नई दिल्ली जी20 घोषणापत्र में युद्ध पर रूस का नहीं किया गया है ज़िक्र, यूक्रेन ने क्या कहा
भारत ने कहा है कि इस बयान को जारी करने में विकासशील देशों की अग्रणी भूमिका रही है.
लाइव कवरेज
मानसी दाश and दीपक मंडल
नई दिल्ली जी20 घोषणापत्र में युद्ध पर रूस का नहीं किया गया है ज़िक्र, यूक्रेन ने क्या कहा
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जी-20 सम्मेलन के घोषणापत्र को लेकर यूक्रेन ने प्रतिक्रिया दी है. यूक्रेन ने कहा है कि घोषणापत्र में ऐसा कुछ नहीं है जिस पर गर्व किया जा सके.
बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि पिछले साल जारी किए गए बयान की तुलना में इसकी भाषा नरम है. इसमें रूस का भी जिक्र नहीं है. इसकी भाषा में अस्पष्ट रखी गई है.
आलोचकों का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन में अपना गैरकानूनी कब्जे को सही ठहराने का मौका मिल सकता है. भारत ने कहा है कि इस बयान को जारी करने में विकासशील देशों की अग्रणी भूमिका रही है.
यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत का रुख 'तटस्थ' रहा है. हालांकि, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस का नाम लिए बिना कहा था, 'ये युद्ध का युग नहीं है.'
जी 20 : बाइडन ने बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के साथ ली सेल्फी
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नई दिल्ली में हो रहे जी 20 सम्मेलन में शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ सेल्फी ली.
बाइडन और शेख हसीना शुक्रवार को सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली में पहुंच गए थे.
शिखर सम्मेलन में 30 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.
इसमें 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल हैं. भारत की राष्ट्रपति द्रौपर्दी मुर्मू ने आज आयोजन स्थल भारत मंडपम में सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया.
जी20: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिया डिनर, क्या- क्या पकवान परोसे गए
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भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हो रहे जी20 सम्मेलन में हिस्सा लेने आए मेहमानों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिनर (रात्रि भोज) दिया.
इसमें विदेशी मेहमानों के साथ उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और राज्यों के मुख्यमंत्री पहुंचे हैं.
डिनर में मेहमानों के लिए खास पकवान तैयार किए गए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई ने डिनर का मैन्यू कार्ड सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
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शुरुआती व्यंजनको 'पात्रम ताजी हवा का झोंका' कहा गया है.
इसमें दही के गोले और भारतीय मसालेदार चटनी से सजे कंगनी श्रीअन्न लीफ क्रिस्प्स
मुख्य भोजन:ग्लेज्ड फॉरेस्ट मशरूम, कुटकी श्रीअन्न और करी पत्ते के साथ तैयार केरल लाल चावल के साथ परोसे गए कटहल गैलेट
भारतीय रोटियां:मुंबई पाव, बाकरखानी
मिष्ठान:सांवा का हलवा, अंजीर आडू मुरब्बा और अंबे मोहर राइस क्रिस्प्स
पेय:कश्मीरी कहवा, फिल्टर कॉफी और दार्जिलिंग चाय
और पान के स्वाद वाली चॉकलेट
जी 20 : घोषणा पत्र मंजूर होने पर पीएम मोदी ने जताई खुशी, कहा- मिलजुल कर काम करने को तैयार
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इमेज कैप्शन, जी-20 सम्मेलन से इतर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जियां मिलोनी से बात करते भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 सम्मेलन घोषणा पत्र को सदस्य देशों की ओर से सर्वसम्मति से मंजूर कर लेने पर खुशी जताई है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि सदस्य देशों की ओर से घोषणापत्र की मंजूरी से एक इतिहास बना है. आपसी सहमति और एकता की भावना से सबने मिल कर एक ज्यादा समृद्ध और मिलजुल कर साझा भविष्य के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया है.
