बुधवार को भी हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू बॉर्डर पर किसानों और सुरक्षा बलों के बीच खींचतान जारी है.
दिल्ली कूच का आह्वान करने वाले किसान संगठन बैरीकेड हटाने की कोशिशें कर रहे हैं.
वहीं, हरियाणा पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं.
हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि मंगलवार को हुई झड़पों में पुलिस के 24 जवान घायल हुए हैं.
मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस छोड़ने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था.
बुधवार को पंजाब प्रशासन की तरफ़ से हरियाणा से कहा गया है कि पंजाब के क्षेत्र में ड्रोन ना उड़ाए जाएं.
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है, "किसान दिल्ली जाकर सरकार के प्रतिनिधियों से बात करना चाहते हैं लेकिन जब सरकार के मंत्री चंडीगढ़ उनसे बात करने पहुंचे तो किसान नेताओं ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया."
अनिल विज ने ये भी कहा है कि उन्हें पंजाब के हरियाणा से ड्रोन ना उड़ाने के लिए कहने पर हैरानी हुई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह ढल्लेवाल ने कहा है, "हमें मीडिया के ज़रिये पता चला है कि अनुराग ठाकुर ने कहा है कि वो मुद्दों के समाधान के लिए वार्ता के लिए तैयार हैं."
"हम उन्हें ये कहने का मौका नहीं देना चाहते हैं कि हमने उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया है. हमने अपने सहयोगियों से अनुमति ली है और अब हम सरकार के साथ वार्ता करेंगे. हमारी प्राथमिकता है कि वार्ता चंडीगढ़ या प्रदर्शन स्थल के क़रीब कहीं भी हो."
वहीं, शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रहे किसान संगठनों ने भी बयान जारी किया है.
पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठनों में से एक बीकेयू उग्राहां ने गुरुवार को चार घंटे के लिए रेल रोकने का आह्वान किया है.
बीकेयू उग्राहां इस समय शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन में शामिल नहीं है.
बीकेयू उग्राहां ने कहा है कि गुरुवार को 12 बजे से 4 बजे के बीच रेल रोकी जाएगी.
दिल्ली की तरफ़ मार्च कर रहे किसानों के समर्थन के लिए ऐसा किया जाएगा.
उग्राहां ने कहा है कि अगर प्रशासन किसानों पर उत्याचार बंद नहीं करेगा तो और भी सख़्त प्रदर्शनों का आह्वान किया जाएगा.
संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब ने भी बुधवार को आपात बैठक बुलाई है.
क्रांतिकारी किसान यूनियन से जुड़े प्रोफ़ेसर दर्शनपाल सिंह ने इसकी पुष्टि की है.
वहीं, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा है कि हरियाणा सरकार किसानों पर अत्याचार बंद करे.
उन्होंने कहा है कि किसानों की मांगे उचित हैं.
चढ़ूनी ने कहा, "हम सरकार से किसानों से बात करने का आह्वान करते हैं."
चढ़ूनी का किसान संगठन हरियाणा के सबसे बड़े संगठनों में से एक है और फिलहाल शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन में शामिल नहीं है.
चढ़ूनी ने भी बुधवार को अपने गांव में हरियाणा के किसान नेताओं की बैठक बुलाई है.
इस बीच रिपोर्टें मिल रही हैं कि केंद्र सरकार और किसानों के बीच तीसरे दौर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत शुरू हो गई है.
ये बातचीत राजपुरा के ईगल होटल में हो रही है.
केंद्रीय मंत्री दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसान नेताओं से जुड़ेंगे.