कोरोना वायरस के ख़तरनाक वैरिएंट्स आ सकते हैं- WHO की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा दुनिया में कोरोना महामारी को रोकना मुश्किल हो सकता है.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश, प्रशांत चाहल and अपूर्व कृष्ण
कोरोना वायरस के ख़तरनाक वैरिएंट्स आ सकते हैं- WHO की चेतावनी
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इमेज कैप्शन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडहनॉम गिब्रयेसॉस
विश्व स्वास्थ्य संगठन
की इमरजेंसी कमेटी ने गुरुवार को चेतावनी दी है कि दुनिया में कोरोना वायरस के और
भी ज़्यादा ख़तरनाक वैरिएंट्स फैल सकते हैं जिससे महामारी को रोकना मुश्किल हो
सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन
के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडहनॉम गिब्रयेसॉस के मुताबिक, “कमेटी
ने चिंता जताई है कि कोविड- 19 महामारी को लेकर ग़लत राय बनाई जा रही है कि ये ख़त्म
होने जा रही है, जबकि फिलहाल ये महामारी ख़त्म होने के नज़दीक भी नहीं है.’
इसके साथ ही उन्होंने
कहा है कि “कमेटी
ने चिंता जताई है कि कोविड- 19 के नए और संभवत: ज़्यादा
ख़तरनाक ‘वैरिएंट्स ऑफ़ कंसर्न’ के
सामने आने की प्रबल संभावनाएं हैं जिनकी वजह से इस महामारी पर नियंत्रण पाना और भी
चुनौतीपूर्ण हो जाएगा.“
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भारत और चीन संवेदनशील क्षेत्रों में एकतरफ़ा कार्रवाई से बचें - चीनी विदेश मंत्रालय
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इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार शाम को भारत के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बयान जारी किए.
चीन की ओर से ये बयान विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाक़ात के बाद जारी किया गया है.
चीन ने अपने बयान में कहा है कि भारत और चीन दोनों मुल्कों को संवेदनशील विवादित क्षेत्रों में एकतरफ़ा कार्रवाई से बचना चाहिए.
चीन ने क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा है,"वर्तमान में, चीन और भारत पर क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति एवं समृद्धि की अधिक ज़िम्मेदारी है. उन्हें साझा रणनीतिक हितों पर ज़्यादा ध्यान देते हुए दोनों देशों की जनता की भलाई में योगदान देना चाहिए."
"दोनों पक्षों को डिसइंगेज़मेंट के परिणामों को सहेजते हुए समझौते एवं सहमति की शर्तों का सख़्ती से पालन करना चाहिए, संवेदनशील विवादित क्षेत्रों में एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए ताकि भविष्य में ग़लतफहमी और ग़लत नतीजों पर पहुंचने की वजह से ऐसी स्थितियां पैदा न हों."
"दोनों पक्षों को दूरदर्शिता का परिचय देते हुए तात्कालिक प्रतिक्रियाएं देने की स्थिति से धीरे धीरे नियमित प्रबंधन एवं नियंत्रण की ओर बढ़ना चाहिए, ताकि सीमा से जुड़ी घटनाओं की वजह से चीन-भारत के रिश्तों में पड़ने वाले अनावश्यक खलल से बचा जा सके."
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इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि उन्होंने वांग यी के साथ मीटिंग के दौरान ये स्पष्ट किया है कि यथास्थिति का एकतरफा परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने लिखा था, "दुशान्बे में एससीओ देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की बैठक से इतर चीन के विदेश मंत्री एवं स्टेट काउंसलर वांग यी के साथ एक घंटे तक द्विपक्षीय बैठक पूरी हुई. ये बैठक एलएसी के साथ लगे पश्चिमी सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही जिन पर एक लंबे समय से बात होनी थी.”
"इस बैठक में रेखांकित किया गया है कि यथास्थिति का एकतरफा परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है, और हमारे संबंधों के विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति की पूर्ण बहाली एवं उसका कायम रहना आवश्यक है. हमारे बीच वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की बैठक जल्द बुलाने पर सहमति बनी."
