अब कुछ मुट्ठी भर राज्यों के नतीजों का इंतज़ार है.
जो बाइडन फ़िलहाल 243 इलेक्टोरल कॉलेज के वोट के साथ डोनाल्ड ट्रंप (214) पर बढ़त बनाए हुए हैं.
चुनाव के बाद व्हाइट हाउस में कौन रहेगा इसके लिए जादुई आंकड़ा 270 इलेक्टर्स वोटों का है.
एरिज़ोना, जॉर्जिया, नेवादा, पेंसिलवेनिया, नॉर्थ कैरोलाइना और विस्कॉन्सिन वो राज्य हैं जिनके हाथ में अब राष्ट्रपति बनाने की कुंजी है. कौन जीतेगा और कौन पीछे छूट जाएगा यह इन्हीं राज्यों के नतीजों पर निर्भर है लेकिन फ़िलहाल कई संभावित रास्ते दिख रहे हैं.
फ़िलहाल बाइडन आगे हैं और ट्रंप विस्कॉन्सिन (10) में हार सकते हैं. लेकिन 270 का आंकड़ा हासिल करना है तो ट्रंप को जॉर्जिया (16 वोट), नॉर्थ कैरोलाइना (15), पेंसिलवेनिया (20) और एरिज़ोना (11) या नेवादा (6) में से कोई एक में जीत हासिल करना ज़रूरी है.
बाइडन पेंसिलवेनिया के बग़ैर भी जीत हासिल कर सकते हैं. हालांकि यहां के नतीजे फ़िलहाल नहीं आने जा रहे. लेकिन उन्हें एरिज़ोना, जॉर्जिया और नेवादा में जीतना ही होगा.
कुछ समाचार संस्थानों ने विस्कॉन्सिन और एरिज़ोना में बाइडन की जीत का अनुमान लगाया है लेकिन बीबीसी का मानना है कि इसके बारे में कोई मत बनाना अभी जल्दबाज़ी होगी.
अगर बाइडन विस्कॉन्सिन जीत जाते हैं तो भी उन्हें एरिज़ोना और नेवादा में जीतना ज़रूरी होगा.
मतपत्रों की गिनती अभी जारी है और उम्मीद है कि अधिकारी देर रात तक (भारतीय समयानुसार) इस पर अपडेट जारी करेंगे.
अधिकारियों के मुताबिक़ जॉर्जिया में ट्रंप की बढ़त धीरे धीरे कम हो रही है. ख़बर लिखे जाने तक यह बढ़त महज़ 18590 वोटों की रह गई है.
हालांकि नेवादा में जहां कुछ देर पहले तक यह अंतर बाइडन के पक्ष में 8000 वोटों का था वहीं ख़बर लिखे जाने तक यह 7647 वोटों पर आ गया.
पेंसिलवेनिया में अब तक 90 फ़ीसद वोटों की गिनती की जा चुकी है. वहां ट्रंप बढ़त में हैं लेकिन दोनों उम्मीदवारों की बीच अंतर लगातार कम होता जा रहा है. कुछ देर पहले जो अंतर 164,414 वोटों का था वो अब (20:00 IST) 164084 पर आ गया है.
वहीं एरिज़ोना में 90 फ़ीसद वोटों की गिनती के बाद बाइडन 80 हज़ार वोट से लीड कर रहे हैं.
नॉर्थ कैरोलाइना में अधिकांश वोट गिने जा चुके हैं. वहां ट्रंप को 77,000 वोटों की बढ़त हासिल है.
रायटर्स न्यूज़ एजेंसी ने अब तक विस्कॉन्सिन के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया है जहां जो बाइडन के बारे में कहा जा रहा है कि वो 20 वोटों से आगे हैं. लेकिन अन्य न्यूज़ एजेंसियां बता रही हैं कि बाइडन वहां जीत गए हैं.
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फ़र्ज़ी दावों से दूषित हुआ अमेरिकी चुनावः अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक
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एक अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक मिशन का कहना है कि अमेरिकी चुनाव 'क़ानूनी अनिश्चितता और लोगों के विश्वास को कम करने के प्रयासों से दूषित' थे.
ऑर्गेनाइजेशन फ़ॉर सिक्युरिटी ऐंड कोऑपरेशन इन यूरोप (OSCE) ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों के बावजूद चुनाव 'प्रतिस्पर्धी और व्यवस्थित' था.
