सोमवार को लोकसभा में महंगाई पर हुई चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश मंदी में नहीं आ रही है.
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "भारत के मंदी में जाने का सवाल नहीं उठता हैं."
विपक्षी नेताओं पर तंज करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वो महंगाई के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं.
सीतारमण ने कहा, "महामारी, कोरोना की दूसरी लहर, ओमिक्रॉन, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भी हमने महंगाई को काबू में रखा है. महंगाई दर सात फ़ीसदी या उससे कम ही रही है."
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ निर्मला सीतारमण ने कहा, '' हमने कभी भी ऐसी महामारी नहीं देखी... इस दौरान हम सभी इस कोशिश में लगे थे कि हमारे संसदीय क्षेत्र के लोगों को मदद मिल सके. मुझे याद है सभी सांसद और राज्य सरकार ने इसमें अहम योगदान दिया. नहीं तो देश आज यहां नहीं होता.''
''मैं इसके लिए भारत की जनता को श्रेय देना चाहती हूं. तमाम चुनौतियों के बावज़ूद हम खड़े हैं और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं.''
सीतारमण ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बीते दो साल में विश्व बैंक, आईएमएफ और दूसरी वैश्विक संस्थाओं की ओर से भारत को मज़बूत रैंकिंग दी गई है.
''सोमवार सुबह ही हमने जुलाई महीने में हुए कुल जीएसटी संग्रह की घोषणा की है. जीएसटी लागू होने के बाद से ये दूसरी बार है जब हमने इतना कलेक्शन किया है. ये कुल 1.49 लाख करोड़ रुपये है और यह लगातार पांचवां महीना है जब कलेक्शन 1.4 लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहा है.''
इससे पहले महंगाई के मुद्दे पर राज्यसभा में भारी विरोध हुआ और सभा दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी.