आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट की ओर से ज़मानत दिए जाने पर दिल्ली सरकार में मंत्री
सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया दी है.
सौरभ भारद्वाज
ने मंगलवार को कहा, ''आज दो अप्रैल को मंगलवार के दिन आम आदमी पार्टी के ऊपर जो संकट थे, वो संकटमोचक
हनुमान जी ने कुछ कम किए.''
सुप्रीम कोर्ट
में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि ईडी के डायरेक्टर ने संजय सिंह को
ज़मानत दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई.
कोर्ट में हुई
सुनवाई के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सौरभ भारद्वाज ने कहा, ''सुप्रीम
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार, ईडी से पूछे जिसके जवाब उनके पास नहीं
थे. कोर्ट के प्रश्न थे कि दिनेश अरोड़ा ने जेल में बंद होने के बाद, सरकारी गवाह
बनने के बाद 10 बयान दिए. इन 10 बयानों में संजय सिंह के बारे में कोई
बयान नहीं दिया गया.''
वो बोले, ''फिर दिनेश अरोड़ा को गिरफ़्तार किया गया और 11वां बयान लिया गया. इस बयान के अंदर वो बहुत सी गोलमोल बात कहता है. वो कहता है कि मेरे एक आदमी ने संजय सिंह के एक आदमी को एक-एक करोड़ रुपये दो बार दिए. उसका जो आदमी है, संजय सिंह का जो आदमी है, उसकी कोई गवाही नहीं. वो एक करोड़ रुपये कहां गए, कोई रिकवरी नहीं हुई, कोई ज़ब्ती नहीं हुई. सिर्फ एक आदमी का बयान?''
संजय सिंह को दिनेश अरोड़ा की गवाही के आधार पर अक्टूबर 2023 में गिरफ़्तार किया गया था.
ये गिरफ़्तारी दिल्ली के कथित शराब घोटाले केस में हुई थी. इसी मामले में आम आदमी पार्टी के दूसरे बड़े नेताओं को भी गिरफ़्तार किया गया है.
हाल ही में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी गिरफ़्तार किया गया था.
सौरभ भारद्वाज बोले, ''10 बार दिए बयानों में संजय सिंह का नाम नहीं आता है. मगर दबाव डालकर 11वें बयान में संजय सिंह का नाम लिया जाता है और आप राज्यसभा का वो सांसद उठा लो, जो बीजेपी से सवाल पूछता है.''
वो कहते हैं, ''सुप्रीम कोर्ट का दूसरा सवाल था कि क्या कोई पैसा रिकवर हुआ. अगर नहीं हुआ तो पीएमएलए क्यों लगाया गया?सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये कैसे मान लिया जाए कि गवाह ने 11 बयान दिए, उसमें से 10 आप कूड़े के डिब्बे में डाल दो. 11वां बयान, जो संजय सिंह के ख़िलाफ़ दिया गया वो रिकॉर्ड में क्यों नहीं डाला गया.''
सौरभ भारद्वाज ने कहा- केंद्र सरकार के पास इन सवालों के कोई जवाब नहीं थे, तब ईडी के पास कोई रास्ता नहीं बचा था.