उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में पुलिस हिरासत में हुई एक मौत के मामले में पांच पुलिस वालों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में 11 पुलिस वालों को सस्पेंड भी किया गया है.
इस मामले में एक सब- इन्पेक्टर प्रशात गौतम को गिरफ़्तार किया गया है. ये पहली गिरफ़्तारी है.
मृतक के परिवार वालों ने इस घटना को लेकर कानपुर देहात के रनिया थाने में तैनात पुलिसवालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है. साथ ही परिवार के लोगों ने अकबरपुर जिला अस्पताल में युवक का इलाज करने वाले डॉक्टर की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है. डॉक्टर को भी एफआईआर में नामज़द किया गया है.
दूसरी तरफ़, कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक सुनीति ने बताया कि पूरे प्रकरण में रनिया थाने में ही एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, शिवाली थाना अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, रनिया थानाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह, मैथा चौकी इंचार्ज ज्ञान प्रकाश पांडेय समेत 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर जांच बैठा दी गई है.
उन्होंने बताया, "थाना शिवली और एसओजी की ज्वॉइंट टीम ने तीन लड़कों की गिरफ्तारी की थी. उन्हीं के बयानों से कुछ और नाम सामने आए, जिसमें से एक व्यक्ति बलवंत सिंह को बुलाया गया. जो सीने में दर्द की शिकायत करने लगा. तत्काल उसको इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए. जहां इलाज किया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई."
वहीं, मृतक बलवंत के परिवार वालों ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए मृतक युवक के शरीर के फोटो और वीडियो जारी किए हैं, जो युवक को बेरहमी से पीटे जाने की ओर इशारा करते हैं. युवक का शरीर घुटनों से नीचे और कमर के पास एक दम नीला पड़ चुका था, और उनके घुटनों की खाल भी निकली हुई थी.
मृतक के भाई सचिन कहते हैं, "एसपी ने साफ़ मना कर दिया कि उसके साथ कोई मारपीट हुई है. एसपी ने कहा कि उसकी हार्ट अटैक से डेथ हुई है. तो हम लोगों ने कहा कि अगर ऐसा है तो शव दिखाइए तो हमें बॉडी दे नहीं रहे थे. जब हम लोगों ने जबरदस्ती बॉडी निकाल कर देखी तो उसमें चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे."
थाने से जुड़ा एक वायरल वीडियो भी सामने आया है जिसमे बलवंत के परिजन उसका शव थाने से बहार लेकर जाने की कोशिश कर रहे हैं.
कानपुर देहात की डीएम नेहा जैन ने कहा है कि "हम लोग इसपर निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच करवा रहे हैं. तात्कालिक सहायता के लिए स्थानीय फंड से 4 लाख का चेक सांसद के द्वारा दिलाया जाएगा, मृतक परिवार को पारिवारिक लाभ में 30 हजार रुपये दे रहे हैं. 3 से 4 बीघे जमीन का पट्टा मां और पत्नी के नाम कराया जाएगा. वृद्ध परिजनों के वृद्ध पेंशन, विधवा पत्नी के पेंशन और दो बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत हर महीने ढाई हजार रुपए की सहायता के साथ आवास और आवासीय पट्टे की मांग को भी पूरा करेंगे."
बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले पुलिस हिरासत में हुई इस मौत पर सवाल उठाते हुए कहा, "बलवंत सिंह की पुलिस कस्टडी में मौत हुई है. ये मौत भ्रष्टाचार में शामिल होने के कारण हुई है, और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के कारण हुई है."