लेकिन साथ ही यह भी कहा गया कि, "इसके साथ ही यह पूरा अभियान गहरे राजनीतिक ध्रुवीकरण से घिरा था और अक्सर इसमें व्यापक नीतिगत बहसों की कमी दिखी लेकिन इसमें व्यवस्थित धोखाधड़ी के आधारहीन आरोप शामिल रहे."
मंगलवार के मतदान से पहले, पोस्टल बैलट और अर्ली वोट को लेकर कई मुक़दमें किए गए जो मतपत्रों को पोस्ट करने और उनके प्राप्त होने की समय सीमा और उस पर गवाह के हस्ताक्षर जैसे मुद्दों पर आधारित थे.
रिपब्लिकन पार्टी के राज्यों का कहना है कि मतों की धोखाधड़ी को रोकने के लिए प्रतिबंधों की ज़रूरत थी. वहीं डेमोक्रैटिक पार्टी का कहना है कि यह लोगों को उनके मताधिकार के प्रयोग को रोकने जैसा प्रयास था.
चुनाव की रात अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे वोटों को 'अमेरिकी जनता के साथ धोका' बताया था.
ट्रंप का प्रचार दल पेन्सिलवेनिया, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया और मिशिगन में इन मतों की गिनती को इस दावे के साथ रोकना चाहता है कि यह मतों की धोखाधड़ी है. हालांकि उसके पास इसके कोई सबूत नहीं हैं.
अमेरिकी चुनावः एरिज़ोना में डोनाल्ड ट्रंप से आगे निकले जो बाइडन
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एरिज़ोना में वोटों की गिनती के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़ डेमोक्रैटिक जो बाइडन ने वहां अब बढ़त बना ली है.
राज्य की सबसे बड़ी आबादी वाले मैरीकोपा काउंटी ने बुधवार की रात और गुरुवार की सुबह एक लाख 40 हज़ार और मतपत्रों के नतीजे जारी किए. मैरीकोपा काउंटी में डोनाल्ड ट्रंप के मुक़ाबले जो बाइडन के पक्ष में अब तक 74,514 वोट अधिक पड़े हैं.
बात अगर पूरे राज्य की करें तो बाइडन की यहां कुल बढ़त 68 हज़ार मतों की है. हालांकि मैरीकोपा काउंटी ने नतीजों के जो दो नए बैच जारी किए हैं उनमें ट्रंप के वोटों का हिस्सा 57 फ़ीसद था. लेकिन पूरे राज्य में दोनों प्रतिद्वंद्वियों के मतों का अंतर इससे कम नहीं हुआ.
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अब जीतने के लिए ट्रंप को एरिज़ोना के डेमोक्रैटिक पार्टी के समर्थन वाले बाक़ी हिस्सों में भी उसी अनुपात में वोट चाहिए होंगे.
हालांकि बीबीसी का अब भी यह मानना है कि एरिज़ोना के चुनाव नतीजों के बारे में कोई मत बनाने में अभी जल्दबाज़ी होगी.
वहीं एसोसिएट प्रेस न्यूज़ एजेंसी के ज़रिए कुछ प्रतिष्ठानों ने एरिज़ोना के नतीजों में डेमोक्रैटिक पार्टी की जीत का अनुमान लगा चुके हैं.
हमने पहले ही बताया है कि मैरीकोपा काउंटी रिकॉर्ड दफ़्तर के बाहर रात को वोटों की गिनती के दौरान क़रीब 200 रिपब्लिकन समर्थकों ने प्रदर्शन किया.
ट्रंप के ये समर्थक सोशल मीडिया पर उस ग़लत दावों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के वोटों की गिनती नहीं किए जाने की बात कही गई थी.
एरिज़ोना मतगणना केंद्र के बाहर ट्रंप समर्थकों का प्रदर्शन
एरिज़ोना में मैरीकोपा काउंटी रिकॉर्डर दफ़्तर के बाहर क़रीब 200 रिपब्लिकन समर्थकों ने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में प्रदर्शन किया.
दफ़्तर के भीतर इस दौरान मतपत्रों की गिनती चल रही थी.
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प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया पर किए गए उन दावों का जवाब दे रहे थे जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के वोटों की गिनती नहीं किए जाने की बात कही गई थी. हालांकि सोशल मीडिया पर किए गए इस दावे का कोई प्रमाण नहीं है.
