एशिया कप में इंडिया को शानदार जीत दिलाने वाले मोहम्मद सिराज की कहानी
भारत ने एशिया कप 2023 का ख़िताब अपने नाम कर लिया है. कप के फाइनल मुकाबले में जीत का श्रेय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज को दिया जा रहा है.
भारत की तरफ़ से मोहम्मद सिराज ने मैच में कुल छह विकेट लिए. उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का ख़िताब भी मिला. लेकिन सिराज के यहां तक पहुंचने और इंडियन क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने की कहानी संघर्षों से भरी रही है.
साल 1994 में जन्मे सिराज के पिता मोहम्मद गौस ऑटो चालक थे. परिवार की आमदनी सीमित थी इसलिए सिराज को कभी किसी क्रिकेट अकादमी में जाने का मौका नहीं मिला.
उन्होंने टेनिस गेंद से लगातार गेंदबाज़ी करके क्रिकेट का ककहरा सीखा. हालांकि शुरू में उनकी ज़्यादा दिलचस्पी बल्लेबाज़ी में थी.
साल 2015 में हैदराबाद की रणजी टीम में वो जगह बनाने में कामयाब हो गए. पहले ही सीजन में उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाज़ी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.
साल 2017 उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट था. 2017 की आईपीएल नीलामी के दौरान हैदराबाद सनराइजर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच उनको अपनी टीम में शामिल करने की होड़ लग गई.
नतीजा ये रहा कि उन्हें उनकी बेस प्राइस से 13 गुना ज़्यादा की क़ीमत मिली. उनका बेस प्राइस 20 लाख रुपये था.
सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 2.6 करोड़ रुपये में ख़रीदा था.
इसके बाद उन्हें न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टी-20 टीम में मौका मिल गया. फिर 2019 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया और अगले साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ही टेस्ट डेब्यू किया.