जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में बाढ़ से भारी तबाही, 120 लोगों की मौत

रिकॉर्ड बारिश के कारण नदियों के तटबंध टूट गए हैं और बारिश का पानी शहरों बेहद तेज गति के साथ शहरों में घुस आया है.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, प्रशांत चाहल and अपूर्व कृष्ण

  1. जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में बाढ़ से भारी तबाही, 120 लोगों की मौत

    जर्मनी में बाढ़ के बाद के हालात

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    जर्मनी, बेल्जियम, नीदरलैंड्स समेत पश्चिमी यूरोप के कई देशों में लगातार बारिश के बाद बाढ़ आने से कम से कम 120 लोगों की मौत हो गई है जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.

    बताया जा रहा है कि यूरोप के इस हिस्से में दशकों में पहली बार इस तरह की भयानक बाढ़ आई है.

    रिकॉर्ड बारिश के कारण नदियों के तटबंध टूट गए हैं और बारिश का पानी शहरों बेहद तेज गति के साथ शहरों में घुस आया है.

    ग्रामीण इलाकों में एक साथ कई घर तबाह हो गए हैं और कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की सेवाएं भी बाधित हो गयी हैं.

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    जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि बाढ़ के कारण देश में मरने वालों का आंकड़ा सौ के पार हो गया है.

    वहीं, बेल्जियम की मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार यहां 22 लोगों की मौत हुई है. नीदरलैंड्स, लक्समबर्ग औऱ स्विट्ज़रलैंड में भी बाढ़ से हज़ारों लोग प्रभावित हुए हैं.

    जर्मनी में राइनलैंड-पैलाटिनेट और नॉर्थ राइन-वेस्टफालिया सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं.

    पश्चिमी जर्मनी के आरवेलर ज़िले में प्रशासन ने बताया है कि लगभग 1300 लोग लापता हैं. स्थानीय सरकार की प्रवक्ता ने बताया है कि मोबाइल नेटवर्क ने काम करना बंद कर दिया है जिससे लोग एक दूसरे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.

    जर्मनी में बाढ़ का एक दृश्य

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    लगभग 700 लोगों की आबादी वाला गाँव शोल्ड पूरी तरह तबाह हो गया है. कोलोन शहर के पास एक कस्बे में बाढ़ की वजह से एक लाइन से कई घर तबाब हो गए हैं.

    स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि उनके पास लगातार बाढ़ के पानी में फंसे लोगों की ओर से इमरजेंसी कॉल आ रही थीं लेकिन कई मामलों में बचाव अभियान चलाना संभव नहीं था.

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    सिनज़िग कस्बे में विकलांग लोगों के लिए चलाए जा रहे एक केयर होम में बाढ़ का पानी उस वक़्त घुस आया जब यहां रहने वाले लोग सोने के लिए गए थे. इससे यहां रहने वाले 35 में से 12 लोगों की मौत हो गयी.

    इसके साथ ही बेल्जियन सीमा पर एक बड़े बाँध में पानी सीमा से ज़्यादा हो गया है लेकिन बाँध अब तक टूटा नहीं है.

    वैज्ञानिकों के मुताबिक़, जलवायु परिवर्तन की वजह से इस बार हुई बारिश की तरह भारी बारिश होने की घटनाओं में बढ़ोतरी होगी.

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  2. कोविड से बचाने में कितनी कामयाब है वैक्सीन, ICMR की स्टडी में आया सामने

    नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईसीएमआर द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन के नतीजे पेश किए.

    डॉ पॉल ने बताया है कि आईसीएमआर ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तमिलनाडु के पुलिसकर्मियों पर एक अध्ययन किया है जिसमें ये सामने आया है कि वैक्सीन कोरोना के ख़िलाफ़ कितनी प्रभावशाली हैं.

    उन्होंने कहा, “आईसीएमआर ने इस साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तमिलनाडु के 117,524 पुलिसकर्मियों पर अध्ययन किया है.

    इस अध्ययन में सामने आया है कि जिन पुलिसकर्मियों ने वैक्सीन का एक डोज़ लिया था, उनमें कोरोना वैक्सीन 82 फीसदी तक प्रभावशाली है. मतलब ये है कि इनमें मृत्यु होने का ख़तरा 82 फीसदी तक नीचे आ गया. इसके साथ ही जिन पुलिसकर्मियों ने दो वैक्सीन लगवाई थी, उनमें वैक्सीन 95 फीसदी तक प्रभावशाली है.”

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    इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि "ज़्यादातर क्षेत्रों में स्थिति बद से बदतर हो चुकी है. एक तरह से दुनिया तीसरी लहर की ओर बढ़ रही है. तीसरी लहर से जुड़ी विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. ये एक ख़तरे की चेतावनी है.”

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  3. चीन: पूरे परिवार को वैक्सीन मिली हो तभी स्कूल आएं बच्चे

    चीन में छात्र

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    चीन के कुछ शहरों के स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि सितंबर के महीने में बच्चों को स्कूल आने की इजाज़त तभी मिलेगी जब उनके पूरे परिवार को वैक्सीन मिल जाएगी.

    कुछ शहरों के प्रशासन ने लोगों से ये भी कहा है कि अस्पताल और सुरपमार्केट जैसी जगहों पर जाने वालों को वैक्सीन की सभी डोज़ मिली होनी होनी चाहिए.

    चीन को उम्मीद है कि इस साल के आख़िर तक वो 64 फीसदी की आबादी का टीकाकरण कर सकेगा.