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हरियाणा में 100 किसानों पर लगा राजद्रोह का केस, 5 गिरफ़्तार, प्रभु दयाल, बीबीसी हिंदी के लिए
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हरियाणा पुलिस ने
गुरुवार सुबह सिरसा के अलग-अलग गाँवों से पाँच किसानों को राजद्रोह समेत
कई अन्य गंभीर धाराओं के तहत गिरफ़्तार किया. इसके बाद मजिस्ट्रेट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
हरियाणा पुलिस ने दो नामजद समेत कुल 100 किसानों के ख़िलाफ़ राजद्रोह समेत आईपीसी की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
स्थानीय किसानों को जब
इस गिरफ़्तारी की जानकारी मिली तब वे सिरसा के बाबा भूमण शाह चौक और शहीद भगत सिंह
स्टेडियम में एकजुट होने शुरू हो गए, जैसे
- जैसे दिन चढ़ता गया, किसानों की संख्या बढ़ती गई. किसानों के एकजुट
होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में बाबा भूमण शाह चौक पर पुलिस बल तैनात कर
दिए गए.
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री
दुष्यंत चौटाला और बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह के घर को जाने वाले रास्तों पर
बड़े बैरीकेड लगाए गए.
हरियाणा किसान मंच के
प्रदेश अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा और भारतीय किसान एकता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष
लखविन्द्र सिंह लक्खा ने बताया है कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को इस बारे में जानकारी
दी गई है.
इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है.
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पुलिस ने क्यों किया गिरफ़्तार?
ज़िला पुलिस के मुताबिक़, उन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिन पर गत 11 जुलाई को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के गेट पर गाड़ियों की तोड़फोड़ करने, सरकारी कर्मचारियों के साथ हाथापाई करने, उनके काम में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने के मामले दर्ज थे.
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क्या है यह मामला
गत 11 जुलाई को चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में ज़िला बीजेपी द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं की एक कार्यशाला रखी गई थी. इस कार्यशाला को हरियाणा विधान सभा के डिप्टी स्पीकर रणवीर सिंह गंगवा और सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल ने संबोधित किया था.
कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए हरियाणा में किसानों द्वारा भाजपा और जजपा नेताओं का विरोध किया जा रहा है. किसानों द्वारा भाजपा व जजपा नेताओं को कार्यक्रमों के दौरान काले झंडे दिखाये जाते हैं.
इसी कड़ी में जैसे ही किसानों को 11 जुलाई को चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी में सांसद सुनीता दुग्गल और हरियाणा विधान सभा के डिप्टी स्पीकर रणवीर सिंह गंगवा के आने की जानकारी मिली, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया. शाम में उनकी वापसी के दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई.
इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा गाड़ियों के काफिले पर पथराव किया गया जिसमें हरियाणा विधान सभा के डिप्टी स्पीकर रणवीर सिंह गंगवा की गाड़ी के शीशे टूट गए. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके किसानों को खदेड़ा.
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दो नामजद सहित 100 किसानों पर मामला
इस घटना के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुशील कुमार की शिकायत पर सिविल लाइन थाना में किसान हरचरन सिंह और प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा सहित क़रीब 100 किसानों के ख़िलाफ़ राजद्रोह समेत आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज कराया गया.
किसानों ने फ़ैसला लिया है कि पुलिस की गिरफ़्तारियों का डटकर विरोध किया जाएगा.
किसानों ने सभी गाँवों में सरकार के पुतले फूँक कर किसानों को एकजुट करने का फ़ैसला लिया है. 16 जुलाई को किसान गाँवों में सरकार के पुतले फूँकेंगे और 17 जुलाई को पूरे प्रदेश के किसान गिरफ़्तारी के विरोध में ज़िला पुलिस प्रमुख के कार्यालय का घेराव करेंगे.
वसीम रिज़वी के ख़िलाफ़ रेप की एफ़आइआर दर्ज, समीरात्मज मिश्र
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सेंट्रल शिया वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य वसीम रिज़वी के ख़िलाफ़ एक महिला की तहरीर पर लखनऊ के सआदतगंज कोतवाली में रेप का मुक़दमा दर्ज किया गया है.
पीड़िता महिला ने वसीम रिज़वी पर रेप करने के साथ ही धोखे से तस्वीर खींचने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है. पीड़िता महिला की तहरीर पर पहले पुलिस ने मुक़दमा नहीं लिखा था.
सुनवाई न होने पर महिला ने कोर्ट में अर्जी दायर की थी, जिसके बाद गुरुवार को वसीम रिज़वी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. पीड़ित महिला के पति वसीम रिज़वी के ड्राइवर थे. आरोप है कि ड्राइवर को काम पर भेजने के बाद वसीम रिज़वी ने महिला के साथ रेप किया.