उन्होंने लिखा, '' नई दिल्ली लीडर्स डिक्लरेशन की मंजूरी के साथ ही इतिहास रचा गया है. सर्वसम्मति और मनोभाव के साथ हम एकजुट हो कर बेहतर, अधिक समृद्ध और समन्वय भविष्य के लिए सहयोग के साथ काम करने का संकल्प लेते हैं. जी20 के सभी साथी सदस्यों को उनके समर्थन और सहयोग के लिए मेरा आभार."
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नई दिल्ली घोषणा पत्र में किन चीज़ों का ज़िक्र है इस पर जी20 के भारतीय शेरपा अमिताभ कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली घोषणा पत्र किन चीज़ों पर केंद्रित है.
भारत, मध्य पूर्व देशों और यूरोप को जोड़ने वाला कॉरिडोर जल्द, पीएम मोदी ने गिनाए फायदे
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भारत, मध्य पूर्व देशों और यूरोप को जोड़ने वाले कॉरिडोर का काम जल्द ही शुरू हो सकता है. जी-20 सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इनवेस्टमेंट (पीजीआईआई) और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का एलान करते हुए कहा कि ये भारत, पश्चिचम एशिया और यूरोप के बीच आर्थिक जुड़ाव का एक प्रभावी माध्यम बनेगा.
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूरोपियन कमीशन की प्रमुख उर्सला वॉन डेर लियेन की मौजूदगी में कहा,''ये पूरे विश्व में कनेक्टिविटी और विकास को सस्टेनेबल दिशा प्रदान करेगा. मजबूत कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर मानवता सभ्यता के विकास का मूल आधार हैं.भारत ने अपनी विकास यात्रा में इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सोशल, डिजिटल और फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व पैमाने पर निवेश हो रहा है.इससे हम एक विकसित भारत की मजबूत नींव रख रहे हैं.''
उन्होंने कहा,'' हमने ग्लोबल साउथ के अनेक देशों में एक विश्वसनीय पार्टनर के रूप में एनर्जी, रेलवे, पानी, टेक्नोलॉजी पार्क जैसे टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे किए हैं. हमने डिमांड ड्रिवेन और ट्रांसपरेंट अप्रोच पर बल दिया है. पीजीआईआई के माध्यम से हम ग्लोबल साउथ के देशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर गैप को कम करने में अहम योगदान दे सकते हैं. भारत कनेक्टिविटी को क्षेत्रीय सीमाओं में नहीं बांधता. हमारा मानना है कि कनेक्टिविटी आपसी व्यापार ही नहीं आपसी विश्वास भी बढ़ाता है.''
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यूरोपियन कमीशन की प्रमुख उर्स वॉन डेर लियेन ने कहा कि इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर ऐतिहासिक है. ये अब तक इन तीनों को जोड़ने वाला सबसे तेज संपर्क होगा. इससे कारोबार की रफ्तार और तेज हो जाएगी.
परमाणु हथियारों की धमकी या इस्तेमाल मंज़ूर नहीं: जी-20 दिल्ली घोषणापत्र
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'न्यू दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' में यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए जी-20 देशों ने कहा है कि परमाणु हथियारों की धमकी या इस्तेमाल को मंज़ूर नहीं किया जा सकता है.
रूस का जिक्र किए बगैर जी-20 के सदस्य देशों ने बाली घोषणापत्र की याद दिलाई और कहा कि सभी देशों को यूक्रेन में टिकाऊ शांति के लिए यूएन चार्टर के सिद्धांतों के तहत काम करना चाहिए.
इसी घोषणापत्र में सदस्य देशों को ये भी याद दिलाया गया है कि वे अपनी सीमाओं के विस्तार के लिए ताक़त या धमकी के इस्तेमाल से दूर रहेंगे.
भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी देशों के शिखर सम्मेलन में सभी सदस्य देशों ने आपसी सहमति से शनिवार को 'न्यू दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' की घोषणा की.
इस घोषणापत्र में पीएम मोदी की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कही उस बात को भी शामिल किया गया है जिसमें उन्होंने कहा था, "आज का दौर युद्ध का नहीं है."