    गुआंग्शी प्रांत के बिलियू शहर ने लोगों से कहा है, “अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे स्कूल जाएं तो जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं.”

    इसके अलावा जियांशी और हेनान प्रांत के स्थानीय प्रशासनों ने भी कहा था कि उन्हीं बच्चों को स्कूल आने दिया जाएगा जिनके परिवार के सभी लोगों को वैक्सीन मिली हो.

    शान्शी के हानचेंग प्रशासन ने उन लोगों को होटल, रेस्त्रां या एंटरटेनमेंट पार्क जाने पर पाबंदी लगाई है जिन्होंने अब तक वैक्सीन नहीं लगवाई है. कई शहरों के प्रशासन के जुलाई के आख़िर से पहले टीका लगवाने के लिए लोगों से कहा है और कहा है कि इसके बाद कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

  4. ईरान के कई शहरों में पानी की क़िल्लत, ग़ुस्साए लोग सड़कों पर

    ईरान

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    ईरान के कई शहरों में पानी की भारी कमी को लेकर गुरुवार को लोगों ने रात भर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया.

    ईरान के तेल संपन्न दक्षिण पश्चिमी प्रांत ख़ुज़ेस्तान के कई शहरों में लोगों ने रैलियाँ निकालीं.

    ईरान में अभी भीषण गर्मी पड़ रही है और इस वजह से लोग देर शाम को प्रदर्शन के लिए बाहर निकले और रात भर डटे रहे.

    एक स्थानीय अधिकारी ने ईरानी समाचार एजेंसी फ़ार्स को बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता भी रोका. हालाँकि, उन्होंने इसे बहुत बड़ी घटना नहीं बताई.

    ट्विटर पर कुछ वीडियो क्लिप शेयर हो रही हैं जिनमें दिखता है कि सड़कों पर टायर जल रहे हैं और सुरक्षाकर्मी वहाँ गश्त लगा रहे हैं.

    ईरान

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    एक वीडियो में ऐसा भी लगता है जैसे गोलियाँ चल रही हैं. इसे रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति का दावा है कि सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियाँ दागीं.

    एक अन्य वीडियो में कुछ लोगों को स्थानीय अरबी भाषा में ये नारे लगाते सुना जाता है - 'हम प्यासे हैं, हमें पानी दो'.

    हालाँकि बीबीसी सोशल मीडिया पर जारी इन सामग्रियों की पुष्टि नहीं कर सकता.

    ईरान में पिछले सप्ताह बिजली की कमी को लेकर भी कई जगहों पर प्रदर्शन हुए थे और देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतोल्ला अली ख़मेनेई के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी हुई थी.

    ईरान में पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय से सूखा पड़ रहा है मगर इस वर्ष स्थिति बहुत गंभीर हो गई है. ईरान सरकार ने पावरकट के लिए ज़बरदस्त सूखे और बिजली की भारी माँग को ज़िम्मेदार बताया है.

    ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी कह चुके हैं कि सूखे की वजह से देश की ज़्यादातर पनबिजली परियोजनाएँ ठप हो गई हैं.

  5. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर’

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर’, 16 जुलाई 2021, सुनिए वात्सल्य राय से.

    अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष कवर करने के दौरान भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीक़ी की मौत. बढ़ती हिंसा के बीच सवाल, अफ़ग़ानिस्तान में पत्रकारों के लिए काम करना कितना मुश्किल

    सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- कांवड़ यात्रा पर करें पुनर्विचार.

    विवेचना में रेहान फ़ज़ल के साथ 1917 की रूसी क्रांति के बाद की कहानी, ज़ार निकोलस द्वितीय के साथ कैसा हुआ था सुलूक

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  6. मोदी के बाद अब नड्डा ने की योगी की तारीफ़, बोले- ऑस्ट्रेलियाई सांसद भी कर रहे प्रशंसा

    जेपी नड्डा

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    वाराणसी में गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की प्रशंसा के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उनके काम की जमकर तारीफ़ की है.

    नड्डा ने पार्टी की एक कार्यसमिति का वीडियो लिंक से उद्घाटन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने यूपी को देश का अग्रणी राज्य बना दिया है.

    नड्डा ने कहा- "उत्तर प्रदेश पिछले 4 साल में ऐसा प्रदेश बना है, जो देश के सबसे अग्रणी प्रदेशों में से है. आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय जो 2014-15 में 47,116 प्रतिवर्ष थी, वो अब बढ़कर 94,495 हो गई है."

    उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है'.

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    नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी की तरह कोरोना महामारी के दौरान मुख्यमंत्री योगी के काम की भी सराहना की.

    उन्होंने कहा- "कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट की रणनीति पर काम किया है. यहां की प्रति दिन टेस्टिंग क्षमता 1.5 लाख है. उत्तर प्रदेश की प्रशंसा सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के सांसद भी उत्तर प्रदेश की प्रशंसा कर रहे हैं."

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    ऩड्डा ने साथ ही कहा कि स्थानीय चुनावों में मतदाताओं ने विरोधी दलों को नकार दिया है.

    उन्होंने कहा- "मैं बीजेपी की इकाई को, उत्तर प्रदेश सरकार और कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं कि उन्होंने जिला परिषद के और ब्लॉक प्रमुख चुनाव में अहम भूमिका निभाई और जीत दिलाई है और सपा, बसपा को नकार दिया है. इन्हें घर बैठने का संदेश दिया है और भाजपा को काम करने की जिम्मेदारी दी है."

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, राहुल गांधी का असंतुष्टों पर हमला, बोले- आरएसस के हो, जाओ भागो

    राहुल गाँधी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के साथ बात करते हुए राहुल गाँधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि उन्हें ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है जो डरते हैं.

    शुक्रवार को अपनी पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से बात करते हुए राहुल ने कहा कि जो लोग वास्तविकता और बीजेपी का सामना नहीं कर सकते हैं, उन्हें बाहर निकाला जाए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी पार्टी के लगभग 3500 सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के साथ ज़ूम पर वर्चुअल मीटिंग की.

    इस मीटिंग में राहुल गांधी ने कहा, “जो लोग डरते नहीं हैं. निडर हैं. और कांग्रेस से बाहर हैं. वे हमारे लोग हैं. इन्हें पार्टी में लेकर आओ. और जो लोग हमारी पार्टी में रहते हुए डरते हैं. उन्हें कहना चाहिए कि जाओ, आरएसएस के हो, जाओ भागो, मज़े लो. हमें नहीं चाहिए ऐसे लोग. हमें निडर लोग चाहिए. यही हमारी विचारधारा है. यही मेरा आपको संदेश है.”

    हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री बनने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का उदाहरण देते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “उन्हें अपना घर बचाना था. इसलिए वह डर गए और आरएसएस में शामिल हो गए.”

    पिछले दिनों सिंधिया से लेकर जितिन प्रसाद और नारायण राणे जैसे कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं. इनमें से सिंधिया और राणे को नए मंत्रिमंडल में स्थान मिल गया है.

    ये पहला मौका था जब राहुल गाँधी ने कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग से जुड़े 3500 युवाओं को संबोधित किया था.

    राहुल गांधी ने युवा पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि कार्यकर्ताओं को उनसे बात करते हुए बिल्कुल डरने की ज़रूरत नहीं है.

    राहुल ने कहा, “आप अपने भाई से बात कर रहे हैं, आपको डरने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है. आपको डरना नहीं चाहिए और आप मुझे भी कभी डरा हुआ नहीं देखेंगे.”

    इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी को बराबर अधिकार देना चाहती है, जबकि आरएसएस कुछ लोगों को ही लाभ पहुंचाना चाहती है.

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  8. इमरान ने चीन के पीएम को किया फ़ोन, बोले- कोई दुश्मन हमारे बीच दरार नहीं डाल सकता

    इमरान ख़ान और ली केचियांग

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने चीन को भरोसा दिलाया है कि वो डासू बस हादसे की जाँच में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.

    रेडियो पाकिस्तान के अनुसार इमरान ने चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग को फ़ोन किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान में चीन के नागरिकों, कर्मचारियों, परियोजनाओं और संस्थानों की सुरक्षा उनकी सरकारी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

    उन्होंने साथ ही भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान सरकार घटना में घायल चीनी नागरिकों का यथासंभव बेहतर इलाज करवा रही है.

    रेडियो पाकिस्तान के अनुसार इमरान ख़ान ने उनसे कहा- "पाकिस्तान और चीन के बीच गहरी दोस्ती है जो तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद अटूट है."

    उन्होंने आगे कहा- "दुश्मन ताक़तों को पाकिस्तान और चीन के भाईचारे के रिश्ते में दरार नहीं डालने दिया जाएगा."

    इस बीच पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में बुधवार को हुए बस हादसे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो चुकी है जिसमें चीन के नौ नागरिकों समेत 13 लोग मारे गए थे.

    चीन के विदेश मंत्रालय ने पहले इसे एक बम धमाका बताया था मगर पाकिस्तान ने इसे दुर्घटना क़रार दिया.

    लेकिन गुरुवार को पाकिस्तान सरकार ने कहा कि बस में बारूद के निशान मिले हैं जिससे इसके पीछे चरमपंथी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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  9. भारत-पाकिस्तान में फिर होगी टक्कर, T20 विश्वकप में भिड़ेंगे दोनों

    क्रिकेट

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    इमेज कैप्शन, भारत पाकिस्तान के बीच आख़िरी बार 2019 में मैनचेस्ट में मुक़ाबला हुआ था

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद आईसीसी ने आगामी T20 विश्वकप के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. ये चैंपियनशिप 17 अक्तूबर से 14 नवंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेली जाएगी.

    विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच सुपर 12 स्टेज में एक मुकाबला होगा.

    दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी आख़िरी बार 2019 में इंग्लैंड में वर्ल्ड कप के एक मैच में भिड़े थे. मैनचेस्टर में हुए वन डे मैच में भारत 89 रन से जीत गया था.

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    सुपर 12 स्टेज़ में भिड़ेंगी दोनों टीमें

    आईसीसी ने बताया है कि फर्स्ट राउंड के मैच दो ग्रुपों के बीच खेले जाएंगे.

    इसमें से ग्रुप ए में श्रीलंका, आयरलैंड, नीदरलैंड और नामिबिया है. वहीं, ग्रुप बी में बांग्लादेश, स्कॉटलैंड, पापुआ न्यू गिनी एवं ओमान है.

    इन दोनों समूहों से दो-दो टॉप टीमें सुपर 12 स्टेज़ के लिए क्वालिफाई करेंगी. सुपर 12 स्टेज़ के मैच अबुधाबी, दुबई और शारजाह में खेले जाएंगे.

    इसके अलावा सुपर 12 टीमें भी दो ग्रुपों में बांटी गयी हैं. भारत और पाकिस्तान को न्यूज़ीलैंड एवं अफ़ग़ानिस्तान के साथ ग्रुप 2 में डाला गया है. इसके साथ ही इस ग्रुप में बी1 और ए2 टीम भी शामिल होगी.

    इसी तरह ग्रुप 1 में पूर्व विजेता वेस्ट इंडीज़, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका समेत क्वालीफाइंग टीमें ए1 और बी2 भी होंगी.

    आईसीसी ने बताया है कि इन ग्रुपों को 20 मार्च की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर चुना गया है.

  10. सोनिया गांधी से मिले सिद्धू, आख़िर क्या है माजरा?

    दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर नवजोत सिंह सिद्धू

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    कांग्रेस पार्टी की पंजाब शाखा में कई दौर की वार्ताओं के बाद भी कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी जंग ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है.

    कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार सुबह कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके निवास 10 जनपथ पर मुलाक़ात की. इस दौरान पार्टी के पंजाब के प्रभारी हरीश रावत भी मौजूद रहे.

    लेकिन अब तक ये सामने नहीं आया है कि इस मुलाक़ात के दौरान क्या हुआ. सिद्धू ने भी मीडिया से कोई बात नहीं की

    सिद्धू और सोनिया गांधी के बीच ये मुलाक़ात को अहम माना जा रहा है क्योंकि पंजाब चुनाव अब सिर पर हैं और पार्टी में दरार दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है.

    इससे कुछ दिन पहले पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुलाक़ात सोनिया गांधी से हुई थी जिसके बाद ये माना जा रहा था कि अब झगड़ा सुलझ गया है.

    ऐसी चर्चा चल रही थी कि पार्टी सिद्धू को पंजाब में पार्टी के अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी सौंप सकती है.

    लेकिन इस मुलाक़ात के बाद नए सवाल खड़े हो गए हैं.

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    हालांकि, हरीश रावत ने कहा है, “पंजाब में लोग जिस सुरक्षा के भाव चाहते हैं, वह सिर्फ कांग्रेस दे सकती है. लोग राज्य में शांति के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह की तारीफ़ करते हैं. लोग किसी तरह का प्रयोग नहीं करना चाहते हैं. जब भी उन्होंने अकालियों को चुना है तो अव्यवस्था फैली है.”

    मैं पार्टी अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखने आया था. जैसे ही मुझे पंजाब कांग्रेस के संबंध में उनके फैसले के बारे में पता चलेगा, मैं आप सभी को उसके बारे में बताऊंगा.”

  11. मोदी के सर्टिफिकेट से छिप नहीं सकती दूसरी लहर के दौरान योगी सरकार की क्रूरता: प्रियंका गांधी

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोरोना संकट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना करने पर पलटवार करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है.

    प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा है, “मोदी जी के सर्टिफिकेट से यूपी में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान योगी सरकार की आक्रामक क्रूरता, लापरवाही और अव्यवस्था की सच्चाई छिप नहीं सकती.

    लोगों ने अपार पीड़ा, बेबसी का सामना अकेले किया. इस सच्चाई को मोदीजी, योगीजी भूल सकते हैं, जिन्होंने कोरोना का दर्द सहा, वे नहीं भूलेंगे.”

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    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में दूसरी लहर के दौरान संक्रमण रोकने के लिए योगी सरकार की तारीफ़ की थी.

    पीएम मोदी ने कहा था, “सेकेंड वेव के दौरान यूपी ने जिस तरह कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका, वह अभूतपूर्व है.”

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    उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से अब तक लगभग 22 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौते हुई हैं. हालांकि, सरकार द्वारा मौतों की संख्या पर विवाद जारी है.

    कई मीडिया रिपोर्ट्स में आया है कि उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा बताए आँकड़ों से कहीं ज़्यादा लोगों की मौतें हुई हैं.

    इसके साथ ही दूसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों जैसे कानपुर से लेकर वाराणसी और लखनऊ आदि में एकाएक ऑक्सीजन की भारी कमी दर्ज की गयी थी. और गाँवों में कोरोना वायरस का काफ़ी व्यापक असर देखा गया था.

  12. टी-सिरीज़ के एमडी भूषण कुमार के ख़िलाफ़ रेप का मामला दर्ज

    भूषण कुमार

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    इमेज कैप्शन, भूषण कुमार

    मुंबई पुलिस ने टी-सिरीज़ कंपनी के एमडी भूषण कुमार के ख़िलाफ़ बलात्कार का केस दर्ज किया है.

    भूषण कुमार टी-सिरीज़ के संस्थापक गुलशन कुमार के बेटे हैं.

    समाचार एजेंसियों के अनुसार, भूषण कुमार पर आरोप है कि उन्होंने टी-सिरीज़ के एक प्रोजेक्ट में काम दिलाने का लालच देकर 30 साल की एक महिला के साथ बलात्कार किया.

    भूषण कुमार के ख़िलाफ़ यह केस डीएन नगर थाने में दर्ज किया गया है जो अंधेरी (वेस्ट) क्षेत्र में स्थित है.

    पुलिस के मुताबिक़, महिला ने भूषण कुमार के ख़िलाफ़ अपनी शिकायत थाने में दी थी. महिला ने ये भी आरोप लगाया है कि भूषण कुमार ने उन्हें उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी.

    महिला का दावा है कि भूषण कुमार पिछले तीन साल से उनका यौन शोषण कर रहे थे.

