कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज़ ले चुके यात्री 8 नवंबर से अमेरिका जा सकेंगे

अमेरिका ने कहा है कि वो कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज़ ले चुके 33 देशों के यात्रियों के लिए 8 नवंबर से अपनी सीमाएं खोल देगा.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी, पवन सिंह अतुल and शुभम किशोर

  1. कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज़ ले चुके यात्री 8 नवंबर से अमेरिका जा सकेंगे

    अमेरिका

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    अमेरिका ने कहा है कि वो कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज़ ले चुके 33 देशों के यात्रियों के लिए 8 नवंबर से अपनी सीमाएं खोल देगा.

    व्हाइट हाउस के असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी केविन मुनोज़ ने शुक्रवार को ये जानकारी दी है.

    उन्होंने ट्विटर पर समाचार एजेंसी रॉयटर्स के एक पत्रकार डेविड शेपार्डसन का एक ट्वीट रिट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा, “अमेरिका अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग या सड़क के ज़रिए आने वाले वैक्सीन की पूरी डोज़ ले चुके यात्रियों पर आठ नवंबर से पाबंदियां हटा रहा है.”

    साथ ही उन्होंने लिखा, “8 नवंबर से शुरू होने वाली अमेरिका की नई यात्रा नीति के मुताबिक़, विदेशी यात्रियों के लिए टीकाकरण ज़रूरी होगा. ये नियम और तारीख़ अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग और सड़क रास्ते दोनों पर लागू होंगे.”

    उन्होंने लिखा कि नियम कड़े हैं और इनका सख़्ती से पालन किया जाएगा.

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    नए नियमों के अनुसार जिन लोगों को कोरोना की वैक्सीन की पूरी डोज़ मिल गई है और यात्रा से 72 घंटों पहले जिनका कोविड टेस्ट निगेटिव आया है, उन्हें देश में प्रवेश की इजाज़त दी जाएगी.

    माना जा रहा है कि ये महामारी के मद्देनज़र अमेरिका की लगाई कड़ी पाबंदियों से बड़ी राहत होगी.

    मौजूदा यात्रा नियमों के अनुसार ग़ैर-अमेरिकी नागरिक जो ब्रिटेन, चीन, भारत, दक्षिण अफ्रीक़ा, ईरान, ब्राज़ील और समेत कई यूरोपीय देशों में पिछले 14 दिनों के दौरान रहे हैं, उन्हें अमेरिका आने की इजाज़त नहीं है.

  2. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 15 अक्टूबर 2021,सुनिए मोहन लाल शर्मा से

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  3. सावरकर की देश भक्ति पर सवाल उठाने वाले शर्म करें - अमित शाह

    अमित शाह

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    देश में सावरकर को लेकर चल रही बहस के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सावरकर की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों को शर्म आनी चाहिए.

    अंडामान के सेल्यूलर जेल में एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा, “वीर सावरकर को वीर की उपाधि किसी सरकार ने, किसी प्रशासन ने नहीं दी, 130 करोड़ जनता ने अपने मन से वीर जोड़ा है जो उनके पराक्रम जो अनुमोदन कर करता है.”

    “उन्होंने पूरी दुनिया में संदेश दिया कि कितने भी जुर्म कर लो, यातनाएं दे दो, अमानवीय बर्ताव कर लो मगर मेरे अधिकार को आप रोक नहीं सकते. मेरे देश को स्वतंत्र करने का मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है. इसकी सिद्धी यहां वीर सावरकर ने की थी.”

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    अमित शाह ने कहा, “कुछ लोग सावरकर जी के जीवन पर सवाल उठा रहे हैं, इससे बड़ा खेद होता है, दर्द होता है. जिस व्यक्ति को एक ही जीवन में दो कालापानी की सजा हुई, उसकी देशभक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं. जिस व्यक्ति ने कई किलोमीटर दूर स्टीमर से छलांग लगाकर भारत के लिए लड़ने का फ़ैसला किया, उस व्यक्ति की वीरता पर आप प्रश्न चिन्ह उठा रहे हैं?”

    “जो कोल्हू का बैल बनकर तीन पाउंड तेल निकालने की सज़ा झेलता रहा, उस व्यक्ति की देशभक्ति पर सवाल उठा रहे हैं? शर्म करो.”