जी-20 सम्मेलन में अशोक गहलोत के आने पर संशय बरकरार, फ्लाइट की परमिशन को लेकर बढ़ा विवाद,
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रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारत मंडमप में जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने आए दुनिया भर के नेताओं के लिए रात्रि भोज का आयोजन कर रही हैं.
भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले इस रात्रि भोज में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जाने पर संशय बरकरार है.
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बीबीसी से कहा, "मुख्यमंत्री राज्य में अपने पूर्व निधारित दौरे पर हैं. अभी तक उनके दिल्ली जाने को लेकर कार्यक्रम तय नहीं हुआ है."
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार सुबह जैसलमेर के दौरे पर रहे. वह इसके बाद ओसियां में एक कार्यक्रम में पहुंचे हैं.
उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गृह मंत्रालय के बीच विवाद भी बढ़ गया है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि गृह मंत्रालय ने उनके हेलीकॉप्टर को देरी से उड़ान की परमिशन दी थी. जिसके कारण शुक्रवार को उन्होंने अपना सीकर दौरा रद्द कर दिया था.
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दावे पर गृह मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से ट्वीट ज़रिए बयान जारी किया गया है.
बयान में कहा गया है, "राजस्थान के मुख्यमंत्री ने उनके हेलीकॉप्टर की उड़ान को गृह मंत्रालय की अनुमति नहीं मिलने का दावा किया है. राजस्थान के सीएम की तरफ़ से सीकर सहित चार उड़ानों की परमिशन मांगी गई थी. गृह मंत्रालय ने परमिशन दे दी थी."
आगे कहा गया है, "राजस्थान मुख्यमंत्री की किसी फ्लाइट रिक्वेस्ट को नामंजूर नहीं किया गया. कमर्शियल एयरक्राफ्ट की सभी शेड्यूल फ्लाइट्स के अलावा राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के स्टेट प्लेन को अनुमति है. प्राइवेट चार्टेड को गृह मंत्रालय से विशेष मंजूरी की ज़रूरत होती है."
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गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया है.
उन्होंने लिखा है, "हेलिकॉप्टर की उड़ान की अनुमति सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर ई-मेल कर मांगी गई परन्तु दोपहर दो बजकर 50 मिनट तक अनुमति नहीं मिली. वहां इंतजार कर रही जनता को जानकारी देने के लिए दो बजकर 52 मिनट पर ट्वीट कर ना आ पाने का कारण बताया और सांगलिया पीठ में ओम दास महाराज को भी फोन कर जानकारी दी. इसके बाद शाम 3 बजकर 58 मिनट पर अनुमति आई परन्तु तब तक मैं उदयपुर से जयपुर के लिए प्लेन से निकल चुका था एवं जयपुर पहुंचकर सड़क मार्ग से निवाई गया."
सीएम अशोक गहलोत ने लिखा है, "जी-20 के नाम पर मुझे कोई विवाद पैदा नहीं करना था इसलिए इसकी कोई निंदा नहीं की एवं केवल जनता को तथ्यों की जानकारी दी थी. परन्तु मुझे अब दुख है कि गृह मंत्रालय ने गलत तथ्यों की जानकारी देकर जनता में भ्रम फैलाने का असफल प्रयास किया है."
जी-20 सम्मेलन से पहले इस शहर में चलाया जा रहा है ‘भिखारी मुक्त शहर’ योजना
वीडियो कैप्शन, जी-20 सम्मेलन से पहले इस शहर में चलाया जा रहा है ‘भिखारी मुक्त शहर’ योजना
महाराष्ट्र के नागपुर में ‘भिखारी मुक्त शहर’ योजना शुरू की गई है.
जिसके तहत भिखारियों को सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने की अनुमति नहीं होगी.
जी-20 सम्मेलन की बैठक नागपुर में होनी है और इसे ही देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है.
लेकिन ये भिखारी रहेंगे कहां?
