दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा है कि
देश में एक माहौल बनाने की कोशिश को रही है कि फ़्री बिजली-पानी देने के सरकारों को
नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार कुछ लोगों का लाखों-करोड़ का कर्ज़ा माफ़
रही है.
पीएम मोदी के रेवड़ी वाले भाषण का जवाब देते हुए उन्होंने कहा,”आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ पर
ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि आम लोगों को मिल रही मुफ़्त शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी बंद होनी चाहिए, इससे सरकारों को घाटा होता है.बच्चों को मिल
रही फ़्री शिक्षा को 'रेवड़ी' बता कर बंद करने का
माहौल बनाना बहुत दु:खद है.”
उन्होंने कहा कि आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ पर ये सोचना था कि शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, बिजली, पानी देने में जो भारी कमी हुई है, उसे अगले 5 साल में कैसे पूरा किया जाए.
उन्होनें कहा, “उल्टा ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जिनके पास पैसे नहीं सरकारों की बला से, अशिक्षित रहें प्यासे रहें मर जाएं.”
दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “डेनमार्क, नॉर्वे जैसे 39 देश अपने बच्चों को मुफ़्त शिक्षा देते हैं, ये देश इसी से अमीर बनेहैं, कनाडा, यूके जैसे 9 देश हेल्थकेयर फ़्री देते हैंअमेरिका और जर्मनी जैसे 16 देश बेरोज़गारी भत्ता देते हैंये देश अपने दोस्तों के लाखों-करोड़ के क़र्ज़ माफ़ नहीं करते.
पीएम मोदी ने ‘रेवड़ी कल्चर’ पर दिया था बयान
कुछ दिनों पहले पीएम मोदी ने रेवड़ी कल्चर से सावधान रहने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, “रेवड़ी कल्चर वाले कभी आपके लिए नए एक्सप्रेसवे नहीं बनाएंगे, नए एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे. ऐसे लोगों को लगता है कि मुफ्त की रेवड़ी के बदले उन्होंने जनता जनार्दन को खरीद लिया है.“
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही मुफ़्त में दी जाने वाली सुविधाओं का टैक्स देने वालों और अर्थव्यवस्था पर असर को समझने के लिए एक्सपर्ट ग्रुप बनाने की फ़ैसला किया है. इसमें नीति आयोग, फाइनैंस कमिशन, चुनाव आयोग, आरबीआई और राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधित्व शामिल होंगे.