इसराइल - हमास संघर्ष का 18वां दिन, अब तक का ताज़ा अपडेट
इसराइल और हमास के बीच बीती 7 अक्टूबर से जारी संघर्ष का आज 18वां दिन है.
ग़ज़ा में हालात कितने निराशाजनक हैं, उसे इस बात से समझा जा सकता है कि ख़ान यूनिस में शरण लिए एक परिवार ने अपने बच्चों को ब्रेसलेट पहनाया ताकि अगर वो मारे जाएं तो उन्हें पहचाना जा सके.
बीबीसी मिडिल ईस्ट करेस्पोंडेंट योलांदे नेल के मुताबिक़, अलीद डाबा ने अपने बच्चों को बैंगनी और काले रंग का ब्रेसलेट पहनाया है.
उनका कहना है कि अगर इसराइली हवाई हमले में मारे जाएं तो उन्हें पहचाना जा सके.
पिछले हफ़्ते सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो दिखे हैं जिसमें मां बाप अपने बच्चों के नाम उनके हाथ पैर पर लिख रहे हैं.
इसके साथ ही एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई हैं जिसमें अस्पताल के शवगृह में बच्चों के शव क़तार से रखे गए थे और उनके ट्राउज़र को ऊपर करके उनके नाम देख जा रहे थे.
ग़ज़ा में मरने वालों की संख्या 6,500 पहुंची
सात अक्टूबर से इसराइल ग़ज़ा पर लगातार हवाई हमले कर रहा है.
हमास के मुताबिक़, हमले में अब तक 6,500 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 2,704 बच्चे शामिल हैं.
हमास ने बताया है कि बीते 24 घंटे के दौरान 756 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 344 बच्चे हैं. ये एक दिन में मारे जाने वाले लोगों की सर्वाधिक संख्या है.
हमास ने सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला किया था, जिसमें 1400 लोगों की मौत हुई.
रफ़ाह बॉर्डर पर मिस्र की तरफ खड़ी इन गाड़ियों में ग़ज़ा के लोगों के लिए मदद का सामान लदा है.
ये ग़ज़ा में दाखिल होने की इजाज़त मिलने का इंतज़ार कर रही हैं.
यूएन महासचिव ने इसराइल को दिया जवाब
एंटोनियो गुटरेस ने कहा है कि अपने बयान को ग़लत तरीके से पेश किए जाने से वो हतप्रभ हैं.
उन्होंने कहा कि उनके शब्द थे- 'हमास के द्वारा किए गए आतंक को सही नहीं ठहराया जा सकता' और उन्होंने 'इसराइल में हमास के भयानक आतंकी कृत्य की निंदा' की थी.
एक दिन पहले गुटरेस ने कहा था कि 'हमास का हमला अचानक नहीं हुआ.'
ऋषि सुनक ने संघर्ष विराम पर क्या कहा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने गुटरेस के वैक्युम (अचानक) वाले बयान से असहमति जताई है और कहा है कि स्थाई संघर्ष विराम से केवल हमास को ही फायदा पहुंचेगा.
उधर ब्रिटेन से 21 टन राहत सामग्री लेकर रॉयल एयर फ़ोर्स सी-17 मिस्र पहुंचा है.
इसराइल की राजधानी तेल अवीव के एक चौराहे पर टेडी बियर रखे गए हैं.
इन पर उन बच्चों के नाम लिखे हैं, जिन्हें हमास ने अगवा करके ग़ज़ा में रखा है.
तुर्की ने हमास को लिबरेशन ग्रुप कहा
तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैय्यप अर्दोआन ने हमास को 'लिबरेशन ग्रुप' यानी आज़ादी के लिए लड़ने वाला समूह बताया है, जो अपनी ज़मीन की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ रहा है.
इसके तुरंत बाद इसराइल ने इस पर एतराज़ जताते हुए सख़्त प्रतिक्रिया की है.
ईरान पर हमले की तैयारी में इसराइल?
ईरान ने ग़ज़ा पर कार्रवाई को लेकर इसराइल को भी चेतावनी दी है.
इस बीच ये सवाल भी पूछा जा रहा है कि क्या इसराइल ईरान पर हवाई हमले की तैयारी कर रहा है?
लेकिन इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ़) के प्रवक्ता डेनियल हैगरी ने कहा, “ईरान मध्य पूर्व को अस्थिर कर रहा है. लेकिन अभी हमारा फोकस ग़ज़ा में जारी संघर्ष पर है.”
बड़े पैमाने पर युद्ध भड़कने की आशंका
जब से इसराइल और हमास के बीच संघर्ष शुरू हुआ है तबसे कई और मोर्चे खुलने की आशंका जताई जा रही है.
मंगलवार को ही सीरिया में इसराइली हवाई हमले में आठ सैनिक मारे गए हैं. लेबनान से सटी सीमा पर इसराइल और हिज़बुल्ला के बीच गोलाबारी चल ही रही है.
तुर्की ने स्पष्ट तौर पर हमास का पक्ष लिया है और क़तर ने ग़ज़ा पर जारी इसराइली बमबारी रोकने की अपील की है.
अस्पताल में आपातकालीन सेवा छोड़ सब बंद
ग़ज़ा के अस्पताल अपने कई विभागों के कामकाज बंद कर रहे हैं.
अस्पतालों के मुताबिक ईंधन की कमी की वजह से उन्हें कामकाज जारी रखने में दिक्कत हो रही है.
संयुक्त राष्ट्र की राहत संस्था का कहना है कि आज ईंधन समाप्त होने की वजह से उसके सभी काम रुक सकते हैं.
यूएनआरडब्लूए ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा है, "ईंधन को आने दिया जाना चाहिए ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों के पास पीने का साफ़ पानी हो, अस्पताल खुले रहें और जान बचाने वाले राहत कार्य जारी रहें."