महिला ने अपने पति को आपबीती बताई थी. आरोप हैं कि विरोध करने पर वसीम रिज़वी ने ड्राइवर को भी पीटा था. हालाँकि वसीम रिज़वी ने इन आरोपों को राजनीति और दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए इसका खंडन किया था.
महिला ने गत 22 जून को सआदतगंज कोतवाली पहुंच कर तहरीर दी थी. लेकिन एफआईआर दर्ज न होने पर महिला ने 30 जून को कोर्ट में अर्जी दायर की थी. एसीजेएम अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने 13 जुलाई को इंस्पेक्टर सआदतगंज को मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना शुरू करने के निर्देश दिए थे.
जर्मनी में बाढ़ से भारी तबाही, अब तक 42 लोगों की मौत
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जर्मनी में भारी बारिश के बाद बाढ़ आने से अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हुई
है. स्थानीय पुलिस ने मरने
वालों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस हादसे में अभी भी कई लोग लापता
हैं.
बाढ़ का सबसे ज़्यादा
असर जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनेट और उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांतों में नज़र आ
रहा है जहां कई घर और गाड़ियां बाढ़ में बह गयी हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ एक बैठक के सिलसिले में अमेरिका पहुंचीं जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि उन्हें इस आपदा से "गहरा धक्का लगा" है.
पड़ोसी देश बेल्जियम
में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही लिएज शहर के सभी
निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है.
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पश्चिमी यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
यूरोप के पश्चिमी हिस्से में लगातार बारिश की वजह से जर्मनी के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी बाढ़ आ चुकी है. और कई देशों में बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं.
नीदरलैंड्स के दक्षिणी प्रांत लिंबर्ग में बाढ़ की वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा है. यहां केयर होम्स में रह रहे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनैट प्रांत की प्रमुख अधिकारी मालु ड्रेयर ने इस बाढ़ को एक प्रलयकारी घटना की संज्ञा दी है.
उन्होंने कहा है, “कई लोग मर चुके हैं, कई लोग लापता हैं और कई लोग अभी भी ख़तरे से बाहर नहीं हैं. हमारी सभी इमरजेंसी सेवाएं लगातार अपनी जान जोख़िम में डालते हुए काम कर रही हैं.”
राइनलैंड-पलाटनैट प्रांत से होकर बहने वाली आह नदी में बाढ़ आने से अहवाइल ज़िले में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है. ये नदी आगे जाकर राइन नदी में मिलती है.
बाढ़ की मार झेलने वाले लोगों की मदद के लिए सैकड़ों सैनिकों और पुलिस विभाग के हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है. इससे पहले पुलिस ने कहा है कि दर्जनों लोग अपनी – अपनी छतों पर खड़े होकर बचाए जाने का इंतज़ार कर रहे थे.
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स्कूल बंद, हालात गंभीर
जर्मनी के पश्चिमी इलाके में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही परिवहन के साधनों को भी ख़ासा नुकसान पहुंचा है.
जर्मन प्रसारक एसडब्ल्यूआर के मुताबिक़, पहाड़ी क्षेत्र आइफल में आपातकाल लागू कर दिया गया है.
इस क्षेत्र के सुड बेइ अडेनू ज़िले में लगभग 25 घर इस कदर क्षतिग्रस्त हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं.
ख़बरो में बताया गया है कि कुछ घरों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, उन तक नाव से भी पहुंचना संभव नहीं है.
उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांत इयुकिरचेन ज़िले में आठ लोगों की मौत होने की ख़बर है. इसके साथ ही आइफिल क्षेत्र में चार लोगों की मौत हुई है जब उनके घर बाढ़ में बह गए.
इसी बीच उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांत में बुधवार को दो दमकलकर्मियों की मौत हुई है जिनमें से एक दमकलकर्मी की मौत डूबने से हुई है. वहीं, बताया जा रहा है कि दूसरे दमकलकर्मी की मौत रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हुई है.
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लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश जारी
बेल्जियम में अचानक बाढ़ आने से काफ़ी नुकसान हुआ है. कई वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें विरवियर शहर में सड़क पर खड़ी गाड़ियां अचानक आई बाढ़ में बह गयीं.