अधिकारियों ने दोहराया कि वे प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सभी वोटों की गिनती कर रहे हैं. अधिकारियों को पुलिस बुलानी पड़ी लेकिन इस दौरान विरोध प्रदर्शन बंद नहीं हुए.
अमेरिका में मतगणना के दौरान डोनाल्ड ट्रंप का वो बयान जो विवादों में है
एरिज़ोना ने 'शारपाइ गेट' के दावों को ख़ारिज किया
एरिज़ोना के चुनाव अधिकारियों ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया है कि शारपाइ (स्थायी मार्कर) से चिह्नित बैलेट पेपर्स को वहां वोटों की गिनती के दौरान अयोग्य घोषित किया गया है.
ट्विटर पर एक पोस्ट में राज्य के शीर्ष चुनाव अधिकारी केटी हॉब्स ने कहा कि एरिज़ोना शारपाइ के इस्तेमाल वाले मतों को अयोग्य नहीं ठहराएगा.
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सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि एरिज़ोना में रिपब्लिकन मतदाताओं को उनका मतपत्र अपठनीय बनाने के उद्देश्य से शारपाइ (स्थायी मार्कर) दिया गया था.
एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा गया, "मतदानकर्मी मतदाताओं को शारपाइ दे रहे थे, जिससे स्याही बह रही थी. जो भी वोट शारपाइ से मार्क किया गया था उन्हें पढ़ा नहीं जा सकता है."
वहीं डेमोक्रेट्स ने कहा कि शारपाइ गेट का दावा एक झूठी ख़बर कैंपेन और बाइडन को आगे बढ़ने से रोकने का हिस्सा था.
एरिज़ोना में 85% वोटों की गिनती के बाद बाइडन 79,000 वोटों से आगे चल रहे हैं. यहां 1996 को छोड़ कर रिपब्लिकन पार्टी ने 1952 के बाद से सभी चुनाव में जीत दर्ज की है.
अमेरिकी चुनावों में अब तक क्या-क्या हुआ जो आपको जानना ज़रूरी है..
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव
2020 पर हमारी ख़ास लाइव कवरेज को अगर आपने अभी देखना शुरू किया है तो आइये हम बताते
हैं कि अब तक क्या-क्या हो चुका है.
एक दिन के बाद चुनाव
परिणामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. छह राज्यों में मतगणना जारी है और यही
राज्य उलटफेर कर सकते हैं. जो बाइडन के लिए राष्ट्रपति पद की राह थोड़ी आसान नज़र
आ रही है लेकिन कभी भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खेल पलट सकते हैं.
बाइडन के पास इस समय 243
इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं जबकि ट्रंप के पास 214 वोट हैं. व्हाइट हाउस पहुंचने के
लिए 270 वोटों की ज़रूरत है.
मिशिगन पर जो बाइडन की जीत
की संभावना है. पारंपरिक रूप से इस राज्य को डेमोक्रेटिक माना जाता है लेकिन 2016
में हिलेरी क्लिंटन इसे हार गई थीं.
जॉर्जिया में अधिकारियों
ने कहा है कि जब तक सभी वोट गिन लिए नहीं जाते तब तक वे पूरी रात मतगणना करेंगे.
रात में वहां 90,000 मत बचे हुए थे और ट्रंप की बढ़त कम होकर 28,000 हो गई है.
नेवाडा में कांटे की टक्कर
है जहां पर बाइडन की बढ़त सिर्फ़ 7,647 वोटों की है. अधिकारियों ने बुधवार को कहा
कि अगला परिणाम गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे बताया जाएगा.
एरिज़ोना में अधिकतर वोटों
की गिनती जारी है लेकिन यह साफ़ नहीं है कि जीत का अनुमान कब तक आएगा.
विस्कॉन्सिन में हमारे
सहयोगी रॉयटर्स ने कोई अनुमान नहीं लगाया है. वहां पर बाइडन की 20,510 वोटों की
बढ़त है.
पेंसिल्वेनिया में ट्रंप
की बढ़त कम हो गई है. वहां पर 90 फ़ीसदी मतों की गणना हो चुकी है और ट्रंप
1,64,414 वोटों से आगे हैं. बुधवार की दोपहर ट्रंप यहां पर 3,79,639 वोटों से आगे
थे.
