ब्रेकिंग न्यूज़, टाइटन की खोज में लगे अमेरिकी कोस्ट गार्ड को मिले अहम सुराग
अटलांटिक सागर में 1912 में डूबे टाइटैनिक जहाज़ के मलबे को दिखाने गई पनडुब्बी टाइटन की खोज आज भी जारी है.
इस बीच अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कहा है कि एक रीमोट ऑपरेटेड व्हीकल आरओवी को टाइटैनिक के पास सर्च एरिया में एक जगह पर कुछ मलबा मिला है.
अभी इस बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कोस्ट गार्ड का कहना है कि विशेषज्ञ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये मलबा किसका है.
टाइटन की खोज के काम में जहाज़ों के अलावा आरओवी और विमानों के लगाया गया है. फिलहाल समुद्र के 10 हज़ार वर्गमील के इलाक़े में तलाश का काम जारी है.
समुद्र में डूबे टाइटैनिक जहाज़ को देखने के लिए जा रही टाइटन पनडुब्बी के क्रू का समुद्र के ऊपर मौजूद उसके जहाज़ पोलर प्रिंस से संपर्क टूट गया था. रविवार को यह संपर्क एक घंटे 45 मिनट में ही टूट गया था.
टाइटैनिक का मलबा कनाडा के न्यूफ़ाउंडलैंड में सेंट जॉन्स के दक्षिण में 700 किलोमीटर दूर है. टाइटन की खोज के लिए अभियान को अमेरिका के बोस्टन से चलाया जा रहा है.
अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने एक बयान जारी कर कहा है कि होराइज़न आर्कटिक के आरओवी को ये मलबा टाइटैनिक के पास समुद्रतल पर मिला है.
कोस्ट गार्ड ने कहा है कि स्थानीय समयानुसार 15.00 बजे (दोपहर तीन बने) प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में और जानकारी दी जाएगी.
अब तक क्या-क्या हुआ?
- फ्रांसीसी रीसर्चर्स ने इसकी तलाश में एक को आरओवी लगाया है जो समुद्रतल तक पहुंच सकता है और वहां से तस्वीरें वापिस भेज सकता है.
- इससे साथ विक्टर 6000 आरओवी को लगाया गया है जो ज़रूरत पड़ने पर चीज़ों को काटकर रास्ता बनाने में सक्षम है.
- वहीं टाइटन की तलाश में एक और शक्तिशाली आरओवी जूलियट को भी टाइटन की खोज में लगाने की योजना है. मैगेलन नाम की कंपनी के इस आरओवी को आज सवेरे जर्सी के हवाई अड्डे से लाया जाना था, लेकिन ये विमान में कार्गो में फिट ही नहीं हुई, जिसके कारण इसे लाने की योजना मे अब थोड़ी देर हो सकती है.
- कंपनी के सीईओ रिचर्ड पार्किनसन ने कहा है कि इसे एक अन्य विमान के ज़रिए सर्च अभियान वाली जगह तक पहुंचाया जाएगा. ये आरओवी पहले भी टाइटैनिक की खोज के दौरान 200 घंटे तक पानी में रह चुकी है.