बेल्जियम में ब्रसेल्स और अंतवेर्प के बाद तीसरे सबसे बड़े शहर लिएज में मेयर ने सभी लोगों को शहर छोड़कर जाने को कह दिया है.
ये भी कहा गया है कि जो लोग शहर छोड़कर जाने में असमर्थ हैं, वे ऊपर के तलों पर जाकर रहें.
इस शहर से होकर बहने वाली मीयूज़ नदी फिलहाल उफ़ान पर है लेकिन इसके 150 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
स्थानीय अधिकारियों की चिंता ये है कि इस बाढ़ में एक बाँध पर बना पुल ढह सकता है.
इसी बीच बेल्जियन कस्बे पेपिंस्टर में वेसद्रे नदी में बाढ़ आने से दस घर ढह गये हैं. बेल्जियम के दक्षिणी हिस्से में मौसम ख़राब होने की वजह से रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया है.
अभी टला नहीं है ख़तरा
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इमेज कैप्शन, जर्मनी में भारी बारिश और बाढ़
मौसम विभाग के मुताबिक़, पश्चिमी यूरोप में गुरुवार और शुक्रवार को भारी बारिश होने की आशंकाएं हैं.
वहीं, विशेषज्ञ कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से गंभीर मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में बढ़त हो सकती है. लेकिन किसी एक घटना को जलवायु परिवर्तन से जोड़ा जाना काफ़ी जटिल कार्य है.
उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया के नेता आर्मिन लेस्चेट ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए इस ख़राब मौसम के लिए जलवायु परिवर्तन को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने कहा, “हमें लगातार ऐसी घटनाओं का सामना करना होगा. और इसका मतलब ये है कि हमें जलवायु को बचाने के लिए जल्द से जल्द उपाय करने होंगे. क्योंकि जलवायु परिवर्तन किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है.”
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अफ़ग़ानिस्तान-तालिबान संघर्ष में क्या हो रहा, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट
दिनभर सुनिए
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान ने की तालिबान के अफ़ग़ान सीमा पर क़ब्ज़े की पुष्टि, सीमा बंद
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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा पर एक चौकी पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफ़ीज़ चौधरी ने तालिबान के दावे के एक दिन बाद गुरुवार को कहा, "उन्होंने स्पिन बोल्डक बोर्डर क्रॉसिंग पर क़ब्ज़ा कर लिया है."
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस सीमा चौकी को बुधवार को बंद कर दिया था जब तालिबान ने शहर पर क़ब्ज़े के बाद सीमा पर अपना सफ़ेद झंडा फ़हरा दिया था.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार पाकिस्तान के एक सुरक्षाकर्मी ने बताया- लगभग 400 लोगों की भीड़ जबरन गेट के इस ओर आना चाह रहे थे, वो पत्थर फेंक रहे थे जिसके बाद हमें आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा."
उसने बताया कि बुधवार को सीमा पर लगभग डेढ़ हज़ार लोग आए थे जो दूसरी ओर जाना चाहते थे.
पाकिस्तानी शहर चमन के के एक वरिष्ठ अधिकारी जुमाबाद ख़ान ने एएफ़पी को बताया कि स्थिति अब "नियंत्रण" में है.
एएफ़पी के मुताबिक़ एक तालिबान सूत्र ने बताया कि अफ़ग़ान सीमा पर भी सैकड़ों लोग जमा थे जो पाकिस्तान जाना चाहते थे.
इस सूत्र ने बताया- "हम पाकिस्तानी अधिकारियों से बात कर रहे हैं. हम आज उनके साथ आज एक औपचारिक बैठक करेंगे. हमें उम्मीद है कि सीमा एक-दो दिन में खुल जाएगी."
पाकिस्तान के एक सीमा अधिकारी ने भी एएफ़पी को बताया कि सीमा शुक्रवार को खुल जाएगी.
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पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में तोरखम के बाद, स्पिन बोल्डक-चमन रूट पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच व्यापार और परिवहन के लिहाज़ से सबसे व्यस्त मार्गों में से एक रहा है.
अफ़ग़ान सरकार के आधिकारिक डेटा के अनुसार, हर रोज़ इस बॉर्डर चौकी से पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच 900 ट्रक गुज़रते हैं जो ईरान समेत मध्य एशिया के अन्य देशों तक जाते हैं.