    शाह ने कहा कि सावरकर ने बहुत अत्याचारों का अनुभव किया होगा और कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर चढ़ते देखा होगा लेकिन वो फिर भी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रहे.

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    उन्होंने कहा कि वहां स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में हमेशा चलने वाली ज्योति पर वीर सावरकर का नाम था जिसे हटा दिया गया था. उन्होंने कहा, “मगर उखाड़ने वालों का समय लंबा नहीं होता है और आज गौरव के साथ वहां फिर से वीर सावरकर का नाम है.”

    शाह नेे कहा, "अब जिस रास्ते पर मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने आगे बढ़ने और चलने का निर्णय लिया है, वो पीछे मुड़ने का नहीं बल्कि आगे बढ़ते रहने का रास्ता है और सावरकर और सान्याल जैसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों की संकल्पना का भारत बनाने का रास्ता है."

    इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि विनयाक दामोदर सावरकर के 'दया याचिका' दायर करने को एक ख़ास वर्ग ने ग़लत तरीक़े से फैलाया. उन्होंने दावा किया था कि सावरकर ने जेल में सज़ा काटते हुए अंग्रेज़ों के सामने दया याचिका महात्मा गांधी के कहने पर दाखिल की थी.

    राजनाथ सिंह के इस बयान पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई थी. कई नेता, इतिहासकार और पत्रकार ने इसे ग़लत बताया है.

    दिल्ली में सावरकर पर उदय माहूरकर और चिरायु पंडित की किताब 'वीर सावरकर हु कुड हैव प्रीवेंटेड पार्टिशन' के विमोचन कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने ये बात कही थी. इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे.

  4. पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में किया कई सुधारों का एलान, सात कंपनियां लांच हुईं

    पीएम नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सात नई रक्षा कंपनियों की शुरुआत की है. रक्षा मंत्रालय के एक वर्चुअल कार्यक्रम के ज़रिए पीएम मोदी ने इन कंपनियों को देश को सौंपा.

    अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने विजय दशमी के बधाई संदेश से की. साथ ही उन्होंने बताया कि ये कंपनियां हथियार, गोल-बारूद, सैन्य वाहन एवं अन्य रक्षा उपकरणों का निर्माण करेंगी.

    पीएम मोदी ने कहा, “एक कंपनी हथियार, गोला-बारूद की ज़रूरतों को पूरा करेगी, दूसरी कंपनी सैन्य वाहन बनाएगी. इसके अलावा आधुनिक हथियार और उपकरण हो, ट्रूप कंफर्ट आइटम हो, ऑप्टिकल इलेक्ट्रॉनिक्स हो या पैराशूट, हमारा लक्ष्य है कि भारत की एक-एक कंपनी न केवल इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करे बल्कि वैश्विक ब्रांड भी बने.”

    देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर ज़ोर देते हुए पीएम मोदी ने कई सालों से कामों को लटकाने के लिए पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा.

    उन्होंने कहा, “इस साल भारत ने अपनी आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया है. आजादी के इस अमृतकाल में देश भविष्य के निर्माण के लिए नए संकल्प ले रहा है. जो काम दशकों से अटके थे उन्हें पूरा भी कर रहा है. 41 ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज़ को नए स्वरूप में किए जाने का निर्णय, सात नई कंपनियों की ये शुरुआत देश की इसी संकल्प यात्रा का हिस्सा है. ये निर्णय पिछले 15-20 साल से लटका हुआ था.’’

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    पीएम मोदी ने कहा, “आज देश के डिफेंस सेक्टर में जितनी पारदर्शिता है, विश्वास और प्रौद्योगिकी संचालित दृष्टिकोण है उतना पहले कभी नहीं था. हमारी ऑर्डिनेंस फैक्टरीज़ कभी दुनिया की शक्तिशाली संस्थाओं में गिनी जाती थीं. आज़ादी के बाद हमें ज़रूरत थी इन फैक्ट्रीज़ को अपडेट करने की. लेकिन, इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया. इस स्थिति में परिवर्तन लाने में ये नई सात डिफेंस कंपनियां बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगी.”

