टाइटन की खोज में लगे अमेरिकी कोस्ट गार्ड को मिले अहम सुराग

टाइटैनिक दिखाने गई पनडुब्बी की खोज में जुटे अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें कुछ मलबा दिखा है ओर एक्सपर्ट उसकी विवेचना कर रहे हैं.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश and प्रियंका झा

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, टाइटन की खोज में लगे अमेरिकी कोस्ट गार्ड को मिले अहम सुराग

    पनडुब्बी

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    अटलांटिक सागर में 1912 में डूबे टाइटैनिक जहाज़ के मलबे को दिखाने गई पनडुब्बी टाइटन की खोज आज भी जारी है.

    इस बीच अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कहा है कि एक रीमोट ऑपरेटेड व्हीकल आरओवी को टाइटैनिक के पास सर्च एरिया में एक जगह पर कुछ मलबा मिला है.

    अभी इस बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कोस्ट गार्ड का कहना है कि विशेषज्ञ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये मलबा किसका है.

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    टाइटन की खोज के काम में जहाज़ों के अलावा आरओवी और विमानों के लगाया गया है. फिलहाल समुद्र के 10 हज़ार वर्गमील के इलाक़े में तलाश का काम जारी है.

    समुद्र में डूबे टाइटैनिक जहाज़ को देखने के लिए जा रही टाइटन पनडुब्बी के क्रू का समुद्र के ऊपर मौजूद उसके जहाज़ पोलर प्रिंस से संपर्क टूट गया था. रविवार को यह संपर्क एक घंटे 45 मिनट में ही टूट गया था.

    टाइटैनिक का मलबा कनाडा के न्यूफ़ाउंडलैंड में सेंट जॉन्स के दक्षिण में 700 किलोमीटर दूर है. टाइटन की खोज के लिए अभियान को अमेरिका के बोस्टन से चलाया जा रहा है.

    अमेरिकी कोस्ट गार्ड

    अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने एक बयान जारी कर कहा है कि होराइज़न आर्कटिक के आरओवी को ये मलबा टाइटैनिक के पास समुद्रतल पर मिला है.

    कोस्ट गार्ड ने कहा है कि स्थानीय समयानुसार 15.00 बजे (दोपहर तीन बने) प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में और जानकारी दी जाएगी.

    पनडुब्बी

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    अब तक क्या-क्या हुआ?

    • फ्रांसीसी रीसर्चर्स ने इसकी तलाश में एक को आरओवी लगाया है जो समुद्रतल तक पहुंच सकता है और वहां से तस्वीरें वापिस भेज सकता है.
    • इससे साथ विक्टर 6000 आरओवी को लगाया गया है जो ज़रूरत पड़ने पर चीज़ों को काटकर रास्ता बनाने में सक्षम है.
    • वहीं टाइटन की तलाश में एक और शक्तिशाली आरओवी जूलियट को भी टाइटन की खोज में लगाने की योजना है. मैगेलन नाम की कंपनी के इस आरओवी को आज सवेरे जर्सी के हवाई अड्डे से लाया जाना था, लेकिन ये विमान में कार्गो में फिट ही नहीं हुई, जिसके कारण इसे लाने की योजना मे अब थोड़ी देर हो सकती है.
    • कंपनी के सीईओ रिचर्ड पार्किनसन ने कहा है कि इसे एक अन्य विमान के ज़रिए सर्च अभियान वाली जगह तक पहुंचाया जाएगा. ये आरओवी पहले भी टाइटैनिक की खोज के दौरान 200 घंटे तक पानी में रह चुकी है.
    आरओवी जूलियट
  2. बाइडन से मुलाक़ात के बाद पीएम मोदी बोले, हमारे रिश्तों का असली इंजन है...

    मोदी बाइडन

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    बाइडन के साथ बातचीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि भारतीय समुदाय के लिए व्हाइट हाउस के दरवाज़े खोलने के लिए वो उनका विशेष शुक्रिया अदा करना चाहते हैं.

    मोदी ने कहा कि अमेरिका हमेशा भारत का शुभचिंतक रहा है.