नॉर्थ कैरोलाइना में 96
फ़ीसदी मतों की गिनती हो चुकी है और ट्रंप की 76,737 वोटों की बढ़त बनी हुई है.
ट्रंप के कैंपेन ने
जॉर्जिया में क़ानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. यह ऐसा चौथा राज्य जहां पर उनकी टीम
ने कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं.
डेट्रॉयट, मिशिगन में
दोनों उम्मीदवारों के समर्थकों ने प्रदर्शन किया है. वहीं फ़िलाडेल्फ़िया,
पेंसिल्वेनिया में मतगणना केंद्रों के सामने डेमोक्रेट समर्थक इकट्ठा हुए हैं और ‘मेरा वोट गिनो’के नारे लगाए हैं और इन नारों की तख़्तियां ले रखी हैं. एरिज़ोना में ट्रंप के
समर्थकों ने मतगणना केंद्रों के बाहर प्रदर्शन किया है और मतगणना बंद करने की मांग
की है.
सीनेट में रिपब्लिकन्स ने
अपनी पकड़ मज़बूत रखी है जिसके बाद कांग्रेस में बदलाव होने की संभावना बहुत कम है.
डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन को जीत के लिए अब क्या चाहिए?
वीडियो कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन को जीत के लिए अब क्या चाहिए?
राष्ट्रपति चुनाव से इतर कांग्रेस चुनाव में किसका है दबदबा?
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इमेज कैप्शन, मेन सीट से रिपब्लिकन उम्मीदवार सुसैन कॉलिन्स का दबदबा कायम है
अमेरिकी राष्ट्रपति
चुनावों के अलावा अमेरिका में सीनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स की सीटों के लिए भी चुनाव हुए हैं.
सीनेट में रिपब्लिकन का
बहुमत है तो वहीं हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स का क़ब्ज़ा है. डेमोक्रेट्स
को उम्मीद थी कि वह सीनेट में अपना दबदबा बना लेंगे ताकि अगले राष्ट्रपति के एजेंडे
को वह अपने हिसाब से रोक सके या आगे बढ़ा सके.
पार्टी को कांग्रेस के
ऊपरी सदन सीनेट में चार ज़रूरी सीटों को जीतने की उम्मीद थी लेकिन रिपब्लिकन
उम्मीदवारों ने अपनी सीट पर बढ़त बना रखी है.
वहीं, निचले सदन हाउस ऑफ़
रिप्रेज़ेंटेटिव्स में कुछ सीटों की हार के साथ डेमोक्रेट्स का बहुमत बना रहने की
संभावना है.
अभी भी दोनों सदनों के सभी
वोट नहीं गिने जा सके हैं इसलिए अंतिम परिणाम सामने नहीं आया है.
डेमोक्रेट्स को मेन सीट से
नाउम्मीदी हाथ लगी है जहां पर रिपब्लिकन सीनेटर सुज़ैन कॉलिन्स ने अपनी सीट बचा ली
है. इस सीट पर डेमोक्रेट उम्मीदवार सारा गिडियन की कड़ी चुनौती थी.
सीनेट की 35 में से 23
सीटों पर रिपब्लिकन और 12 पर डेमोक्रेट्स की जीत की उम्मीद है.
सीनेटर 6 साल के लिए चुने
जाते हैं और हर दो साल पर सीनेट की एक तिहाई सीटें खाली होती हैं जिन पर दोबारा
चुनाव होता है.
डेमोक्रेट्स का बीते 6 सालों से सीनेट में बहुमत नहीं है.
जीत से पहले ही बाइडन ने ट्रांज़िशन वेबसाइट शुरू की
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अमेरिकी राष्ट्रपति
चुनावों में जो भी उम्मीदवार जीतता है वो जनवरी में व्हाइट हाउस पहुंचने की तैयारी
से पहले अपनी एक ट्रांज़िशन टीम का गठन करता है.
जैसा कि हम जानते हैं कि
चुनाव में अभी तक कोई विजेता नहीं है लेकिन दोनों उम्मीदवारों को भरोसा है कि वे
जीतेंगे. दोनों इस तह का नज़रिया पेश कर रहे हैं ताकि पद की दौड़ में वे आगे
दिखें.