    रक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही ऐसे 100 से ज़्यादा सामरिक उपकरणों की सूचि जारी की थी जिन्हें अब बाहर से आयात नहीं किया जाएगा. इन नई कंपनियों के लिए देश ने अभी से ही 65 हज़ार करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए हैं. ये हमारी रक्षा क्षेत्र में देश के विश्वास को दिखाता है.

    इसके अलावा पीएम मोदी ने सात कंपनियों को संचालन में पूरी छूट दिए जाने की बात कही और नई सोच, शोध और कौशल को पूरा मौका देने पर जोर दिया.

  5. उत्तर प्रदेश: झांसी में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 11 की मौत

    उत्तर प्रदेश के झांसी में एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने के कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है जिसमें चार बच्चे और सात महिलाएं हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पुलिस के बताया कि किसी जानवर के अचानक सामने आ जाने पर ड्राइवर ने ब्रेक लगाया जिसके कारण ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई. चिरगांव इलाके में हुए इस हादसे में छह लोग घायल हो गए हैं.

    एसएसपी शिवहरी मीणा के मुताबिक मध्य प्रदेश के पंडोखर से क़रीब 30 परिवार ज़िले में एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय मे कहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफ़सरों को राहत और बचाव कार्य की व्यवस्था और घायलों का सही इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

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  6. ईरान पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने क्या कहा?

    सऊदी विदेश मंत्री

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    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने कहा है कि ईरान के साथ उनके देश की वार्ताएं सौहार्दपूर्ण रही हैं.

    ब्रिटिश अख़बार फ़ाइनेंसियल टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार उन्होंने इन वार्ताओं को 'एक-दूसरे को समझने' की कोशिश बताया है.

    विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान ने फ़ाइनेंसियल टाइम्स को बताया, "हम ईरान के साथ बातचीत के बारे में गंभीर हैं. हमारे लिए ये कोई बड़ा क़दम नहीं है. हम हमेशा कहते रहे हैं कि हम क्षेत्रीय शांति के लिए रास्ते ढूंढते रहेंगे."

    सुन्नी बहुल सऊदी अरब और शियाओं बहुल ईरान ने साल 2016 में तेहरान में सऊदी मिशन पर हमले के बाद कूटनीतिक संबंध ख़त्म कर दिए थे. सऊदी मिशन पर हमले की वजह, सऊदी अरब में एक नामी शिया धर्मगुरु को सज़ा-ए-मौत देना था.

    लेकिन हाल के हफ़्तों में दोनों देशों के अधिकारियों ने एक दूसरे के बारे में काफ़ी सकारात्मक बातें कही हैं. दोनों देशों के अधिकारियों के बीच ये बातचीत अप्रैल के माह से इराक़ी राजधानी बग़दाद में चल रही है.

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    अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाक़ात

    प्रिंस फ़ैसल ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से भी मुलाक़ात की है. उनसे बातचीत में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर भी चर्चा हुई है.

    ट्वीटर पर जारी एक बयान में अल-साउद ने कहा है, "आज मेरे मित्र एंटनी ब्लिंकन के साथ दोनों देशों के साझे हितों और चिंताओं पर बात हुई ताकि इन्हें मज़बूत कर, समारिक पार्टनरशिप और सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके."

  7. कंधार में शिया मस्जिद में विस्फोट में मरने वालों की संख्या 30 हुई, 90 घायल

    कंधार में विस्फोट

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    अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान के शहर कंधार में एक शिया मस्जिद में हुए विस्फोट में 16 लोगों को मौत हो गई है और 32 लोग घायल हैं.

    विस्फोट शहर की इमाम बारगाह मस्जिद में हुआ है.

    फ़िलहाल धमाके की वजह का पता नहीं चला है लेकिन ये विस्फोट पिछले शुक्रवार को अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी शहर कुंदूज़ में हुए शिया मस्जिद पर धमाके के ठीक एक हफ़्ते बाद हुआ है.

    उस हमले की ज़िम्मेदारी तथाकथित इस्लामिक स्टेट ने ली थी.

    बीबीसी के अफ़ग़ानिस्तान संवाददाता सिकंदर किरमानी के अनुसार इस्लामिक स्टेट-खुरासान गुट इस हमले की ज़िम्मेदारी ले सकता है.