    उन्होंने कहा, "आठ साल पहले यूएस-इंडिया के एक बिज़नेस काउंसिल को संबोधित करते हुए आपने कहा था कि हमारा उद्देश्य भारत का सबसे अच्छा दोस्त बनना है. भारत के प्रति आपकी ये यही व्यक्तिगत प्रतिबद्धता हमें अनेक बोल्ड और महत्वाकांक्षी कदम उठाने के लिए प्रेरित करती हैं."

    उन्होंने कहा कि "दो देशों के बीच संबंधों के मामलों में औपचारिक तौर पर साझा बयान और वर्किंग ग्रूप्स के दायरे में बातचीत होती है. इसका अपना महत्व है लेकिन हमारे रिश्तों का असली इंजन दोनों मुल्कों के लोगों के बीच पीपल टू पीपल संबंध है."

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    इससे पहले व्हाउट हाउस के लॉन में उन्होंने कहा था "कोविड के कालखंड में वर्ल्ड ऑर्डर एक नया रूप ले रहा है और इस दौर में भारत और अमेरिका की दोस्ती पूरे विश्व के सामर्थ्य को बढ़ाने में पूरक होगी. वैश्विक हित के लिए वैश्विक शांति और स्थिरता ज़रूरी है इस दिशा में दोनों मुल्क मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं."

    इससे पहले बाइडन ने कहा था कि "भारत, अमेरिका और पूरे विश्व के सामने आज नया वक्त है, सब कुछ तेज़ी से बदल रहा है, इस तरह का मौक़ा दशकों में एक बार आता है और हम जानते हैं कि आज हम जो फ़ैसला लेंगे वो हमारे आने वाले कल को प्रभावित करेगा."

  3. पीएम मोदी ने याद की अमेरिका की 30 साल पुरानी यात्रा, कोविड के बाद बदलते वर्ल्ड ऑर्डर पर क्या कहा?

    मोदी-बाइडन

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    व्हाइट हाउस में बाइडन से मुलाक़ात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दशकों पहले की बात याद की.

    उन्होंने कहा, "मैं तीन दशक पहले एक सामान्य भारतीय की तरह यहां आया हूं लेकिन उस वक्त मैंने बाहर से व्हाइट हाउस को देखा था. लेकिन आज पहली बार इतनी तादाद में भारतीय मूल के लोगों के लिए व्हाइट हाउस के दरवाज़े खुले हैं."

    उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों गणतंत्र में यकीन करते हैं और दोनों का संविधान भी इन्हीं शब्दों से शुरु होता है, "वी द पीपल."

    मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्त में दोनों मुल्कों को अपनी अनेकता में एकता पर गर्व है.

    उन्होंने कहा, "कोविड के कालखंड में वर्ल्ड ऑर्डर एक नया रूप ले रहा है और इस दौर में भारत और अमेरिका की दोस्ती पूरे विश्व के सामर्थ्य को बढ़ाने में पूरक होगी. वैश्विक हित के लिए वैश्विक शांति और स्थिरता ज़रूरी है इस दिशा में दोनों मुल्क मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं."

    "अब से थोड़ी देर बाद हम दोनों दोनों मुल्कों के बीच के मुद्दों के आलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बात करेंगे. मुझे उम्मीद है कि ये बातचीत बेहद सकारात्मक रहेगी."

    मोदी-अमेरिका

    इमेज स्रोत, TWITTER/POTUS

    बाइडन ने मोदी के स्वागत में क्या कहा?

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता 21वीं सदी के परिभाषित रिश्तों में से एक है.

    व्हाइट हाउस में मोदी का स्वागत करते हुए बाइडन ने कहा, "दोनों मुल्कों के संविधान में शुरुआत में तीन शब्द हैं, ' वी द पीपल' जो हमारी साझा प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं."

    उन्होंने कहा, "दोनों के रिश्तों में स्पष्टवादिता, आपसी भरोसा है जो हमारे रिश्तों को परिभाषित करता है."

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  4. पीएम मोदी का व्हाइट हाउस में बाइ़डन ने किया स्वागत, क्या बोले मोदी.....