अब जो बाइडन ने ‘बिल्ड बैक बेटर’ नाम से ट्रांज़िशन वेबसाइट शुरू की है.
इसमें लिखा है, “देश जिस तरह के संकट से गुज़र रहा है उनमें महामारी
से लेकर आर्थिक मंदी और जलवायु परिवर्तन से लेकर नस्लीय अन्याय जैसे गंभीर मुद्दे
शामिल हैं. ट्रांज़िशन टीम पूरी तेज़ी के साथ तैयारी करेगी जिससे बाइडन-हैरिस
प्रशासन पहले दिन से काम शुरू कर सके.”
बुधवार को बाइडन ने
दोहराया था कि उनके राष्ट्रपति बनने के पहले दिन ही पेरिस जलवायु समझौते में
अमेरिका दोबारा शामिल होगा.
बुधवार को अमेरिका
आधिकारिक तौर पर इस समझौते से निकल गया था. 2016 में उन्होंने इसका वायदा किया था.
नए अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने भारत के कौन से मुद्दे होंगे अहम?
वीडियो कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने भारत के कौन से मुद्दे होंगे अहम?
ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप और बाइडन में से कौन किस राज्य में आगे?
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अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए बेहद माने जाने वाले अहम राज्यों में से
एक जॉर्जिया के शीर्ष चुनाव अधिकारी ने कहा है कि वहाँ तक़रीबन 2,00,000 वोट अभी गिने
जाने बाक़ी हैं.
ब्रैड रेफ़ेंसपर्गर ने कहा
है कि उन्हें उम्मीद है कि मतगणना अमरीकी समय के अनुसार बुधवार रात और शायद गुरुवार सुबह तक जारी रहने
की संभावना है.
उन्होंने कहा, “तुरंत करना ज़रूरी है
लेकिन उससे भी ज़रूरी है कि सही करना.”
पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन राज्य जॉर्जिया में
ट्रंप 38,996 वोटों से आगे हैं.
इसके अलावा नॉर्थ कैरोलाइना, विस्कॉन्सिन, नेवाडा
और पेंसिल्वेनिया में मतगणना जारी है:
नॉर्थ कैरोलाइना में ट्रंप
76,737 वोटों से आगे हैं, वहां के अधिकारियों ने कहा है कि अंतिम परिणाम 13 नवंबर
से पहले नहीं आएंगे.
विस्कॉन्सिन में बाइडन
20,510 वोटों से आगे हैं. वहां पर 99 फ़ीसदी बैलट की गिनती हो चुकी है.
नेवाडा में 85 फ़ीसदी बैलट
की गिनती हो चुकी है और वहां पर बाइडन 7,467 वोटों से आगे हैं.
पेंसिल्वेनिया में ट्रंप
की 1,87,000 वोटों की बढ़त है लेकिन लाखों वोटों का गिना जाना अभी बाक़ी है जिनमें
अधिकतर डेमोक्रेटिक क्षेत्र के पोस्टल बैलट हैं.
फ़िलाडेल्फ़िया में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे, हर वोट की गिनती की माँग
चुनाव परिणामों के लिए
बेहद अहम राज्य पेंसिल्वेनिया के फ़िलाडेल्फ़िया में मतगणना के दौरान सैकड़ों
प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे हैं और उनकी माँग है कि हर एक वोट गिना जाए.
ट्रंप के चुनावी कैंपेन ने
विस्कॉन्सिन, मिशिगन और जॉर्जिया समेत पेंसिल्वेनिया में बचे बैलट न गिनने के लिए
क़ानूनी लड़ाई शुरू कर दी है.
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बीबीसी पत्रकार हेना
लॉन्ग-हिगिन्स और शिनयेन यू वहां पर थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की.
इनमें से अधिकतर डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन के समर्थक थे.
27 साल के मार्क वॉल ने कहा कि
वो कुछ ‘बेहतर महसूस’ कर रहे हैं.
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उन्होंने कहा, “मैं प्रक्रिया से
हतोत्साहित नहीं हूं. मुझे पता है कि हम महामारी में हैं. मुझे पता है कि अगर ऐसी
चीज़ें होती हैं तो उसके लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं है.”
प्रदर्शन अभी तक शांतिपूर्ण हैं और वहाँ पर भारी
सुरक्षाबल भी तैनात हैं.