    इससे पहले शहर के एक अस्पताल के डॉक्टर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 13 घायलों का इलाज चल रहा है.

    एक चश्मदीद ने एएफ़पी को बताया कि उसने तीन धमाके सुने, इनमें से पहला धमाका मस्जिद के मुख्य द्वार पर, दूसरा मस्जिद के दक्षिण में और तीसरा वुज़ू करने वाली जगह पर सुना गया.

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    तालिबान सरकार में गृह मंत्रालय के प्रवक्ता क़ारी सैय्यद ख़ोस्ती ने ट्वीट किया, “हमें ये जानकर दुख हुआ है कि कंधार में शिया बिरादरी की मस्जिद पर हुए धमाके में कई लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं.”

    उन्होंने आगे लिखा, “इस्लामिक अमीरात की स्पेशल फ़ोर्सज़ धमाके की तफ़्तीश करने और उसे अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए इलाक़े में पहुंच गई हैं.”

    चश्मदीदों ने धमाके के बाद कोई 15 एंबुलेंस मस्जिद में दाखिल होते देखी हैं.

    सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें साझा की जा रही है जिनमें मस्जिद के अंदर का दिल दहला देने वाला मंजर देखा जा सकता है.

    कंधार में धमाका

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  8. एम्स में कार्डियोलॉजिस्ट की निगरानी में मनमोहन सिंह, हालत स्थिर

    मनमोहन सिंह

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हालत स्थिर है.

    एजेंसी ने अस्पताल के अधिकारी के हवाले से ये जानाकारी दी है.

    पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को बुधवार को कमज़ोरी और बुख़ार की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती करवाया गया था.

    89 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को अस्पताल के कार्डियो-न्यूरो सेंटर के प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया गया है. उनका इलाज डॉक्टर नितीश नायक की अगुवाई वाली कार्डियोलॉजिस्ट की एक टीम कर रही है.

    एम्स के अधिकारी ने पीटीआई के बताया - उनका हालत स्थिर है और उसमें सुधार आ रहा है.

    गुरुवार शाम को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मनमोहन सिंह से मिलने और उनका हाल-चाल जानने पहुँचे थे.

    इसके अलावा कल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी पूर्व पीएम से मिले थे

    राहुल गांधी

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  9. अर्थव्यवस्था और विदेश नीति में विफल मोदी सरकार, घमंड बड़ी बाधा: सुब्रमण्यम स्वामी

    बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी

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    बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि बीजेपी सरकार अर्थव्यवस्था और विदेश नीति दोनों स्तर पर असफल रही है.

    उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि वह विफल नीतियों को ठीक करने के लिए तैयार हैं लेकिन घमंड इसमें रुकावट बन जाता है.

    उन्होंने शुक्रवार सुबह ट्वीट किया, “ये साफ है कि मोदी सरकार इकोनॉमी और विदेश नीति में 'विकास' लाने में असफल रही है. अभी तक लद्दाख में हमारी रक्षा नीति एक बहुत बड़ी विफलता रही है. मैं विफल नीतियों को 'RESET' करने में मदद के लिए तैयार हूं लेकिन घंमड एक बड़ी बाधा है.”

    लद्दाख को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी का इशारा चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बने गतिरोध को लेकर था.

    पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच पिछले एक साल से भी ज़्यादा समय से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है.

    हाल ही में दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की 13वें राउंड की बातचीत हुई थी लेकिन उससे भी कोई खास नतीजा नहीं निकल पाया है.

    1 मई 2020 को दोनों देशों के सौनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख के पैगोन्ग त्सो झील के नॉर्थ बैंक में झड़प हुई. इसमें दोनों ही पक्षों के दर्जनों सैनिक घायल हो गए थे.

    गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई.

    आख़िरकार, इस साल फ़रवरी में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हुई सहमति के बाद इस साल फ़रवरी में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू की गई.

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  10. बेरूत में हिंसा के बाद आज अंतिम संस्कार, शहर में तनाव के बीच ईरान का इसराइल पर आरोप

    लेबनान में गोलीबारी

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    गुरुवार को बेरूत में हुए एक प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में मारे गए छह लोगों का आज अंतिम संस्कार होगा. लेेकिन, जानकारों को आज एक बार फिर से गड़बड़ी होने का डर है.