    मोदी का अमेरिका दौरा

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    इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

    व्हाइट हाउस में बाइडन से मुलाक़ात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये देश के 140 करोड़ देशवासियों का स्वागत है. उन्होंने कहा कि ये अमेरिका में रहने वाले 4 मिलियन भारतीय लोगों का भी स्वागत है.

    मैं तीन दशक पहले एक सामान्य भारतीय की तरह यहां आया हूं लेकिन उस वक्त मैंने बाहर से व्हाइट हाउस को देखा था. लेकिन आज पहली बार इतनी तादाद में भारतीय मूल के लोगों के लिए व्हाइट हाउस के दरवाज़े खुले हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता 21वीं सदी के परिभाषित रिश्तों में से एक है.

    अमेरिका दौरे पर गए पीएम मोदी का व्हाइट हाउस में राजकीय स्वागत किया गया.

    व्हाइट हाउस में मोदी का स्वागत करते हुए बाइडन ने कहा, "दोनों मुल्कों के संविधान में शुरुआत में तीन शब्द हैं, ' वी द पीपल' जो हमारी साझा प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं."

    उन्होंने कहा, "दोनों के रिश्तों में स्पष्टवादिता, आपसी भरोसा है जो हमारे रिश्तों को परिभाषित करता है."

    "हमने आपके सहयोग के साथ स्वतंत्र और आज़ाद इंडो पैसिफ़िक की दिशा में काम कर रहे हैं. दोनों मुल्क खाद्य और उर्जा सुरक्षा (जो रूस के यूक्रेन पर हमले के कारण पैदा हुआ है) लेकर जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं."

    बाइडन ने कहा, "भारत, अमेरिका और पूरे विश्व के सामने आज नया वक्त है, सब कुछ तेज़ी से बदल रहा है, इस तरह का मौक़ा दशकों में एक बार आता है और हम जानते हैं कि आज हम जो फ़ैसला लेंगे वो हमारे आने वाले कल को प्रभावित करेगा."

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    मोदी द्विपक्षीय वार्ता के लिए व्हाइट हाउस पहुँचे हैं.

    इससे पहले मोदी के स्वागत में मोदी के स्वागत में अमेरिका के मशहूर म्यूज़िक बैंड पेन मसाला ने छय्यां-छय्यां, जश्न-ए-बहारा जैसे कई बॉलीवुड गाने गाए.

    पीएम मोदी ने व्हाइट हाउस पहुँचने के बाद मोदी ने बाइडन कैबिनेट से मुलाकात की.

  5. पीएम मोदी के स्वागत में व्हाइट हाउस में बजे बॉलीवुड के गाने, राष्ट्रपति बाइडन ने किया स्वागत

    मोदी का अमेरिका दौरा

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    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय वार्ताओं के लिए व्हाइट हाउस पहुँचे गए हैं.

    इस बीच भारतीय समुदाय के लोग पीएम के स्वागत के लिए इकट्ठे हुए थे.

    मोदी के स्वागत में अमेरिका के मशहूर म्यूज़िक बैंड पेन मसाला ने छय्यां-छय्यां, जश्न-ए-बहारा जैसे कई बॉलीवुड गाने गाए.

    पेन मसाला ग्रुप 'आकेपैला' ग्रुप है, जिसका मतलब होता है बग़ैर किसी संगीत उपकरण के मदद के, अपने गले से ही संगीत पैदा करना.

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    व्हाइट हाउस में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्वीट किया, "व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री जी का स्वागत."

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    इस ट्वीट के जवाब में पीएम मोदी ने लिखा कि उन्हें भरोसा है कि आज की चर्चा भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मज़बूत बनाएगी.

