चीन के लड़ाकू विमानों का पड़ोसी ताइवान की सीमा में प्रवेश जारी है. पिछले शुक्रवार यानी इस महीने की पहली तारीख़ से 148 चीनी लड़ाकू विमान ताइवान की सीमा का उल्लंघन कर चुके हैं.
सोमवार को चीन के 56 लड़ाकू विमान ताइवान की सीमा में प्रवेश कर गए जिसके बाद ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर ताइवान चीन के हाथों चला जाता है तो एशिया में शांति और लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा ख़तरा होगा.
पिछले तीन दिनों से चल रहे सीमा उलंघन को जारी रखते हुए, सोमवार को चीन के 56 लड़ाकू विमान ताइवान के दक्षिणी पश्चिमी वायु सीमा में प्रवेश कर गए. चीन की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इन लड़ाकू विमानों के समूह में परमाणु क्षमता वाले 12 H-6 बॉम्बर्स भी शामिल थे.
ताइवान की सरकार के अनुसार इन विमानों ने ताइवान के कब्ज़े वाले प्रातास द्वीप के आसपास उड़ान भरी. सोमवार को किया गया वायु सीमा उल्लंघन इस माह में चौथा था, जिस दौरान चीन के 150 लड़ाकू विमानों ने ताइवान की सीमा का उलंघन किया है.
ताइवान ने इसे गैरज़िम्मेदाराना और भड़काने वाली कार्रवाई करार दिया है. ताइवान के प्रधानमंत्री सू जेन चांग ने कहा, "चीन क़ाबू से बाहर होता जा रहा है, इसलिए ज़रूरत है कि ताइवान सावधान रहे. दुनिया ने देखा है कि चीन किस तरह से क्षेत्र में शांति का उल्लंघन कर रहा है और ताइवान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है."
"इसलिए प्रजातांत्रिक देशों ने चेतावनी दी है कि हमारे मुल्क को खुद अपने पैरों पर खड़े होने की ज़रूरत है. हमने देखा है कि राष्ट्रपति साई ने फौज को लेकर समर्थन किया है. हमें साथ आकर मज़बूत होने की ज़रूरत है. उसके बाद ही वो देश जो ताइवान को ख़ुद में मिलाना चाहते हैं, ताकत का इस्तेमाल करना बंद करेंगे."
उधर, चीन ने अमरीकी युद्धपोतों की क्षेत्र में मौजूदगी को बढ़ते तनाव की वजह बताया है. ताइवान ने कहा है कि वायु सीमा उल्लंघन का पता चलते ही ताइवान की वायु सेना हरकत में आ गई और चीनी लड़ाकू विमानों की गतिविधियों को एयर डिफेंस सिस्टम पर मॉनीटर किया जाने लगा.
ताइवान के विदेश मंत्री जोसफ़ वू ने ऑस्ट्रेलियन ब्राडकांस्टिंग कॉरपोरेशन को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि हमें डर है कि चीन कभी भी ताइवान के विरुद्ध जंग छेड़ सकता है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है जबकि 1940 के दशक में हुए गृह युद्ध के बाद चीन और ताइवान का बंटवारा हो गया था.
चीन किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा ताइवान को शामिल करने के भी खिलाफ़ रहा है. ताइवान ने पिछले महीने कॉम्प्रिहेंसिव एंड प्रोग्रेसिव एग्रीमेंट फ़ॉर ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप की सदस्यता हासिल करने के लिए आवेदन दिया है. चीन ने भी सप्ताह भर पहले संस्था में शामिल होने की अर्ज़ी दी थी.
सितंबर 2020 से, जबसे ताइवान ने चीन द्वारा वायु सीमा के उल्लंघन का डेटा जारी करना शुरू किया है, अब तक चीन की वायु सेना ने 814 बार ताइवान की सीमा में प्रवेश किया है.
बिगड़ते हालात के मद्देनज़र ताइवान के राष्ट्रपति साइ इंग वेन ने अपने एक लेख में कहा है कि ताइवान किसी तरह का सैनिक मुकाबला नहीं चाहता है लेकिन अगर ज़रूरत पड़ी तो वो पूरी ताकत से अपनी रक्षा करेगा.
अमेरिका ने कहा है कि चीन को अपनी उकसाने वाली सैन्य कार्रवाइयों को बंद करना चाहिए जिसके जवाब में चीन का कहना है कि अमेरिका ताइवान को हथियार बेचता है और उसके युद्धपोत क्षेत्रीय मुल्कों को उकसाने का काम कर रहे हैं. अमरीका का ताइवान से राजनयिक संबंध नहीं है लेकिन उसके एक कानून के अनुसार वो ताइवान की सुरक्षा के लिए मदद मुहैया करवाएगा.