    कल कुछ लोग पिछले वर्ष बेरूत बंदरगाह पर हुए भीषण विस्फोट मामले की जांच कर रहे जज को हटाने की मांग कर रहे थे. उस प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी शुरू हो गई जिसमें छह लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.

    अगस्त 2020 में बेरूत बंदरगाह में रखे टनों अमोनिया नाइट्रेट के भंडार में आग लगने से विस्फोट हुआ था जिसमें 219 लोग मारे गए थे.

    बेरूत में प्रदर्शन

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    जज को हटाने की मांग

    गुरुवार को हुए प्रदर्शन का आयोजन ईरान समर्थित ग्रुप हिज़्बुल्लाह ने किया था. ये एक ताक़तवर संगठन है और संगठन की ओर से कहा गया है कि बंदूकधारियों ने प्रदर्शनकारियों पर छतों से गोलियां चलाई हैं.

    हिज़्बुल्लाह ने लेबनान के ईसाइ गुट पर हमले का आरोप लगाया है पर ईसाइ गुट ने आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.

    ईरान ने प्रदर्शनकारियों की मौत की आलोचना करते हुए कहा है कि लेबनान ‘इसराइल समर्थित’ बलवे में नहीं फंसेगा.

    ईरान की समाचार एजेंसी IRNA ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादेह के हवाले से कहा है, "ईरान का मानना ​​है कि लेबनान के लोग, सरकार और सेना सफलतापूर्वक इस ज़ियोनिस्ट इकाई समर्थित राजद्रोह पर काबू पा लेंगे."

  11. JEE Advanced 2021 के नतीजे घोषित, मृदुल अग्रवाल ने किया टॉप

    परीक्षा

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    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा जेईई-एडवांस के नतीजों की घोषणा हो गई है.

    दिल्ली ज़ोन से परीक्षा देने वाले मृदल अग्रवाल ने जेईई-एडवांस में टॉप किया है. उन्हें 360 में से 348 अंक प्राप्त हुए हैं.

    अधिकारियों के मुताबिक इस साल जेईई-एडवांस के लिए कुल 41,862 छात्रों ने क्वालिफाई किया है जिनमें 6,452 लड़कियां हैं. कुल 1,41,699 छात्रों ने ये परीक्षा दी थी.

    लड़कियों में काव्या चोपड़ा ने 360 में से 286 अंकों के साथ टॉप किया है. उन्होंने भी दिल्ली ज़ोन से ही परीक्षा दी थी.

    इस साल आईआईटी-खड़गपुर ने परीक्षा आयोजित की थी. जेईई की परीक्षा दो स्तर पर होती है एक मैन्स और दूसरी एडवांस.

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  12. लगातार दूसरे दिन पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें बढ़ीं, कई राज्यों में डीज़ल सौ पार

    पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध करता वामपंथी छात्र संगठन का एक कार्यकर्ता

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    इमेज कैप्शन, सोमवार की खिंची गई ये तस्वीर गुवाहाटी की है. पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध करता वामपंथी छात्र संगठन का एक कार्यकर्ता.

    आज एक बार फिर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 35 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. इस वक्त भारत में पेट्रोल और डीज़ल के भाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं.

    सरकारी तेल कंपनियों की अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अपने उच्चतम स्तर 105.14 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 111.09 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

    मुंबई में, डीज़ल अब 101.78 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है जबकि दिल्ली में इसकी कीमत 93.87 रुपये है.

    पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी का यह लगातार दूसरा दिन है. 12 और 13 अक्टूबर को दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

    सितंबर में तीन सप्ताह तक कीमतें नहीं बढ़ी थीं. इस साल ये पेट्रोल की कीमतों में यह 14वीं डीज़ल की कीमतों में 17वीं वृद्धि है.

    भारत के अधिकांश हिस्सों में पेट्रोल की कीमत पहले से ही 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर है. अब डीजल की कीमत भी मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, केरल, कर्नाटक और लेह सहित एक दर्जन राज्यों में सौ के स्तर को पार कर गई है.

    स्थानीय करों की वजह से तेल की कीमतें एक राज्य से दूसरे राज्य में अलग होती हैं.

    अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ीं है. सात वर्षों में पहली बार अंतरराष्ट्रीय तेल की क़ीमतों के बेंचमार्क इंडेक्स ब्रेंट क्रूड में कच्चा तेल 84.61 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड हो रहा है. सात सालों में कच्चा तेल इस भाव पर है.

    महीना भर पहले ये भाव 73.51 डॉलर प्रति बैरल था.

  13. जम्मू के पुंछ में चरमपंथियों से मुठभेड़ में दो सैनिकों की मौत, ऑपरेशन जारी,

    भारतीय सेना की सकेंतात्मक तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, संकेतात्मक तस्वीर

    जम्मू संभाग में नियंत्रण रेखा से सटे पुंछ ज़िले के घने जंगलों में छिपे चरमपंथियों ने गुरुवार देर शाम भारतीय सेना की टुकड़ी पे एक दफा फिर घात लगा हमला कर दो सैनिकों को मार दिया है.

    जिस समय यह हमला हुआ उस समय सेना के जवान ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर मेंढर तहसील के भाटादुड़ियाँ इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे.

    जम्मू में रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद के अनुसार, "गुरुवार को पूँछ ज़िले की मेंढर तहसील में नर खास इलाके में चलाये जा रहे अभियान के दौरान दो सैनिक चरमपंथी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे लेकिन बाद में उनकी मृत्यु हो गयी."

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुठभेड़ में राइफ़लमेन विक्रम सिंह नेगी और राइफ़लमेन योगांबर सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे. बाद में दोनों की मौत हो गई.

    ये ऑपरेशन अभी चल रहा है.

    चरमपंथियों के साथ शुरू हुई झड़प के चलते भारतीय सेना ने पूरी तरह से इलाके की घेराबंदी कर रखी है और चरमपंथियों को काबू में करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

    गुरुवार देर शाम से जम्मू पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरनकोट से भिम्बर गली के बीच यातायात बंद रखा गया है.

    इस से पहले 11 अक्तूबर को पुंछ ज़िले की सुरनकोट तहसील के चमरेड़ इलाके में चरमपंथियों ने एक JCO समेत पांच सैनिकों की मार दिया था.

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  14. ऑस्ट्रेलिया: सिडनी में जल्द ही बिना क्वारंटीन के मिल सकेगा प्रवेश

    ऑस्ट्रेलिया

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    ऑस्ट्रेलिया में वैक्सीन लगा चुके यात्रियों को बिना किसी प्रतिबंध के सिडनी में प्रवेश देने पर विचार किया जा रहा है. ऐसा नंवबर से किया जा सकता है.

    सिडनी ऑस्ट्रेलियाई राज्य न्यू साउथ वेल्स की राजधानी है और देश का सबसे बड़ा शहर है. न्यू साउथ वेल्स ने इसकी घोषणा शुक्रवार को की.

    लेकिन सिडनी में बिना क्वारंटीन के प्रवेश के लिए केंद्र सरकार के मंज़ूरी की ज़रूरत होगी.

    राज्य की योजना पर प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की तरफ़ से जवाब आना बाकी है.

    लेकिन, अगर इसको मंज़ूरी मिल जाती है तो इससे ऑस्ट्रेलिया में महामारी के बाद से पहली बार पर्यटन को बहुत तेज़ी मिलेगी.

    प्रीमियर डॉमिनिक पेरोटेट ने कहा, “हम सिडनी और न्यू साउथ वेल्स को दुनिया के लिए खोल रहे हैं और ये तारीख़ एक नवंबर को आएगी.”

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    मार्च 2020 से लागू सख़्त नियम

    ऑस्ट्रेलिया ने मार्च 2020 के बाद से अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बंद रखा है. ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों को भी 14 दिनों तक अपने ख़र्चे पर क्वारंटीन में रहने के बाद ही प्रवेश की अनुमति है.

    पिछले महीने स्कॉट मॉरिसन ने संकेत दिए थे कि नवंबर में सीमा संबंधी नियम बदले जाएंगे ताकि देश में रह रहे नागरिकों का बाहर जाना और बाहर रहे रहे नागरिकों का वापस लौटना आसान हो सके.

