हरियाण के नूंह में हुए सांप्रदायिक तनाव को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नूंह वो जगह है जहां आज़ादी के वक्त भी तनाव नहीं हुआ था.
उन्होंने कहा कि आज़ादी के वक्त, यानी 1947 में भारत के एक बड़े हिस्से में सांप्रदायिक तनाव का माहौल था, लेकिन नूंह में ऐसा कुछ नहीं हुआ जो यहां बीते दिनों हुआ.
उन्होंने कहा, "जुलाई में हरियाणा के गुड़गांव में अपराध और सुरक्षा के मुद्दे पर जी-20 देशों की एक बैठक हुई, लेकिन आज यहां की सरकार कहती है कि वो लोगों को सुरक्षा नहीं दे सकती है."
उन्होंने कहा, "सरकार का काम लोगों को सुरक्षा देना होता है, लेकिन सरकार इसमें पूरी तरह से नाकाम रही है."
गुड़गांव में 13-14 जुलाई को जी20 देशों के नेताओं का सम्मेलन हुआ था, जिसमें 'एनएफ़टी, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और मेटावर्स के दौर में अपराध और सुरक्षा' के मुद्दे पर चर्चा हुई.
भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा, "मैं ये कहूं उससे पहले गुड़गांव से बीजेपी के सांसद राव इंदरजीत सिंह कह चुके हैं कि ये प्रशासन की और प्रदेश सरकार की नाकामी के कारण हुआ. पुलिस का कहना था कि उन्होंने कई दिनों पहले इसकी ख़बर सरकार को दी थी लेकिन सरकार ने सही वक्त पर सही कदम नहीं उठाए."
हुड्डा ने मांग रखी कि हरियाणा में सरकार क्यों और कैसे नाकाम हुई इसे लेकर न्यायिक जांच की जानी चाहिए.
उन्होंने राज्य की बाजेपी-जेजेपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार की नाकामी के कारण हरियाणा में सांप्रदायिक तनाव का माहौल बना.
उन्होंने कहा, "सीएम मनोहर लाल खट्टर कहते हैं ये सोची समझी साजिश है, राव इंदरजीत सिंह ने सवाल उठाया है कि यात्रा में लोगों के पास हथियार और डंडे कहां से आए, सरकार ने क्यों चेक नहीं किया."
"एक तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि मोनू मानेसर फरार हैं और उनके ख़िलाफ़ राजस्थान में शिकायत दर्ज है, राजस्थान पुलिस उन्हें पकड़ेगी, हम उनका सहयोग करेंगे. वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री कहते हैं कि हरियाणा में उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज है."
"ये विवादित बात हैं क्योंकि राज्य के गृह मंत्री को पता नहीं है कि उनके पास सीआईडी नहीं है."
"हरियाणा की बीजेपी-जेजेपी सरकार नाकाम सरकार है, यहां की पुलिस बेहद एफिशिएन्ट है लेकिन अगर सही तरीके से जानकारी दी जाती तो वहां ये हादसा नहीं होता."
उन्होंने कांग्रेस की तरफ से लोगों से अपील की कि वो शांति कायम करें और आपस में भाईचारा रखें.
उन्होंने कहा, "यहां कभी भाईचारा बिगड़ा नहीं है. यहां के लोगों को भड़काया गया है. जिन्होंने लोगों को भड़काया है उन्हें पकड़ा जाना चाहिए. किसी तरह की सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए."