14 अगस्त को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शिव मंदिर बाबडी के पास हुए हादसे में अब तक 16 शव मिल गए हैं.
इस घटना में करीब 21 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी. अभी भी चार से पाँच और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है. इनकी तलाश में आज छठे दिन भी जारी है.
इस घटनास्थल पर भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए है.
इस जगह पर सबसे बड़ी चुनौती यहाँ बड़ी संख्या में देवदार के पेड़, मलबा और रेलवे ट्रैक की मौजूदगी है. इसकी वजह से यहाँ सर्च ऑपरेशन में भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है.
यहां सबसे बड़ी मुश्किल इस पहाड़ी का ढलानदार होना भी है, जिसकी वजह से यहाँ बने नाले में जेसीबी और दूसरी मशीनरी ले जाना आसान नहीं है.
लैडस्लाइड से बने इस नाले में टनों के हिसाब के इकट्ठा हुआ मलबे में प्रशासन और स्थानीय जनता को भारी मुश्शकत करनी पड़ रही थी है.
क़रीब 10,000 करोड़ का नुक़सान
हिमाचल में इस बारिश और लैंडस्लाइड ने काफी तबाही मचाई है जिससे हिमाचल में करीब 9 हजार से ज़्यादा घर आंशिक और कई पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं.
करीब 11 हजार लोगों ने इस बारिश में अपने घरों और जगह से पलायन किया, जबकि करीब 330 लोगों की जान इस मॉनसून की बारिश में चली गई है.
इस बारिश, बाढ़, और जमीन धंसने से पिछले 55 दिनों में प्रदेश सरकार के मुताबिक़ करीब 10,000 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान आंका गया है.