सीमा पर स्थित इस क्षेत्र के बाज़ारों के आस-पास, दोनों ओर हज़ारों लोगों के घर भी हैं.
तालिबान ने हाल के हफ़्तों में अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ी से कई इलाकों पर अपना प्रभाव बढ़ा लिया है और कई चौकियों को अफ़ग़ान सुरक्षाबलों से छीन लिया है.
वो अब तक ईरान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की सीमा पर प्रमुख चौकियों पर क़ब्ज़ा कर चुके हैं. अफ़ग़ान सुरक्षाबलों को लड़ाई के बाद सीमा पार कर पड़ोसी देशों में भागना पड़ा.
योगी के प्रदेश पहुँचे ओवैसी, कहा- जनसंख्या नियंत्रण क़ानून महिला विरोधी
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इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दौरा करते हुए संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
आगामी चुनाव से जुड़ी
तैयारियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “उत्तर
प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार हमारा संगठन 70 ज़िलों में
मज़बूत है. प्रदेश में हम अपने संगठन को मज़बूत करेंगे. 80-100 विधानसभा सीटों पर एवं लगभग 70% बूथों पर AIMIM पार्टी
की पकड़ है.”
उत्तर प्रदेश के
जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा, “दिसंबर 2020 के हलफ़नामे में मोदी सरकार ने कहा है कि
कुल प्रजनन दर घटने की वजह से भारत में दो बच्चों करने की नीति लागू नहीं कर सकते.
वहीं, योगी सरकार इसका विरोध कर रही है.
ये प्रस्ताव अनुच्छेद
21 का उल्लंघन करता है. ये महिलाओं को नुकसान पहुंचाएगा क्योंकि देश में 93 फीसदी
नसबंदी महिलाओं में की जाती है. महिलाओं को ये फ़ैसला करने का हक़ मिलना चाहिए.”
समझा जा रहा है कि जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के प्रस्तावों पर बात करते हुए वह उत्तर प्रदेश की महिला मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.
हालांकि, जहां एक ओर ओवैसी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन के मज़बूत होने की दावा कर रहे हैं. वहीं, वाराणसी में उनकी पार्टी के कई नेता कांग्रेस में शामिल हो गए हैं.
ऐसे में लोगों की नज़र इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ओवैसी अपने मूल समर्थकों को अपने साथ मजबूती से जोड़ने और नए समर्थक तलाशने के लिए क्या कदम उठाते हैं.
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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा ‘सरकार ख़त्म क्यों नहीं करती राजद्रोह क़ानून’, क्या बोली सरकार?
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इमेज कैप्शन, भारत की सर्वोच्च अदालत
सुचित्र मोहंती
बीबीसी हिंदी के लिए
भारत की सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार
को केंद्र सरकार से पूछा है कि इस औपनिवेशिक क़ानून का इस्तेमाल
स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ किया गया था, ऐसे में आज़ादी के 75 साल बाद भी इस क़ानून की
क्या ज़रूरत है?
चीफ़ जस्टिस एनवी रमना
की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस क़ानून का इस्तेमाल महात्मा
गाँधी और बाल गंगाधर तिलक जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ किया गया था, इसे
रद्द क्यों नहीं किया जा सकता.
'राजद्रोह क़ानून रद्द क्यों नहीं करती सरकार?'
चीफ जस्टिस एनवी रमना
ने केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पूछा, “आपकी
सरकार ने कई क़ानूनों को रद्द कर दिया है. मुझे पता नहीं कि आपकी सरकार आईपीसी के सेक्शन
124A (राजद्रोह से जुड़े अपराध) को
रद्द करने पर काम क्यों नहीं कर रही है?”
पीठ ने एटॉर्नी जनरल
से पूछा, “ये एक
औपनिवेशिक क़ानून है. ये स्वतंत्रता संग्राम को दबाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. ब्रिटेन ने इसी
क़ानून को महात्मा गाँधी और बाल गंगाधर तिलक आदि के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया था.
क्या आज़ादी के 75 साल बाद भी इस क़ानून के बने रहने की ज़रूरत है?”
भारत के मुख्य न्यायाधीश
ने कहा है कि सर्वोच्च अदालत धारा 124A की
संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर ध्यान देगी.