    पुलिस के अनुसार, आईपीसी की धारा-376 (बलात्कार), 420 (धोखाखड़ी) और 506 के तहत भूषण कुमार के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.

    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले भी भूषण कुमार पर इस तरह का आरोप लग चुका है. मीटू मूवमेंट के दौरान मॉडल मरीना कँवर ने भी भूषण कुमार पर यौन शोषण का आरोप लगाया था.

    टी-सिरीज़ सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज़ का एक बड़ा म्यूज़िक ब्रांड है जिसकी स्थापना ‘कैसेट किंग’ के नाम से मशहूर रहे गुलशन कुमार ने की थी जिनकी वर्ष 1997 में कुछ अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

  13. सुरेखा सीकरी: सार्थक सिनेमा की दमदार अभिनेत्री ने ली आख़िरी सांस

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीक़ी मारे गए, रॉयटर्स ने बताया क्या हुआ

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    अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान से लगी सीमा पर भारत के एक वरिष्ठ फ़ोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीक़ी की अफ़ग़ान सुरक्षा बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच संघर्ष में मौत हो गई है.

    दानिश समाचार एजेंसी रॉयटर्स के पत्रकार थे. रॉयटर्स ने उनकी मौत की पुष्टि की है और अधिकारियों के हवाले से बताया है कि संघर्ष के दौरान एक वरिष्ठ अफ़ग़ान अधिकारी की भी मौत हो गई.

    एक अफ़ग़ान कमांडर ने रॉयटर्स को बताया कि अफ़ग़ानिस्तान के विशेष सुरक्षाबल की टुकड़ी स्पिन बोल्डक शहर के मुख्य बाज़ार को दोबारा अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही थी जब तालिबान के साथ मुठभेड़ हुई जिसमें दानिश और अफ़ग़ान अधिकारी मारे गए.

    रॉयटर्स के मुताबिक़ दानिश इस सप्ताह से अफ़ग़ानिस्तान के विशेष बल के साथ कंधार प्रांत में तैनात थे जहाँ से वो अफ़ग़ान कमांडो और तालिबान लड़ाकों के बीच संघर्ष की ख़बरें भेज रहे थे.

    रॉयटर्स के प्रमुख माइकल फ़्रीडेनबर्ग और मुख्य संपादक अलेस्सांद्रा गैलोनी ने एक बयान में कहा है कि वो इस बारे और जानकारी जुटा रहे हैं और क्षेत्र में अधिकारियों के संपर्क में हैं.

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    इससे पहले भारत में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत फ़रीद मामुन्दजई ने दानिश सिद्दीक़ी के मारे जाने के ख़बर की पुष्टि की थी.

    उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है कि "कल रात कंधार में अपने दोस्त दानिश सिद्दीक़ी के मारे जाने की दुःखद ख़बर से आहत हूँ. पुलित्ज़र पुरस्कार विजेता भारतीय पत्रकार अफ़ग़ान सुरक्षाबलों के साथ थे. मैं उनसे दो हफ़्ते पहले मिला था, जब वे काबुल जा रहे थे. उनके परिवार और रॉयटर्स के लिए मेरी संवेदनाएँ."

    अफ़ग़ानिस्तान के टीवी चैनल टोलो न्यूज़ के अनुसार, दानिश की मौत कंधार के स्पिन बोल्डाक ज़िले में संघर्ष को कवर करने के दौरान हुई.

    तालिबान ने बुधवार को स्पिन बोल्डक शहर और वहाँ पाकिस्तान से लगी एक महत्वपूर्ण सीमा-चौकी पर नियंत्रण कर लिया था.

    दानिश सिद्दीक़ी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के चीफ़ फ़ोटोग्राफ़र थे और वे पिछले कुछ दिनों से अफ़ग़ानिस्तान में जारी संघर्ष और तनाव को कवर कर रहे थे.

    उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर पिछले दिनों लगातार वहाँ की स्थिति का ब्यौरा दिया था और बताया था कि कैसे एक हमले में वे बाल-बाल बचे थे.

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    2017 में मिला था पुलित्ज़र पुरस्कार

    दानिश सिद्दीक़ी अभी मुंबई स्थित थे जहाँ वो भारत में रॉयटर्स पिक्चर्स की मल्टीमीडिया टीम के प्रमुख थे.

    उन्होंने दिल्ली के जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री ली थी.

    2007 में उन्होंने जामिया में ही एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से डिग्री ली.

    उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरूआत एक टीवी न्यूज़ संवाददाता के तौर पर की. बाद में वो फ़ोटो जर्नलिस्ट बन गए और वर्ष 2010 में रॉयटर्स में बतौर इंटर्न काम शुरू किया.

  15. जर्मनी में बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर 100 हुई, सैकड़ों लापता

    Germany

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    जर्मनी में भारी बारिश के बाद बाढ़ से मारे गए लोगों की संख्या कम-से-कम 100 हो चुकी है और सैकड़ों अन्य लापता बताए जा रहे हैं.

    इसे दशकों में जर्मनी में आयी 'सबसे भयंकर बाढ़' कहा जा रहा है.

    स्थानीय पुलिस ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस हादसे में अभी भी कई लोग लापता हैं.

    बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनेट और उत्तरी राइन-वेस्टफ़ेलिया प्रांतों में नज़र आ रहा है जहाँ कई घर और गाड़ियाँ बाढ़ में बह गये हैं.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ एक बैठक के सिलसिले में अमेरिका पहुँचीं जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि उन्हें इस आपदा से गहरा धक्का लगा है.