  6. दिनभर: पॉडकास्ट में आज बात प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका दौरे की और अटलांटिक महासागर में लापता टाइटन पनडुब्बी के तलाशी अभियान की

    पॉडकास्ट में आज बात प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका दौरे की और अटलांटिक महासागर में लापता टाइटन पनडुब्बी के तलाशी अभियान की .. प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से वार्ता, करेंगे संसद को संबोधित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने किया लड़ाकू इंजन बनाने के लिए समझौता. अंतरिक्ष के लिए इसरो-नासा आएंगे साथ

  7. चाहे जितने केंद्रीय बल तैनात कर दें, हम लड़ेंगे और जीतेंगे: ममता,

    ममता बनर्जी

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य की पुलिस दूसरे राज्यों के मुकाबले दक्ष है.

    उन्होंने कहा कि "यहां पंचायत चुनाव के दौरान चाहे जितनी तादाद में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए, हम लड़ेंगे और जीतेंगे."

    विपक्षी नेताओं की बैठक के लिए पटना रवाना होने से पहले ममता बनर्जी यहां पत्रकारों से बात कर रही थीं.

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    यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी तादाद में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर उन्होंने टिप्पणी की है.

    ध्यान रहे कि अगले महीने पंचायत चुनाव के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट ने तमाम जिलों में केंद्रीय बलों को तैनात करने का निर्देश दिया था.

    सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को बहाल रखा.

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    उसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से 22 कंपनियां मांगी थी.

    लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने आयोग पर अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए एक बार फिर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी.

    उसके बाद हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 के पंचायत चुनाव के समान या उससे ज्यादा तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्देश दिया.

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    उसी आधार पर बृहस्पतिवार को आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को और आठ सौ कंपनियां यहां भेजने के लिए पत्र लिखा है.

    ममता ने कहा, "जितनी मर्जी चाहे उतने केंद्रीय बलों को बंगाल में तैनात कर दें उनकी तादाद आम लोगों से ज्यादा नहीं हो सकती. जिनको वोट देना है वो वोट देंगे ही. कुछ भी कर ले, आखिरी फैसला आम लोग ही करेंगे. पंचायत चुनाव में हम लोग ही जीतेंगे."

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    मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रूप से मुकाबले में सक्षम नहीं होने के कारण केंद्रीय एजेंसियों के जरिए मनमानी की जा रही है.

    उन्होंने एक बार फिर राज्य में नामांकन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण रहने का दावा किया.

    मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, "नामांकन की प्रक्रिया इतनी शांतिपूर्ण पहले कभी नहीं रही. त्रिपुरा में तो 96 फीसदी सीटों पर चुनाव ही नहीं होते. बंगाल में 2.36 लाख नामांकन पत्र दायर किए गए हैं. महज चार मतदान केंद्रों पर अशांति हुई है. एक केंद्र पर हमारे दो कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है."

  8. पीएम मोदी ने जिल बाइडन को जो कृत्रिम हीरा दिया वो कैसे बनाया गया?

  9. यूएस कोस्ट गार्ड ने बताया लापता पनडुब्बी की तलाश कब बंद होगी

    लापता पनडुब्बी
    इमेज कैप्शन, आरओवी जूलियट

    यूएस कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल जॉन मॉगर ने कहा है कि लापता पनडुब्बी को खोजने का अभियान अभी भी जारी है.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या पनडुब्बी पर अब तक ऑक्सीजन ख़त्म हो गई होगी तो उन्होंने कहा, "क्रू मेंबर्स और परिवार के बारे में हम लगातार सोच रहे हैं. हम समय का ध्यान रख रहे हैं. हमने तलाशी में बहुत से डेटा और जानकारी को देखा है."

    उन्होंने कहा, "ये तलाशी अभियान अभी भी जारी है और हम जो उपकरण इस्तेमाल कर रहे हैं वो अब समुद्र की गहराई तक पहुंच गए हैं. रिमोट ऑपरेडेट व्हीकल हमारे तलाशी अभियान को बल देंगे."

    यूएस कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल जॉन मॉगर
    इमेज कैप्शन, यूएस कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल जॉन मॉगर

    रियल एडमिरल जॉन मॉगर ने ये भी बताया कि इस तलाशी और बचाव अभियान को रोकने से जुड़ा कोई भी फ़ैसला पनडुब्बी में सवार लोगों के परिवार से 'गहन विचार-विमर्श' करने के बाद ही लिया जाएगा.

