मध्य प्रदेश के दमोह के एक जैन मंदिर को लेकर की गई कथित भ्रामक टिप्पणी के मामले में राज्य पुलिस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने ये टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर की थी.
उधर, मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के ट्विटर एकाउंट को लोगों को गुमराह करने को लेकर सस्पेंड करने की मांग की है.
इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उन्होंने पुलिस से मिली जानकारी ही केवल शेयर की थी. दिग्विजय सिंह ने ये भी कहा है कि ऐसे मुक़दमों की वो परवाह नहीं करते हैं.
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने 27 अगस्त को ट्विटर पर ये दावा किया था कि दमोह के कुंडलपुर में स्थित जैन मंदिर परिसर में कथित तौर पर बजरंग दल के कुछ असामाजिक कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी और वहां एक 'शिव पिंडी' रख दिया था.
दिग्विजय सिंह के अनुसार, ये घटना 26 अगस्त की थी. दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के पुलिस महानिदेशक को भी टैग किया था. हालांकि ये पोस्ट उन्होंने बाद में डिलीट कर दिया.
दमोह के एसपी सुनील तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने पर कोतवाली पुलिस ने दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने), धारा 177 (गलत सूचना देने) और धारा 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया है.
एसपी ने बताया कि कुंडलपुर जैन मंदिर की एसडीएम और पुलिस के सबडिविजनल ऑफिसर ने जांच की और पाया कि घटना के बारे में दी गई जानकारी तथ्यों से परे और भ्रामक थी.
कुंडलपुर ट्रस्ट कमेटी के चेयरमैन चंद्रकुमार बजाज ने भी मंदिर में ऐसी किसी घटना से इनकार किया है.
बजरंग दल के नगर संयोजक शंभू विश्वकर्मा ने बताया कि उनके संगठन ने पुलिस के पास दिग्विजय सिंह के भ्रामक पोस्ट के बारे में ज्ञापन सौंपा था जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई है.