    Germany

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    'प्रलयंकारी घटना'

    वहीं पड़ोसी देश बेल्जियम में भी बाढ़ आने से कम से कम 12 लोगों के मरने की ख़बर है.

    यूरोप के पश्चिमी हिस्से में लगातार बारिश की वजह से जर्मनी के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी बाढ़ आ चुकी है और कई देशों में बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं.

    नेदरलैंड्स के दक्षिणी प्रांत लिंबर्ग में बाढ़ की वजह से कई घरों को नुकसान पहुँचा है. यहाँ केयर होम्स में रह रहे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है.

    जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनैट प्रांत की प्रमुख अधिकारी मालु ड्रेयर ने इस बाढ़ को एक प्रलयंकारी घटना की संज्ञा दी है.

    उन्होंने कहा कि “कई लोग मर चुके हैं, कई लोग लापता हैं और कई लोग अभी भी ख़तरे से बाहर नहीं हैं. हमारी सभी इमरजेंसी सेवाएं लगातार अपनी जान जोख़िम में डालते हुए काम कर रही हैं.”

    जर्मनी

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    कुछ जगह आपातकाल लागू

    राइनलैंड-पलाटनैट प्रांत से होकर बहने वाली आह नदी में बाढ़ आने से अहवाइल ज़िले में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है. ये नदी आगे जाकर राइन नदी में मिलती है.

    बाढ़ की मार झेलने वाले लोगों की मदद के लिए सैकड़ों सैनिकों और पुलिस विभाग के हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है.

    इससे पहले पुलिस ने कहा था कि दर्जनों लोग अपनी-अपनी छतों पर खड़े होकर बचाये जाने का इंतज़ार कर रहे थे.

    जर्मनी के पश्चिमी इलाके में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही परिवहन के साधनों को भी ख़ासा नुकसान पहुँचा है.

    जर्मन प्रसारक एसडब्ल्यूआर के मुताबिक़, पहाड़ी क्षेत्र आइफ़ल में आपातकाल लागू कर दिया गया है.

    इस क्षेत्र के सुड बेइ अडेनू ज़िले में लगभग 25 घर इस कदर क्षतिग्रस्त हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं.

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    गाड़ियाँ-घर बाढ़ में बहे

    ख़बरो में बताया गया है कि कुछ घरों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, उन तक नाव से भी पहुँचना संभव नहीं है.

    उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांत इयुकिरचेन ज़िले में आठ लोगों की मौत होने की ख़बर है. इसके साथ ही आइफिल क्षेत्र में चार लोगों की मौत हुई है जब उनके घर बाढ़ में बह गए.

    बेल्जियम में भी अचानक बाढ़ आने से काफ़ी नुकसान हुआ है. कई वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें विरवियर शहर में सड़क पर खड़ी गाड़ियाँ अचानक आई बाढ़ में बह गयीं.

    बेल्जियम में ब्रसेल्स और एंटवर्प के बाद तीसरे सबसे बड़े शहर लिएज में मेयर ने सभी लोगों को शहर छोड़कर जाने को कह दिया है.

    ये भी कहा गया है कि जो लोग शहर छोड़कर जाने में असमर्थ हैं, वे ऊपर के तलों पर जाकर रहें.

    Reuters

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    आज भी भारी बारिश की आशंका

    इस शहर से होकर बहने वाली मीयूज़ नदी फ़िलहाल उफ़ान पर है, लेकिन इसके 150 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

    स्थानीय अधिकारियों की चिंता ये है कि इस बाढ़ में एक बाँध पर बना पुल ढह सकता है.

    बेल्जियम के दक्षिणी हिस्से में मौसम ख़राब होने की वजह से रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया है.

    मौसम विभाग के मुताबिक़, पश्चिमी यूरोप में शुक्रवार को भी भारी बारिश होने की आशंका है.

    वहीं, विशेषज्ञ कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से गंभीर मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में बढ़त हो सकती है. लेकिन किसी एक घटना को जलवायु परिवर्तन से जोड़ा जाना काफ़ी जटिल कार्य है.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, काँवड़ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जीने के अधिकार से बड़ा कुछ भी नहीं

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    केंद्र सरकार ने काँवड़ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट में आज हलफ़नामा दायर किया जिसमें उसने कहा है कि कोरोना के खतरे को देखते हुए काँवड़ियों को हरिद्वार नहीं जाने देना चाहिए.

    हालाँकि, साथ ही केंद्र ने एक सुझाव और भी दिया और कहा - "धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों को टैंकरों के माध्यम से 'गंगा जल' उपलब्ध कराने चाहिए."

    केंद्र ने कहा- "टैंकर चिन्हित/निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध हों ताकि आस-पास के भक्त 'गंगा जल' को इकट्ठा कर सकें और अपने नजदीकी शिव मंदिरों में 'अभिषेक' कर सकें. इस दौरान राज्य सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना नियमों का पालन किया जाए."

    सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार के कोरोना महामारी के बीच काँवड़ यात्रा की अनुमति देने के फ़ैसले पर नोटिस जारी करते हुए उससे जवाब माँगा था.उसने साथ ही केंद्र को भी तलब किया था.

    उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत से कहा कि उनसे काँवड़ यात्रा को "प्रतीकात्मक" तौर पर जारी रखने का फ़ैसला किया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने इसपर कहा उसे आख़िरी मौक़ा देते हुए कहा है कि वो अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करने अन्यथा अदालत सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर देगी.