'न्यू दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' पर क्या बोले भारत के शेरपा अमिताभ कांत
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इमेज कैप्शन, जी-20 सम्मेलन में भारत के शेरपा अमिताभ कांत
दिल्ली में चल रहे जी-20 देशों के सम्मेलन में पहले दिन की बातचीत के बाद 'न्यू दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' पर सहमति बन गई. इसे सदस्य देशों ने आम सहमति से मंजूर कर लिया है.
जी-20 सम्मेलन में भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि जी-20 देशों के दिल्ली घोषणापत्र का पूरा जोर दुनिया के मजबूत और टिकाऊ विकास पर है.
इसमें टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को पाने की दिशा में प्रगति तेज करने के साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बगैर विकास के लिए समझौते और बहुस्तरीय विकास को एक बार फिर मजबूत करने की बात की गई है.
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अमिताभ कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (पहले ट्विटर) पर लिखा,''आज के युग को मनुष्य-केंद्रित वैश्वीकरण के स्वर्ण युग के रूप में चिह्नित किया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जी-20 की अध्यक्षता के तहत इस लक्ष्य को पाने के लिए अथक प्रयास किए गए हैं.''
उन्होंने कहा कि जी-20 सम्मेलन के घोषणापत्र की आम सहमति से स्वीकृति आज की दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता का सुबूत है.
जी-20 समिट में हिस्सा लेने आ रहे मेहमान इन ख़ास बर्तनों में खाएंगे खाना
वीडियो कैप्शन, जी-20 समिट में हिस्सा लेने आ रहे मेहमान इन ख़ास बर्तनों में खाएंगे खाना
भारत में जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियां अब अंतिम चरण में है और दिल्ली दुनिया के दिग्गज नेताओं की मेज़बानी के लिए कमर कस रही है.
इस मेज़बानी का अहम हिस्सा होगा मेहमानों को परोसे जाने वाला भोजन.
जी-20 प्रतिनिधियों के लिए भारत के नायाब व्यंजन बनाए जाएंगे और इन व्यंजनों को परोसने के लिए सोने-चांदी के बर्तन इस्तेमाल होंगे.
जी-20 शिखर सम्मेलन पर बोले राहुल गांधी- सरकार ग़रीब लोगों को छुपा रही है...
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कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को ये आरोप लगाया कि दिल्ली में आयोजित किए जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन की वजह से झुग्गी झोपड़ियां ढहा रही हैं या फिर उन्हें छुपा रही है.
राहुल गांधी ने एक ट्वीट करके कहा, "भारत सरकार हमारे गरीबों और बेजुबान जानवरों को छिपाने में लगी हुई है. भारत की सच्चाई को हमारे मेहमानों से छिपाने की कोई जरूरत नहीं है."
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें दो दिनों के इस सम्मेलन के मद्देनजर स्लम वाले इलाकों को हरे रंग की शीट से ढंका जा रहा है.
शनिवार को शुरू हुए इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नेता शामिल हो रहे हैं.
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कांग्रेस ने इसके अलावा कुछ वीडियो भी शेयर किए जिनमें जी-20 समिट से पहले आवारा जानवरों के साथ बुरे बर्ताव का दावा किया गया है.
कांग्रेस ने कहा है, "जी-20 से पहले मोदी सरकार ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए इनके घरों को पर्दे से ढकवा दिया है. क्योंकि राजा को गरीब से नफरत है."
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जी-20 के बारे में जानिए सारी अहम बातें
वीडियो कैप्शन, जी-20 के बारे में जानिए सारी अहम बातें
नौ और 10 सितंबर को दिल्ली में जी20 का शिखर सम्मेलन हो रहा है. इसके लिए सरकार और पुलिस दोनों ने कमर कस रखी है.
आपने इन दिनों दिल्ली में जगह-जगह जी20 के बड़े-बड़े बैनर देखे होंगे. नौ और 10 सितंबर को दिल्ली में जी20 का शिखर सम्मेलन हो रहा है. इसके लिए सरकार और पुलिस दोनों ने कमर कस रखी है.
