ताइवान की राष्ट्रपति ने क्यों कहा कि भारी कीमत चुकानी पड़ेगी
ताइवान पर हमले को लेकर राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि हमला या हमले की कोशिश करने पर भारी कीमत चुकानी होगी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी निंदा करेगा.
राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने सैन्य अधिकारियों से कहा, "हमें दुश्मन को यह समझने देना है कि ताइवान के पास देश की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्प और तैयारी है. साथ ही ताइवान के पास खुद की रक्षा करने की क्षमता भी है."
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से चीन नाराज़ है. इस यात्रा के बाद से ताइवान में तनाव चरम पर है. हालांकि पिछले 25 सालों में अमेरिका से इतनी बड़ी हैसियत का कोई शख़्स ताइवान की यात्रा पर नहीं गया था.
चीन ने इस यात्रा को अपनी 'राष्ट्रीय संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन' बताया था और इसे 'वन चाइना पॉलिसी' के ख़िलाफ़ चुनौती कहा था.
इस बीच, अमेरिका ने ताइवान के करीब चीन की सैन्य गतिविधि को 'उकसावे वाली कार्रवाई' बताया है और आरोप लगाया है कि इससे क्षेत्र में ख़तरे की स्थिति बन रही है.
दूसरी तरफ़ चीन ने अमेरिका से कहा है कि वो 'आग से ना खेले.'
चीन ताइवान को खुद से अलग हो गए एक ऐसे प्रांत के रूप में देखता है, जिसका देश की मुख्यभूमि के साथ आज न कल विलय होना तय है.
लेकिन दूसरी तरफ़ ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश के रूप में पेश करता है. उसके यहां लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है, लेकिन ताइवान ने खुद को कभी आधिकारिक रूप से स्वतंत्र राष्ट्र घोषित नहीं किया है.