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अपनी टिप्पणी में कहा कि जीने के अधिकार से बड़ा कुछ भी नहीं है और हर तरह की भावनाएँ संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए गए इस मौलिक अधिकार के बाद ही आती हैं.

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    सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था. न्यायाधीश रोहिंटन एफ़ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि इस बारे में शुक्रवार 16 जुलाई को सुनवाई होगी.

    योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को कोविड दिशानिर्देशों का पालन करते हुए राज्य में 25 जुलाई से काँवड़ यात्रा निकालने की अनुमति दे दी थी.

    इसके कुछ ही घंटे बाद उत्तराखंड सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी काँवड़ यात्रा को रद्द कर दिया.

    इस वर्ष उत्तराखंड सरकार के महाकुंभ को जारी रखने के फ़ैसले को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था जिसके बाद कोरोना की दूसरी लहर से देश के कई राज्यों में हाहाकार मच गया था.

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  18. चीन के नौ लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान से रिश्ते में उलझन

    पाकिस्तान बस हादसा

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    कल तक पाकिस्तान जिसे बस हादसा कह रहा था, उसे लेकर अब धमाके और हमले की बात कह रहा है. इस बस में सवार चीन के नौ नागरिकों की मौत हो गई थी.

    अपने पहले के बयान से पलटते हुए पाकिस्तान की सरकार ने इसके पीछे चरमपंथी हमला होने की आशंका ज़ाहिर की है.

    इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि यह विस्फोट गैस-रिसाव के कारण हुआ. लेकिन अब अपने पहले के बयान से बदले हुए पाकिस्तान की सरकार ने कहा है कि यह एक चरमपंथी हमला हो सकता है क्योंकि बस के मलबे से और विस्फोट वाली जगह पर विस्फोटकों के साक्ष्य पाए गए हैं.

    पाकिस्तान ब हादसा

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    पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी ने ट्वीट किया है, "डासू घटना की प्रारंभिक जांच में अब विस्फोटकों के साक्ष्य मिलने की पुष्टि हुई है. ऐसे में चरमपंथ हमले से इनक़ार नहीं किया जा सकता है."

    पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन ने अपनी ओर से घोषणा की थी कि विस्फोट के बाद के हालातों का जायज़ा लेने के लिए वह अपनी एक टीम पाकिस्तान भेज रहा है.

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    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिआन ने बीजिंग में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि चीन एक क्रॉस-डिपार्टमेंटल संयुक्त कार्य समूह भेजेगा.

    उन्होंने कहा था, "क्या हुआ, इसका पता लगाने, सुरक्षा से जुड़े ख़तरों का आकलन करने के लिए और चीनी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.”

    उन्होंने कहा था, "हमने पाकिस्तान से ठीक से जांच करने, घायलों को ठीक से इलाज देने, ट्रांसफ़र करने और सुरक्षा उपायों को मज़बूत करने, सुरक्षा जोखिमों को ख़त्म करने और पाकिस्तान में चीन के कर्मियों, संस्थानों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है."

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में हुए इस बस हादसे में कम से कम 13 लोग मारे गए थे जिनमें 9 चीनी नागरिक थे. ये डासू बांध परियोजना पर काम कर रहे थे.

    इससे पूर्व चीन ने इस हादसे को बम धमाका बताया था जबकि पाकिस्तान ने इसे गैस लीकेज की वजह से हुआ धमाका कहा था.

    चीन

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    ये धमाका अपर कोहिस्तान ज़िले में हुआ था. डासू के असिस्टेंट कमिश्नर आसिम अब्बास ने कहा था कि हादसे में मारे गए नौ चीनी नागिरक इंजीनियर थे, इसके अलावा पाकिस्तान की फ्रंटियर कोर के दो जवान और दो आम नागरिक मारे गए हैं.

    इससे पूर्व पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी दुशांबे में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत में ज़ोर देकर कहा था कि यह एक दुर्घटना थी और इसके पीछे "चरमपंथी हमले” की कोई पृष्ठभूमि नहीं मिली.

    यह मामला अपने आप में इसलिए ख़ास है क्योंकि संभवत: यह पहला मौक़ा था जब एक इतने संवेदनशील मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान के बयान अलग-अलग आये थे.

    चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से ब्रीफिंग में ज़ोर देकर इस "बम हमला" कहा गया था. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि चीन इस हमले से स्तब्ध है और हमले की निंदा करता है.

    इस हमले में चीन और पाकिस्तानी दोनों ही देशों के कामगार मारे गए.

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    ब्रीफ़िग के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान को जितनी जल्दी हो सके सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए कहा गया है. उससे अपराधियों को गिरफ़्तार करके कड़ी सजा देने की अपील की गई है. साथ ही पाकिस्तान में काम कर रहे चीन के कामगारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है.

    दोनों विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में भी चीन ने यह उम्मीद जताई थी कि पाकिस्तान जल्द से जल्द इस मामले का पता लगाएगा.

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    चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया था,“अगर यह एक चरमपंथी हमला हैतो अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और कड़ी सजा दी जानी चाहिए. इस घटना से सबक लिया जाना चाहिएऔर सभी परियोजनाओं के सुरक्षित और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाना चाहिए.”

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    पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए फ़वाद चौधरी ने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ख़ुद मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं.

  19. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, क्या बात हुई?