    उन्होंने स्काई न्यूज़ से कहा, "इस चर्चा का एक समय और जगह है. फिलहाल हमारे पास आरओवी यानी समुद्र के अंदर चलने वाले रोबोट हैं जिससे हमारी क्षमता बढ़ी है और तलाशी अभियान में तेज़ी आई है. इसलिए अभी मेरा ध्यान तलाशी अभियान पर है."

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  10. लैब में बने गोश्त को क्यों नहीं पसंद कर रहे लोग, देखिए यह रिपोर्ट

    वीडियो कैप्शन, लैब में बने चिकन का धंधा क्यों पड रहा है मंदा

    क्या लैब में बने मीट खाने के लिए तैयार हैं आप. क़रीब तीन साल पहले सिंगापुर लैब में तैयार मीट की बिक्री को मंज़ूरी देने वाला पहला देश बना था.

    तब कहा गया था कि यह तकनीक गेम चेंजर साबित होगी. निवेशकों ने इस बिज़नेस में क़रीब तीन अरब डॉलर भी लगा दिए.

    लेकिन अब लैब में तैयार मीट के कारोबार में वो तेज़ी नहीं देखी जा रही है, जिसका अंदाज़ा लगाया जा रहा था. पर ऐसा क्यों? देखिए बीबीसी संवादादाता निक मार्श की रिपोर्ट.

  11. लापता पनडुब्बी टाइटन की खोज में लगा विक्टर 6000 कितना ताकतवर है

    विक्टर 6000

    इमेज स्रोत, CCBY/Handout via REUTERS

    इमेज कैप्शन, विक्टर 6000

    टाइटैनिक के मलबे को दिखाने निकली लापता पनडुब्बी टाइटन को खोजने के लिए अब विक्टर 6000 पनडुब्बी सर्च एरिया में पहुंच चुकी है.

    इस पनडुब्बी को फ़्रेंच रिसर्च इंस्टीट्यूट 'इफ्रेमर' संचालित करता है.

    चार-चार घंटे की शिफ्ट में दो पायलटों की टीम कंट्रोल रूम से इस पनडुब्बी की गतिविधियों की निगरानी करती है.

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    विक्टर 6000 में जो लाइट और कैमरा लगे हैं उससे टीम को समुद्र की गहराई तक की तस्वीर रियल टाइम पर मिलती रहेगी.

    हालांकि, टाइटन को खोजना अब मुश्किल होता जा रहा है.

    माना जा रहा है कि ये पनडुब्बी पानी में कहीं बहुत नीचे तक जा चुकी है क्योंकि ये 4000 मीटर नीचे जाने की क्षमता रखती है.

    पानी में रेडियो और जीपीएस सिग्नल काम नहीं करते, इसलिए पनडुब्बी को खोजने में रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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  12. COVER STORY: रूस पर यूक्रेन का पलटवार

    वीडियो कैप्शन, यूक्रेन रूसी सैनिकों को खदेड़ने की पुरज़ोर कोशिश कर रहा है.

    पिछले लगभग दो हफ्तों से यूक्रेन अपने दक्षिणी और पूर्वी इलाकों से रूसी सैनिकों को खदेड़ने की पुरज़ोर कोशिश कर रहा है.

    लेकिन फ्रंटलाइन काफ़ी लंबी है, जो क़रीब एक हज़ार किलोमीटर तक फैली है, जहां रूसी सैनिकों ने अपने मोर्चे बहुत मज़बूत कर लिए हैं.

    बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन सॉमरविल और कैमरा जर्नलिस्ट डेरेन कॉनवे ने यूक्रेन की 68 येगेर ब्रिगेड के साथ दक्षिण-पूर्व इलाकों का जायज़ा लिया. इस रिपोर्ट के कुछ दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं.

  13. लापता पनडुब्बी टाइटन की एक यात्रा के लिए कंपनी कितना पैसा लेती है

    टाइटन

    अटलांटिक महासागर में डूबने वाले टाइटैनिक जहाज का मलबा दिखाने के लिए ओशनगेट एक्सपेडीशंस नाम की एक कंपनी इस लापता टाइटन पनडुब्बी का संचालन करती है.

