रविवार को टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की
सभी 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए. इनमें सात मौजूदा सांसदों को टिकट
नहीं दिया है.
जिनको टिकट नहीं दिया गया उनमें अभिनेत्री
नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती का भी नाम है जो पिछली बार सांसद बनने पर काफ़ी चर्चा
में रही थीं.
पश्चिम बंगाल में ये दोनों
अभिनेत्रियां ख़ासी लोकप्रिय हैं.
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता
नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते हैं कि मिमी के सांसद रहते जादवपुर संसदीय
क्षेत्र में पार्टी की आंतरिक गुटबाजी काफ़ी तेज़ हो गई थी. उसके बाद मिमी ने बीते
दिनों ख़ुद ममता बनर्जी से मिल कर अपना इस्तीफ़ा सौंपा था और चुनाव नहीं लड़ने की
इच्छा जताई थी.
जादवपुर सीट पर इस
बार मिमी चक्रवर्ती की जगह एक अन्य अभिनेत्री सायनी घोष को टिकट दिया है.
घोष ने कहा, "मैं ख़ुद जादवपुर की रहने वाली हूं. मिमी चक्रवर्ती ने सोमनाथ चटर्जी को हराकर यह सीट जीती थीं. उन्होंने यहां कई काम किए. कुछ कर पाईं कुछ नहीं कर पाईं. मैं आश्वासन देती हूं कि आगे बहुत बढ़िया होने वाला है."
दूसरी ओर, बशीरहाट की सांसद नुसरत जहां के ख़िलाफ़ पार्टी के भीतर से काफ़ी शिकायतें मिली थीं. ख़ासकर संदेशखाली की घटना में उनकी भूमिका के लिए काफी आलोचना हो रही थी.
संदेशखाली इलाका बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र में ही आता है. इस दौरान नुसरत वहां जाने की बजाय सोशल मीडिया पर व्यस्त थीं.
उनको दोबारा उम्मीदवार बनाने की स्थिति में विपक्ष को मुद्दा तो मिलता ही, स्थानीय लोगों में भी उनके प्रति काफ़ी नाराज़गी थी. इससे नुकसान का अंदेशा था.
पार्टी ने नुसरत जहां की जगह हाजी नुरूल इस्लाम को मैदान में उतारा है.
टीएमसी ने असनसोल से अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ही दोबारा मैदान में उतारा है जबकि बर्दवान-दुर्गापुर सीट पर पार्टी ने पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को टिकट दिया है.
वहीं कीर्ति आज़ाद ने कहा, "दीदी ने मुझ पर विश्वास किया है, मैं उनका धन्यवाद करता हूं. दुर्गापुर के लोग हमें आशीर्वाद दे ताकि हम उनकी सेवा कर सकें."
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "बीजेपी झूठे वादे करके लोगों को बरगलाने का प्रयास करती है. 1700 वोट से पिछली बार जीती थी."
पार्टी ने मुस्लिम बहुल बहरमपुर सीट पर क्रिकेटर यूसुफ़ पठान को मैदान को में उतारा है. बहरमपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अधीर रंजन चौधरी की पारंपरिक सीट रही है.
महुआ मोइत्रा को उनकी पुरानी सीट कृष्णनगर से ही फिर टिकट दिया गया है.
इस सूची से साफ़ है कि राज्य में विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे का मामला भी खटाई में पड़ गया है.