राजस्थान में बाड़मेर ज़िले के चौहटन थाने में रविवार को योग गुरु बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है.
बाड़मेर निवासी पठाई ख़ान की शिकायत पर आईपीसी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. इस मामले की जांच चौहटन थानाध्यक्ष बूटा सिंह बिश्नोई कर रहे हैं.
बाड़मेर ज़िला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बीबीसी हिंदी को फ़ोन पर बताया, "रविवार सुबह क़रीब 11 बजे चौहटन थाने को शिकायत दी गई.
जिसके आधार पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ 153ए, 295ए और 298 में एफआईआर दर्ज की गई है. इस मामले में पुलिस जांच की जा रही है.
एफआईआर दर्ज करवाने वाले पठाई ख़ान ने बीबीसी से फ़ोन पर कहा, "हिंदू भाइयों की एक सभा में बाबा रामदेव ने हमारे धर्म के बारे में ग़लत बोला है. इसलिए हमने थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है."
योग गुरु बाबा रामदेव दो फ़रवरी को एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने बाड़मेर पहुंचे थे. यहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए इस्लाम और मुसलमानों को लेकर विवादित बयान दिया.
उन्होंने मंच से अपने संबोधन में कहा, "उनको यही सिखाया है कि बस नमाज़ पढ़ो बाक़ी जो करना है करो. मुस्लिम समाज के बहुत से लोग ऐसा करते हैं, बस नमाज़ ज़रूर पढ़ते हैं. आतंकवादी और अपराधी बन कर खड़े हो जाते हैं."
"उनके लिए स्वर्ग का मतलब है टखने के ऊपर पायजामा पहनो, मूंछ कटवा लो, टोपी पहन लो. ऐसा कुरान कहती है या इस्लाम कहता है! मैं नहीं कह रहा है. ऐसा ही कर रहे हैं यह लोग, फिर कहते हैं तुम्हारी जन्नत में जगह पक्की हो गई. जन्नत में क्या मिलेगा! जन्नत में हूरें मिलती हैं. ऐसी जन्नत तो जहन्नुम से भी बेकार."
उन्होंने सनातन धर्म को लेकर कहा, "सनातन धर्म का एजेंडा है सुबह शुभ मुहूर्त में उठो. उठकर भगवान का नाम लो, उसके बाद योग करो. अपने आराध्य का नाम लेकर अच्छा कार्य और अच्छा कर्म करो."
"यह हिंदू धर्म और सनातन हमें सिखाता है अच्छे से जीवन कैसे जीना है, सात्विक जीवन कैसे जीना है. हमारे व्यवहार और हमारे कार्य में सात्विकता होनी चाहिए. हिंसा, झूठ, लड़ाई - झगड़ा नहीं करना, यह सब सनातन धर्म सिखाता है."
बाबा रामदेव ने मुस्लिम धर्म पर विवादित टिप्पणी करने के साथ ही ईसाई धर्म को लेकर भी विवादित बयान दिया.
उन्होंने कहा, "चर्च में जाओ और दिन में भी मोमबत्ती जलाकर ईसा मसीह के सामने खड़े हो जाओ, सारे पाप साफ़ हो जाते हैं. ईसाई धर्म यही सिखाता है. लेकिन, हिंदू धर्म में ऐसा नहीं है."