रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारत मंडमप में जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने आए दुनिया भर के नेताओं के लिए रात्रि भोज का आयोजन कर रही हैं.
भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले इस रात्रि भोज में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जाने पर संशय बरकरार है.
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बीबीसी से कहा, "मुख्यमंत्री राज्य में अपने पूर्व निधारित दौरे पर हैं. अभी तक उनके दिल्ली जाने को लेकर कार्यक्रम तय नहीं हुआ है."
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार सुबह जैसलमेर के दौरे पर रहे. वह इसके बाद ओसियां में एक कार्यक्रम में पहुंचे हैं.
उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गृह मंत्रालय के बीच विवाद भी बढ़ गया है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि गृह मंत्रालय ने उनके हेलीकॉप्टर को देरी से उड़ान की परमिशन दी थी. जिसके कारण शुक्रवार को उन्होंने अपना सीकर दौरा रद्द कर दिया था.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दावे पर गृह मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से ट्वीट ज़रिए बयान जारी किया गया है.
बयान में कहा गया है, "राजस्थान के मुख्यमंत्री ने उनके हेलीकॉप्टर की उड़ान को गृह मंत्रालय की अनुमति नहीं मिलने का दावा किया है. राजस्थान के सीएम की तरफ़ से सीकर सहित चार उड़ानों की परमिशन मांगी गई थी. गृह मंत्रालय ने परमिशन दे दी थी."
आगे कहा गया है, "राजस्थान मुख्यमंत्री की किसी फ्लाइट रिक्वेस्ट को नामंजूर नहीं किया गया. कमर्शियल एयरक्राफ्ट की सभी शेड्यूल फ्लाइट्स के अलावा राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के स्टेट प्लेन को अनुमति है. प्राइवेट चार्टेड को गृह मंत्रालय से विशेष मंजूरी की ज़रूरत होती है."
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया है.
उन्होंने लिखा है, "हेलिकॉप्टर की उड़ान की अनुमति सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर ई-मेल कर मांगी गई परन्तु दोपहर दो बजकर 50 मिनट तक अनुमति नहीं मिली. वहां इंतजार कर रही जनता को जानकारी देने के लिए दो बजकर 52 मिनट पर ट्वीट कर ना आ पाने का कारण बताया और सांगलिया पीठ में ओम दास महाराज को भी फोन कर जानकारी दी. इसके बाद शाम 3 बजकर 58 मिनट पर अनुमति आई परन्तु तब तक मैं उदयपुर से जयपुर के लिए प्लेन से निकल चुका था एवं जयपुर पहुंचकर सड़क मार्ग से निवाई गया."
सीएम अशोक गहलोत ने लिखा है, "जी-20 के नाम पर मुझे कोई विवाद पैदा नहीं करना था इसलिए इसकी कोई निंदा नहीं की एवं केवल जनता को तथ्यों की जानकारी दी थी. परन्तु मुझे अब दुख है कि गृह मंत्रालय ने गलत तथ्यों की जानकारी देकर जनता में भ्रम फैलाने का असफल प्रयास किया है."