सऊदी अरब के राजदूत ने इसराइल को लेकर पश्चिमी देशों से कही ये बात
ब्रिटेन में सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस ख़ालिद बिन बंदर अल सऊद ने बीबीसी रेडियो फ़ोर के टुडे प्रोग्राम में कहा है कि इसराइल के अभियान के बाद ग़ज़ा को कैसे चलाया जाएगा इसको लेकर ‘कोई सटीक तत्काल समाधान’ नहीं है.
उनसे पूछा गया था कि क्या भविष्य में फ़लस्तीनी क्षेत्रों में सऊदी अरब अहम भूमिका निभा सकता है? इस पर उन्होंने कहा कि बिना युद्ध विराम के इसकी योजना संभव नहीं है.
वेस्ट बैंक का शासन संभालने वाले फ़लस्तीनी प्राधिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि अगर ग़ज़ा में वो गया तो उसको अंतरराष्ट्रीय मदद की ज़रूरत होगी.
वहीं, उन्होंने इसराइल-ग़ज़ा युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों की भी निंदा की है. उन्होंने कहा है कि पश्चिम को इसराइल के साथ उसी तरह व्यवहार करना चाहिए जैसे कि वो दूसरों के साथ करता है.
उन्होंने कहा, “इसराइली जिस तरह से आज कर रहे हैं अगर उस तरह से किसी और ने किया होता तो पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय उससे ख़ुद को काट लेता. आपने लोगों को प्रतिबंधों के बारे में बात करते सुना होगा, आपने इस तरह की और चीज़ें भी देखी होंगी.”
“मैं कोई उचित व्यवहार नहीं देख रहा हूं. इसराइल को लेकर आंखें मूंदना असली समस्या है क्योंकि यह शांति के लिए आंख मूंदने जैसा है.”
“और ऐसी बहुत सी चीज़ें आपस में जुड़ी हुई हैं. हम तब तक फ़लस्तीनियों के लिए कोई इंसाफ़ नहीं पा सकेंगे जब तक कि इसराइलियों के साथ इंसाफ़ न देख लें.”