पश्चिम बंगाल : पुलिस अफसर को ‘ख़ालिस्तानी’ कहने के मामले ने तूल पकड़ा, अब तक क्या हुआ
पश्चिम बंगाल में आईपीएस अधिकारी जसप्रीत सिंह को कथित तौर पर ‘ख़ालिस्तानी’ कहे जाने के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है. अब पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस पर एक्शन लेने का एलान किया है.
पश्चिम बंगाल पुलिस ने ट्वीट करके कहा है,'' पश्चिम बंगाल पुलिस बिरादरी इस वीडियो को शेयर करते हुए गुस्से में है. इस वीडियो में हमारे एक अफसर को राज्य में विपक्ष के नेता 'खालिस्तानी' कह रहे हैं. उनकी गलती क्या है. यही कि वो एक स्वाभिमानी सिख और काबिल पुलिस अफसर हैं जो कानून का पालन कराने की कोशिश कर रहे हैं.
ट्वीट में लिखा है,'' ये टिप्पणी शरारतपूर्ण और नस्लीय के साथ सांप्रदायिक तौर पर भड़काऊ भी है. ये आपराधिक कृत्य है. हम बिना किसी कारण के किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान पर हमला करने की निंदा करते हैं. ये हमें कतई मंजूर नहीं है. ये लोगों को भड़काने वाला काम है. हम इसके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई शुरू कर रहे हैं.''
इस वीडियो में दिख रहा है कि मंगलवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी के कई नेता संदेशखाली जा रहे हैं.
इसी दौरान बीजेपी का कोई कार्यकर्ता आईपीएस अधिकारी जसप्रीत सिंह को ‘खालिस्तानी’ कह कर संबोधित करता सुनाई पड़ रहा है. इसके बाद जसप्रीत इसे लेकर खासे नाराज दिखाए देते हैं.
वो कहते दिख रहे हैं उनके धर्म पर टिप्पणी क्यों की जा रही है. उन्हें खालिस्तानी क्यों कहा जा रहा है.
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लेकर ट्वीट किया और कहा, ''बीजेपी विभाजन की राजनीति कर रही है. वो बेशर्मी से संवैधानिक सीमाओं को पार कर रही है.''
तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वो माफी मांगें.
पश्चिम बंगाल में इस घटना के बाद कई जगहों पर सिखों ने प्रदर्शन किया. सिखों ने बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. आसनसोल में सिखों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया.
उन्होंने कहा कि उन्होंने थाने में इसकी सूचना दी. पुलिस से स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई है.