जी20 की इस बैठक के दौरान राजधानी दिल्ली में कई बड़ी-बड़ी शख्सियतें मौजूद रहेंगी. तो आइए जानते हैं जी20 की सारी अहम बातें.
ये ग्रुप क्या है, क्यों बना, इसमें कौन-कौन से देश हैं और सबसे ज़रूरी सवाल, इस ग्रुप की इतनी अहमियत क्यों है?
जी-20: जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर विकसित और विकासशील देश असहमत,
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जलवायु परिवर्तन के लिए होने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक सम्मेलनों के उलट जी-20 की बैठकों में इस समस्या को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर आमतौर पर विकसित और विकासशील देशों में ज्यादा गंभीर असहमतियां नहीं दिखती हैं.
लेकिन इस बार के सम्मेलन में इसे लेकर तस्वीर कुछ अलग दिख रही है. जी-20 देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम करने, रिन्युबल एनर्जी के लक्ष्यों को बढ़ाने और ग्रीन हाउस उत्सर्जन में कमी जैसे लक्ष्यों को हासिल कर कोई सहमति बनती नहीं दिख रही है.
जबकि जी-20 के देश दुनिया के 75 ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन के जिम्मेदार हैं. जी-20 सम्मेलन में रूस, चीन, सऊदी अरब और भारत ने 2030 तक रिन्युबल एनर्जी की क्षमता तीन गुना बढ़ाने के विकसित देशों के लक्ष्य का विरोध किया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि 6 सितंबर को शेरपा स्तर की बैठक में ये देश 2035 तक ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन 60 फीसदी घटाने के विकसित देशों के लक्ष्य से असहमत दिखे.
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चीन ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि जुलाई में हुई जी-20 के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में उसने जलवायु परिवर्तन को काबू करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर बनने वाली सहमति में बाधा डाली थी.
चीन ने विकसित देशों से जलवायु परिवर्तन की समस्या को खत्म करने के लिए अपनी क्षमता, जिम्मेदारियों और कर्तव्य के मुताबिक काम करने की अपील की थी.
चीन और भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं का कहना है विकसित देशों को कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
जबकि विकासशील देशों का कहना है कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को साथ आए बगैर ये काम मुश्किल है. जी-20 में दोनों ओर के देश अड़े हुए हैं. इससे संकेत मिल रहा है कि जलवायु परिवर्तन पर यूएन के वार्षिक सम्मेलन COP28 में क्या होने वाला है.
दिल्ली से LIVE: G20 शिखर सम्मेलन में पहले दिन क्या-क्या हुआ..., इस बारे में ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद
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जी-20 के डिनर में खड़गे को न बुलाए जाने पर सिद्धारमैया और भूपेश बघेल ने क्या कहा
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि जी-20 नेताओं के लिए दिए जाने वाले रात्रिभोज में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को न बुलाया जाना गलत है.
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि खड़गे वैसे भी इसमें शामिल नहीं होने वाले क्योंकि उनका कार्यक्रम पहले से निर्धारित है.
खड़गे को न बुलाए जाने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एतराज जताया है.
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रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारत मंडमप में जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने आए दुनिया भर के नेताओं के लिए रात्रि भोज का आयोजन करेंगी.
इस रात्रि भोज में खड़गे को न बुलाए जाने पर सिद्धरमैया ने कर्नाटक में कहा, "वो न सिर्फ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. वो राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. मेरे हिसाब से उन्हें इस रात्रि भोज में बुलाया जाना चाहिए था. उन्हें न बुलाया जाना गलत है."
खड़गे समेत विपक्ष के किसी भी नेता को इस डिनर में नहीं बुलाया गया है.
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हालांकि राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इसका निमंत्रण दिया गया है. इनमें विपक्ष शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.
भूपेश बघेल ने खड़गे को न बुलाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा, "इंदिरा गांधी ने 40 साल पहले 100 राष्ट्राध्यक्ष आए थे और यहां 20 में भी कुछ लोग नहीं आए हैं. विपक्षी नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जिसमें (मल्लिकार्जुन) खड़गे शामिल हैं. हमें बैठक का अभी तक कोई नतीजा नहीं दिख रहा है.आने वाले समय में क्या नतीजा रहता है वह हम देखेंगे."