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    भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने गुरुवार को ताशकंद में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी से मुलाक़ात कर युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद वहाँ तेज़ी से बिगड़ रही स्थिति पर बात की.

    ग़नी से मुलाक़ात के बाद जयशंकर ने कहा कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास के प्रति भारत का पूरा समर्थन होने की बात को दोहराया.

    बताया गया है कि ये मुलाक़ात एक बहुपक्षीय सम्मेलन से अलग हुई.

    विदेश मंत्री ने इस मुलाक़ात के बाद ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी से मुलाक़ात कर प्रसन्न हूँ. अफ़ग़ानिस्तान के भीतर और आसपास की मौजूदा स्थिति पर उनसे चर्चा की.अफ़ग़ानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास के प्रति हमने अपना समर्थन दोहराया.’’

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    इस मुलाक़ात के बाद, अंग्रेज़ी अख़बार ‘द हिन्दू’ ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा कि “ग़नी सरकार अफ़ग़ानिस्तान नेशनल डिफ़ेंस एंड सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ (एएनडीएसएफ़) की सैन्य रणनीति की समीक्षा कर रही है, जिसमें तालिबान से डील करने को लेकर आने वाले समय में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि मौजूदा रणनीति के तहत तालिबान ने पिछले कुछ हफ़्तों में लगातार बढ़त बनाई है.”

    भारत द्वारा अपने कर्मचारियों को अफ़ग़ानिस्तान से वापस बुलाये जाने के बाद, दोनों देशों के बीच ये पहली उच्चस्तरीय बैठक थी.

    कुछ दिन पहले ही कंधार के अपने वाणिज्यिक दूतावास से भारत ने सभी कर्मचारियों को वापस बुला लिया था.

    हालांकि, ये कहा जाता रहा है कि प्रमुख शहरों पर अभी भी तालिबान कब्ज़ा नहीं कर पाया है, लेकिन कंधार जैसे शहरों पर, जहाँ पहले उसका आधिकारिक बेस रह चुका है, वहाँ वो लगातार कब्ज़े की कोशिशें कर रहा है.

    अफ़गान

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    मानवीय मदद भेजेगा भारत

    अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ग़नी कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को तालिबान से वापस छीन लेना चाहते हैं और वे इसके लिए सभी प्रयास करने को तैयार हैं.

    ग़नी के कार्यालय ने कहा कि जयशंकर ने उन्हें बताया कि भारत अफ़ग़ानिस्तान को मानवीय मदद जारी रखेगा और उसे 1,50,000 टन गेहूँ भेजेगा.

    विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि भारत अफ़ग़ानिस्तान का समर्थन करने के लिए क्षेत्रीय सहमति को मज़बूत बनाने के लिए काम करता रहेगा.

    गुरुवार को जयशंकर ने अमेरिकी उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एलिज़ाबेथ शेरवुड-रैंडल और अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि जलमय खलीलज़ाद से भी बातचीत की.

    अमेरिकी अधिकारियों के साथ अपनी बैठक के बारे में जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया.

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    बांग्लादेश के विदेश मंत्री से मुलाक़ात

    ताशकंद में जयशंकर ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष ए के अब्दुल मोमेन से भी बात की.

    जयशंकर ने इस मुलाक़ात के बाद ट्वीट किया कि ‘‘ताशकंद कनेक्टिविटी सम्मेलन से इतर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर ए के अब्दुल मोमेन से मिलकर ख़ुश हूँ. कनेक्टिविटी पहलुओं सहित हमारे संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने का एक अच्छा अवसर रहा.’’

    ताशकंद में कनेक्टिविटी पर बहुपक्षीय सम्मेलन में गनी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान समेत क्षेत्र के कई देशों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया.

    हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि इस दौरे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान या पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के साथ विदेश मंत्री की कोई बैठक संभव नहीं है. वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से ये पूछे जाने पर कि भारत से बातचीत की क्या संभावना है? उन्होंने कहा, “भारत से बातचीत का रास्ता श्रीनगर से होकर जाता है. जब तक जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत अपना रुख़ नहीं बदलता, तब तक बातचीत नहीं.”

    इमरान ख़ान

    इमेज स्रोत, Twitter/@ImranKhanPTI

    बताया गया है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान शुक्रवार को राष्ट्रपति अशरफ़ गनी के साथ ‘सेंट्रल एंड साउथ एशिया 2021’ कॉन्फ़्रेंस के उद्घाटन सत्र में शामिल होने वाले हैं.

    भारत इस साल की शुरुआत में अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों को पूरी तरह वापस बुला लेने के अमेरिका के फ़ैसले को लेकर सावधान रहा है, क्योंकि अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान में सीज़फ़ायर या किसी राजनीतिक समझौते की प्रतीक्षा किये बिना ही ये निर्णय ले लिया था.

    जयशंकर ताज़िकिस्तान की राजधानी दुशान्बे की दो दिवसीय यात्रा के बाद ताशकंद पहुँचे थे. दुशान्बे में जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे.

    एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों ने अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का प्रभाव बढ़ने से बिगड़ रही स्थिति पर गंभीर चर्चा की थी.

    अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपने अधिकतर सैनिकों को वापस बुला लिया है और वो युद्धग्रस्त देश में लगभग दो दशक तक अपनी मौजूदगी के बाद, अगस्त के अंत तक अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया पूरी करना चाहता है.

  20. नमस्कार,

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