    आठ दिनों तक चलने वाले इस खोज अभियान के लिए ओशनगेट एक्सपेडीशंस अपने गेस्ट से 250,000 अमेरिकी डॉलर वसूल करती है. भारतीय करेंसी में ये रकम 20,488,800 रुपये के करीब पड़ती है.

    टाइटन

    इस खोज अभियान में ओशनगेट एक्सपेडीशंस अपने गेस्ट को डूबे हुए टाइटैनिक जहाज का मलबा दिखलाती है. कनाडा के न्यूफाउंडलैंड से ये जगह 600 किलोमीटर के करीब है.

    जहाज जब डूबा था तो वो दो हिस्सों में बिखर गया था. उसके दोनों हिस्से समंदर में एक दूसरे से 800 मीटर की दूरी पर हैं. और इसके आस-पास टूटे हुए जहाज का मलबा बड़े पैमाने पर फैला हुआ है.

    टाइटन

    जहाज के मलबे तक पहुंचने की यात्रा में आठ घंटे लगते हैं. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, टाइटन पनडुब्बी ने साल 2021 में अपनी पहली यात्रा की थी.

    टाइटन
  14. पटना में विपक्ष की बड़ी बैठक, क्या मोदी के ख़िलाफ़ गोलबंद होंगे सभी दल?

  15. पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे पर जीई के साथ हुआ सौदा, भारत में बनेंगे लड़ाकू विमान के इंजन

    फ़ाइटर जेट

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    जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) की एयरोस्पेस यूनिट ने एलान किया है कि उसने भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमानों के इंजन बनाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वॉशिंगटन में जनरल इलेक्ट्रिक के अध्यक्ष एच लॉरेंस कल्प जूनियर से मुलाक़ात के कुछ ही घंटे बाद ये एलान हुआ है.

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    समझौते के अनुसार जीई एयरोस्पेस के एफ़414 इंजन का उत्पादन भी दोनों समूह मिलकर भारत में करेंगे.

    जीई एयरोस्पेस की ओर से जारी बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे पर इस समझौते को मील का पत्थर बताया गया है.

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    समझौते पर एच लॉरेंस कल्प जूनियर ने कहा, "राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाने वाले दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में हमें गर्व महसूस हो रहा है. हमारे एफ़414 इंजन बेजोड़ हैं और ये दोनों देशों को महत्वपूर्ण आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फ़ायदे पहुंचाएगा."

  16. बंदरों को परेशान करने के लिए पैसे क्यों देते हैं कुछ लोग

  17. पटना में विपक्षी दलों की बैठक से पहले पोस्टर वॉर पर आम आदमी पार्टी ने दी सफ़ाई

    अरविंद केजरीवाल

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    बिहार की राजधानी पटना में 23 जून यानी शुक्रवार को बुलाई विपक्षी दलों की बैठक से पहले छिड़ी 'पोस्टर वॉर' पर आम आदमी पार्टी ने सफ़ाई दी है.

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बुलाई इस बैठक में शुक्रवार को कई बड़े नेता पटना पहुंचेंगे.

    एक पोस्टर में अरविंद केजरीवाल को 'भावी प्रधानमंत्री' और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'नरेंद्र मोदी का ख़ासम-ख़ास' बताने को आम आदमी पार्टी ने 'विपक्षी एकता के ख़िलाफ़ घिनौनी साज़िश' बताया है.

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    पटना शहर की एक मुख्य सड़क पर लगे इस पोस्ट पर विकास कुमार ज्योति का नाम लिखा है. 'आप' ने कहा है कि विकास कुमार का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है.

    आम आदमी पार्टी की बिहार इकाई के प्रवक्ता बबलू कुमार ने कहा, "ये विपक्षी एकता के ख़िलाफ़ घिनौनी साज़िश है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बबलू कुमार ने कहा, "हमारे नेता, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ बैठक में हिस्सा लेने के लिए पटना आ रहे हैं. वो शख्स, जिसने पोस्टर लगाया, उन्हें हम नहीं जानते और वो कभी भी हमारी पार्टी के प्राथमिक सदस्य नहीं रहे."