    ऑस्ट्रेलिया की योजना देश में आने वालों को एक हफ़्ते के लिए होम क्वारंटीन में रखने की थी. लेकिन, न्यू साउथ वेल्स में अधिकारियों का कहना है कि सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का बिना क्वारंटीन के स्वागत किया जाएगा. लेकिन, उन्होंने वैक्सीन ली हो और फ़्लाइट से पहले कोविड टेस्ट कराया हो.

  15. कहानी कोयले कीः भारत के पास 319 अरब टन का कोयला भंडार, फिर क्यों है संकट?

    महिला

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    भारत इस समय अभूतपूर्व कोयला संकट की कगार पर खड़ा है. बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जाहिर की गई है

    भारत में कोयले के ओद्योगिक खनन की कहानी पश्चिम बंगाल के रानीगंज से शुरू हुई जहां ईस्ट इंडिया कंपनी ने नारायणकुड़ी इलाक़े में 1774 में पहली बार कोयले का खनन किया.

    लेकिन उस दौर में ओद्योगिक क्रांति भारत तक नहीं पहुंची थी और कोयले की मांग बहुत कम थी. ऐसे में अगली एक सदी तक भारत में बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन नहीं हुआ.

    1853 में ब्रिटन में भाप चलित रेल इंजन के विकास के बाद कोयले का उत्पादन और खपत दोनों में ही बढ़ोतरी आई. बीसवीं सदी की शुरुआत तक भारत में कोयला उत्पादन 61 लाख टन प्रतिवर्ष तक पहुंच गया था.

    लेकिन आज़ादी के बाद भारत की आकांक्षाएं बढ़ी और कोयला इन बढ़ती आकांक्षाओं की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने का अहम ज़रिया बन गया. आज भारत कोयले के उत्पादन और खपत के मामल में चीन के बाद दूसरे नंबर पर है.

  16. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन अस्पताल में भर्ती

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को कैलिफॉर्निया के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.

    उनके प्रवक्ता एंजल उरेनिया ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने मंगलवार को बताया कि बिल क्लिंटन को यूसी इरविन मेडिकल सेंटर में भर्ती किया गया है. अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है.

    बिल क्लिंटन को अस्पताल में भर्ती करने की वजह के बारे में कुछ नहीं बताया गया है. लेकिन, 75 साल के बिल क्लिंटन को दिल से जुड़ी बीमारी रही है.

    उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें एंटीबायोटिक्स और फ्लूइड्स दिए जा रहे हैं. फिलहाल लगातार निगरानी के लिए उन्हें अस्पताल में ही रखा जाएगा.

    डॉक्टरों ने बताया, “दो दिनों के इलाज के बाद उनके सफेद रक्त कण (डब्ल्यूबीसी) कम हो रहे हैं और उन पर एंटीबायोटिक्स दवाओं का असर हो रहा है.”

    अस्पताल के डॉक्टरों ने न्यू यॉर्क में बिल क्लिंटन की मेडिकल टीम और कार्डियोलॉजिस्ट से भी संपर्क किया. उन्होंने कहा कि बिल क्लिंटन को जल्द ही घर वापस भेजा जा सकता है.

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  17. ग्लोबल हंगर इंडेक्स में पाकिस्तान और नेपाल से पिछड़ा भारत

    ग्लोबल हंगर इंडेक्स

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    ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2021 में भारत 116 देशों की सूची में फिसलकर 101वें स्थान पर आ गया है. इससे पहले भारत 94वें स्थान पर था.

    भारत इस सूची में पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से भी पीछे हो गया है. पाकिस्तान 92वें, नेपाल और बांग्लादेश 76वें स्थान पर हैं.

    ग्लोबल हंगर इंडेक्स की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक इस सूची में पांच से कम जीएचआई स्कोर रखने वाले चीन, ब्राज़ील और कुवैत समेत 18 देश शीर्ष स्थान पर हैं.

    अलग-अलग देशों में लोगों को खाने की चीज़ें कैसी और कितनी मिलती हैं, ग्लोबल हंगर इंडेक्स उसे दिखाने का साधन है. 'ग्लोबल हंगर इंडेक्स' का सूचकांक हर साल ताज़ा आंकड़ों के साथ जारी किया जाता है.

    इस सूचकांक के ज़रिए विश्व भर में भूख के ख़िलाफ़ चल रहे अभियान की उपलब्धियों और नाकामियों को दर्शाया जाता है.