जी-20 समिट के लिए भारत आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा कैसे होती है?
वीडियो कैप्शन, जी-20 समिट के लिए भारत आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा कैसे होती है?
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन जी20 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति का कोई भी दौरा तमाम तरह की सुरक्षा जांच, एहतियात और तैयारियों के साथ तय होता है.
अब जबकि राष्ट्रपति बाइडन भारत आ रहे हैं तो आइए आपको बताते हैं कि कितनी मुस्तैद और चाक-चौबंद होती है अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा.
ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी का एलान- 'न्यू दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' पर बनी सहमति
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भारत में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'न्यू दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' पर सहमति बनने का एलान किया है.
उन्होंने कहा, "अभी-अभी एक खुश खबरी मिली है. हमारी टीम्स के हार्ड वर्क से और आप सभी के सहयोग से नई दिल्ली जी-20 लीडर समिट डिक्लेरेशन पर सहमति बनी है. मेरा प्रस्ताव है कि इस लीडर्स डिक्लेरेशन को भी एडॉप्ट किया जाए. मैं इस डिक्लेरेशन को एडॉप्ट करने की घोषणा करता हूं."
उन्होंने कहा, "इस अवसर पर मैं हमारे मंत्रीगण, शेरपा और सभी अधिकारियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं. जिन्होंने अथाह परिश्रम करके इसे सार्थक किया है."
जी20 के लिए जहां दिल्ली को सजाया जा रहा वहीं कुछ लोग परेशान भी हैं
वीडियो कैप्शन, जी20 के लिए जहां दिल्ली को सजाया जा रहा वहीं कुछ लोग परेशान भी हैं
दिल्ली जी-20 सम्मेलन के आयोजन के लिए तैयार है. साफ़-सफ़ाई, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफ़िक कंट्रोल इन सब पर पिछले कुछ दिनों से दिन-रात काम हो रहा है.
इस आयोजन को लेकर राजधानी में अगर थोड़ी अस्त-व्यस्तता दिख रही है तो वहीं लोगों में इसे लेकर ख़ासा उत्साह भी है. मगर ऐसे लोग भी हैं जिनके लिए ये मुश्किलों भरे दिन हैं.
तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने जी-20 के नेताओं से क्यों की चीन की शिकायत, क्या कहा?
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तिब्बती आंदोलनकारियों ने हिमाचल प्रदेश के मैकलोडगंज में एक विरोध जुलूस निकाल कर चीन पर कथित तौर पर तिब्बती संस्कृति को मिटाने का आरोप लगाया है.
शनिवार को एक प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी जी-20 में आए दुनिया भर के नेताओं से चीन से बात करने की अपील की. उनका कहना था कि चीन तिब्बती संस्कृति को मिटाने की कोशिश कर रहा है.
लिहाजा जी-20 सम्मेलन में भारत आए दुनिया भर के नेता चीन से इसे रोकने की अपील करें. प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि चीन की सरकार तिब्बत की शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमले कर रही है. चीन तिब्बत की संस्कृति और पहचान मिटा देना चाहता है.
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प्रदर्शनकारियों ने जी-20 सम्मेलन में आए दुनिया के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वो चीन को इस तरह के कदम उठाने से रोके.
स्टुडेंट्स फॉर फ्री तिब्बत (इंडिया) के राष्ट्रीय निदेशक तेनज़िन पसांग ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि चीन तिब्बत में औपनिवेशक ढर्रे के बोर्डिंग स्कूल खोल रहा है.
यहां चार-चार साल के छोटे बच्चों को उनके परिवार से अलग कर रखा जा रहा है. उन्होंने जबरदस्ती इन स्कूलों में भेजा जा रहा है. इस तरह परिवार से अलग करके रखे जाने पर उनकी भाषा और संस्कृति खत्म की जा रही है.
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