  18. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टेट विज़िट का अमेरिका में कौन कर रहा है विरोध

  19. टाइटैनिक दिखाने ले गई लापता पनडुब्बी टाइटन में सवार पाँच लोग कौन हैं

    लापता पनडुब्बी

    रविवार से अटलांटिक महासागर में लापता हुई पनडुब्बी की तलाश अभी भी जारी है.

    ये पनडुब्बी टाइटैनिक के मलबे को दिखाने पर्यटकों के साथ समुद्र में 3 हज़ार 800 मीटर गहराई में गई थी.

    इस पनडुब्बी में कुल पाँच लोग सवार थे.

    हामिश हार्डिंग

    हामिश हार्डिंग

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    58 वर्षीय हामिश हार्डिंग ब्रितानी अरबपति हैं. संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले हामिश हार्डिंग एक्शन ग्रुप के फ़ाउंडर और एक्शन एविएशन के चेयरमैन हैं.

    कैम्ब्रिज से नेचुरल साइंसेज़ और केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले हामिश हमेशा से अंतरिक्ष और एविएशन सेक्टर में रुचि रखते आए हैं.

    हार्डिंग एक्सप्लोरर और वैज्ञानिकों के जाने माने अंतरराष्ट्रीय क्लब 'दि एक्सप्लोरर क्लब' के सदस्य हैं.

    स्टॉकटन रश

    स्टॉकटन रश

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    पनडुब्बी में सवार अन्य यात्रियों में ओशनगेट कंपनी के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर स्टॉकटन रश भी हैं. ये कंपनी किराए और वैज्ञानिक शोध के लिए पनडुब्बियां उपलब्ध करवाती है.

    गहरे समुद्र में काम करने वालों के बीच जाना-पहचाना नाम बन चुके रश ने अपना करियर आसमान से शुरू किया था. वो 1981 में महज़ 19 साल की उम्र में दुनिया के सबसे कम उम्र वाले ट्रांसपोर्ट जेट पायलट बने थे.

    शहज़ादा और सुलेमान दाऊद

    शहज़ादा दाऊद

    इमेज स्रोत, SETI INSTITUTE

    दाऊद परिवार ने एक बयान जारी कर के शहज़ादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान के पनडुब्बी में सवार होने की पुष्टि की है.

    48 साल के शहज़ादा दाऊद ब्रिटिश कारोबारी हैं और पाकिस्तान के सबसे धनी परिवारों से आते हैं.

    शहज़ादा दाऊद साउथ लंदन में अपनी पत्नी क्रिस्टीन और बच्चे सुलेमान और अलीना के साथ रहते हैं. पनडुब्बी पर उनके साथ 19 साल के सुलेमान भी हैं, जो यूनिवर्सिटी के छात्र हैं.

    दाऊद कैलिफॉर्निया के सेटी इंस्टीट्यूट के सदस्य हैं और एंग्रो कॉर्पोरेशन सहित कई कंपनियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

    पॉल आनरी नार्जेलेट

    पॉल आनरी नार्जेलेट

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    प्रतिष्ठित फ्रेंच एक्सप्लोरर पॉल आनरी नार्जेलेट अंडरवॉटर रिसर्च की दुनिया में काफ़ी बड़ा नाम माने जाते हैं.

    फ्रांस की नौसेना के पूर्व कमांडर नार्जेलेट साल 1986 में फ़्रेंच इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड एक्सप्लॉयटेशन ऑफ़ द सी से जुड़े. इसके एक साल बाद ही नार्जेलेट ने टाइटैनिक के अवशेषों को जुटाने वाले अभियान की अगुवाई की.

    साल 2010 में उन्होंने एक एडवांस्ड अभियान की अगुवाई की, जिसमें पहली बार हाई-रेज़ोल्यूशन सोनार के इस्तेमाल से टाइटैनिक का सर्वे मैप बना.

  20. टाइटन पनडुब्बी में यात्रा कर चुके यूट्यूबर ने क्या बताया

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