    यह रिपोर्ट आयरलैंड की सहायता एजेंसी कन्सर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी के संगठन वेल्ट हंगर हिल्फ ने मिलकर तैयार की है. रिपोर्ट में भारत में भूखमरी के स्तर को लेकर चिंता जताई गई है.

    ग्लोबल हंगर इंडेक्स

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    साल 2020 में 107 देशों की सूची में भारत 94वें स्थान पर था. रिपोर्ट के मुताबिक भारत का जीएचआई स्कोर कम हुआ है. साल 2000 में ये 38.8 था जो 2012 से 2021 के बीच 28.8-27.5 रह गया.

    जीएचआई स्कोर चार संकेतकों के आधार पर तय किया जाता है- अल्पपोषण, चाइल्ड वेस्टिंग (पांच साल से कम उम्र के बच्चे जिनका वज़न उनकी ऊंचाई के हिसाब से कम है, ये तीव्र कुपोषण को दर्शाता है), चाइल्ड स्टंटिंग (पांच साल से कम उम्र के बच्चे जिनकी उम्र के मुताबिक लंबाई कम है, जो लंबे समय से कुपोषण को दर्शाता है) और बाल मृत्यु दर (पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर).

    जीएचआई ज़्यादा होने का मतलब है उस देश में भूख की समस्या अधिक है. उसी तरह किसी देश का स्कोर अगर कम होता है तो उसका मतलब है कि वहाँ स्थिति बेहतर है.

    रिपोर्ट कहती है, “भारत में कोविड-19 महामारी के चलते लगे प्रतिबंधों का लोगों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है.”

  18. बेरुत में प्रदर्शन के दौरान हुई फ़ायरिंग में छह की मौत, 32 घायल

    बेरूत में फायरिंग

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    लेबनान की राजधानी बेरुत में गुरुवार को एक प्रदर्शन के दौरान हुई फ़ायरिंग में छह लोगों की मौत हो गई और 32 घायल हो गए.

    प्रदर्शनकारी पिछले साल बेरुत के बंदरगाह पर हुए भयानक विस्फोट की जांच कर रहे जज के विरोध में जमा हुए थे. इस धमाके में 219 लोग मारे गए थे.

    प्रदर्शन के दौरान हिज़्बुल्लाह और अमाल नामक संगठनों के समर्थक, जज तारेक बिटर को बदलने की मांग कर रहे थे कि तभी भारी गोलीबारी शुरू हो गई.

    गुरुवार को हुई घटना पर प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने शुक्रवार को एक दिन के शोक की घोषणा की है.

    वहीं, राष्ट्रपति मिशेल आउन ने कहा, “हम किसी को भी अपने फ़ायदे के लिए देश को बंधक बनाने की इजाजत नहीं देंगे.”

    विरोध प्रदर्शन

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    जज का विरोध

    हिज़्बुल्लाह और उसके सहयोगी जज पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पीड़ितों के परिवार ने उनका समर्थन किया है.

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जज तारेक बिटर पिछले साल बेरुत के बंदरगाह पर हुए धमाके की पूछताछ के लिए, हिज़्बुल्लाह के सहयोगी पूर्व कैबिनेट मंत्रियों के ख़िलाफ़ जान-बूझकर, लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं.

    इससे पहले, एक अदालत ने इसी न्यायाधीश के ख़िलाफ़ लाई गई एक शिकायत को ख़ारिज कर दिया था.

    बेरूत में विरोध प्रदर्शन के फायरिंग

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    पिछले साल के धमाके के पीड़ितों के परिवारों ने इस क़दम की निंदा की थी जिसके कारण जांच को तीन सप्ताह में दूसरी बार निलंबित करना पड़ा था.

    पिछले साल हुए उस विस्फोट में अभी तक इसके लिए किसी को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया गया है.

    बेरुत के पोर्ट में क़रीब 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट रखा हुआ था. इसी भंडार में आग लगने से भयानक धमाके हुए थे. ये सारा अमोनियम नाइट्रेट बंदरगाह पर असुरक्षित ढंग से क़रीब छह साल से रखा हुआ था.

  19. नमस्कार! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज में आपका स्वागत है. हम आपको यहाँ दिन भर की बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 14 अक्टूबर, गुरुवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिककर सकते हैं.