पीठ ने कहा है, “ज़मीन पर स्थिति बेहद गंभीर है. अगर एक पक्ष को दूसरे पक्ष की बात पसंद नहीं आती है तो धारा 124A का इस्तेमाल कर लिया जाता है. ये लोगों और पक्षों के कामकाज के लिए बड़ा ख़तरा
है.”
ये भी कहा गया कि
सर्वोच्च न्यायालय ऐसे क़ानूनों के दुरुपयोग को लेकर बेहद चिंतित है.
क्या बोले सरकार एटॉर्नी जनरल
बेंच ने कहा कि धारा 66A का ही उदाहरण लीजिए, ये क़ानून कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया
गया था लेकिन लोग गिरफ़्तार होते रहे. इन प्रावधानों का ग़लत इस्तेमाल होता है
लेकिन इसकी कोई जवाबदेही नहीं है.
पीठ ने कहा, “हमारी चिंता क़ानून के दुरुपयोग और जवाबदेही में कमी
से जुड़ी है. ये क़ानून आज़ादी के 75 साल बाद भी क्यों बना हुआ है?”
केंद्र सरकार का
प्रतिनिधित्व कर रहे एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इस क़ानून को रद्द किए
जाने की ज़रूरत नहीं है, बस दिशानिर्देश तय किए जाने की ज़रूरत है ताकि ये क़ानून
अपना विधिक उद्देश्य पूरा करे.
इसके बाद सर्वोच्च
अदालत ने एटॉर्नी जनरल से कहा कि इस मामले में दोष सिद्ध होने की दर बेहद कम है.
मुख्य न्यायाधीश ने
कहा, “आईटी
एक्ट की धारा 66A का उदाहरण लीजिए, इस क़ानून के रद्द होने
के बाद भी हज़ारों केस दर्ज किए गए. अगर कोई पुलिस किसी के ख़िलाफ़ कदम उठाना चाहती है तो वह 124A लगा सकती है. ये धारा लगते ही सभी लोग
डर जाते हैं. ये वो मसले हैं जिन पर ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है. हमारी चिंता
क़ानून के दुरुपयोग और कार्यपालिका की ओर से किसी भी तरह की जवाबदेही न होने से है.”
संवैधानिक वैधता पर सवाल
सर्वोच्च अदालत ने एक
पूर्व सैन्य अधिकारी द्वारा इस क़ानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक
याचिका के संबंध में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही इस याचिका
को दूसरी अन्य याचिकाओं के साथ शामिल कर लिया है.
पीठ ने ये भी कहा कि ये
याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता ने देशसेवा में अपना पूरा जीवन न्योछावर कर
दिया है, ऐसे में हम ये नहीं कह सकते कि ये एक मोटिवेटेड पेटिशन है.
पूर्व मेजर जनरल एसजी
वोम्बटकेरे ने इस क़ानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए तर्क दिया है कि ये
कानून अभिव्यक्ति की आज़ादी के मूल अधिकार पर गंभीर रूप से हमला करता है.
उन्होंने दावा किया
है कि आईपीसी की धारा 124A, जो
कि राजद्रोह के अपराध से जुड़ी हुई है, पूरी तरह से असंवैधानिक है और इसे स्पष्ट
रूप से रद्द कर दिया जाना चाहिए.
इससे पहले कोर्ट ने मणिपुर
और छत्तीसगढ़ के दो पत्रकारों किशोरचंद्र वांगखेमचा और कन्हैया लाल शुक्ल द्वारा इस
क़ानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देती हुई याचिका पर सरकार से अपना पक्ष रखने
के लिए कहा था.
ऋषभ पंत और टीम के एक सहायक संक्रमित, बीसीसीआई ने बताया क्या है टीम इंडिया का हाल
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इमेज कैप्शन, ऋषभ पंत
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई ने इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टीम पर कोरोना संक्रमण के साए पर स्थिति स्पष्ट की है.
बीसीसीआई ने एक बयान जारी कर कहा है कि टीम के एक खिलाड़ी ऋषभ पंत और बोलिंग सहायक दयानंद गिरानी कोरोना संक्रमित हो गए हैं.
बीसीसीआई के अनुसार पंत 8 जुलाई को पोज़िटिव पाए गए थे और उनके क्वारंटीन की मियाद पूरी हो रही है.
बोर्ड का कहना है कि दो निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद पंत बाक़ी टीम के साथ डरहम में जुड़ सकते हैं.
भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ी आज लंदन से डरहम चले गए हैं जहाँ पूरी टीम को टेस्ट सिरीज़ शुरू होने से पहले बायो-बबल में रहना है.
पंत के मैनेजर ने बीबीसी स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा- "वे पिछले एक सप्ताह से क्वारंटीन में हैं और उनमें कोविड के लक्षण नहीं के बराबर हैं, तो सब ठीक है."
बीसीसीआई ने बताया कि इसकेअलावा टीम के तीन और सदस्यों बोलिंग कोच बी अरुण, वृद्धिमान साहा और अभिमन्यु ईश्वरन को गरानी के संपर्क में रहने की वजह से 10 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया है और इस दौरान वो लंदन में होटल में अपने कमरों में रहेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अब पंत और साहा 20 जुलाई से होनेवाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच में नहीं खेल पाएँगे.
बीसीसीआई ने ये भी जानकारी दी है कि सभी खिलाड़ियों और उनके परिवार जनों और सहायकों को इस महीने के आरंभ में लंदन में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ दे दी गई थी.
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भारत और इंग्लैंड के विरूद्ध पाँच टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मैच 4 अगस्त को नॉटिंघम में होना है.
भारतीय क्रिेकेटर के संक्रमित होने की ख़बर ऐसे समय आई है जब बीसीसीआई सचिव जय शाह ने 23 सदस्यों वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड में संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर सावधान किया है.
बताया जा रहा है कि उन्होंने खिलाड़ियों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है.
इससे पहले इसी महीने इंग्लैंड टीम के तीन खिलाड़ी और चार सहायक स्टाफ़ के संक्रमित होने के बाद उन्हें पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वन डे सिरीज़ के लिए एक कम अनुभवी टीम का एलान करना पड़ा.
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान ने कहा- बस में विस्फोटक मिले, चरमपंथ को नहीं कर सकते ख़ारिज
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पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि डासू बस हादसे के पीछे चरमपंथी हमले को ख़ारिज नहीं किया जा सकता है.
पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फ़वाद चौधरी ने गुरुवार को ट्विटर पर इस बारे में जानकारी दी.
चौधरी ने लिखा- डासू घटना की शुरूआती जाँच से पता चला है कि वहाँ विस्फोटक थे, इसलिए आतंकवाद से इनकार नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री निजी तौर पर इस घटना से जुड़े पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं. सरकार चीनी दूतावास के संपर्क में है और हम मिलकर आतंकवाद का मुक़ाबला करेंगे.
फ़वाद चौधरी का ये बयान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के बयान के बाद आया है जिसमें एक दिन पहले उन्होंंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से कहा था कि 'शुरूआती जाँच से लगता है कि ये एक दुर्घटना थी और अभी तक इसमें किसी चरमपंथी गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं'.
चीन सरकार ने गुरुवार को बताया कि उसने अपने नौ नागरिकों की मौत के बाद अलग-अलग विभागों की एक संयुक्त टीम को पाकिस्तान भेजने का फ़ैसला किया है.
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पाकिस्तान में बुधवार को ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में एक बस हादसे में एक बस से जा रहे चीन के नौ और पाकिस्तान के तीन नागरिक मारे गए थे.
पाकिस्तान सरकार इसे दुर्घटना बता रही है मगर कुछ ख़बरों में बताया गया है कि बस में एक धमाका हुआ था.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि किसी मशीनी गड़बड़ी की वजह से गैस लीक हुई जिससे बस में धमाका हुआ और वो नीचे खड्ड में गिर गई.
ये चीनी नागरिक पाकिस्तान में डासू स्थित एक पनबिजली परियोजना के स्थल पर जा रहे थे जिसमें चीन ने निवेश किया हुआ है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि बस में 30 से अधिक चीनी इंजीनियर सफर कर रहे थे जो डासू बांध परियोजना की तरफ़ जा रहे थे.
चीन पाकिस्तान भेजेगा अपनी टीम, मिलकर पता करेगा कि बस के साथ क्या हुआ
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चीन सरकार ने पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में एक बस हादसे में अपने नौ नागरिकों की मौत के बाद अलग-अलग विभागों की एक संयुक्त टीम को पाकिस्तान भेजने का फ़ैसला किया है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि चीन ने पाकिस्तान से घटना की पूरी जाँच करने के लिए कहा है.
गुरुवार को चाओ लिजियान से उनकी नियमित ब्रीफ़िंग में जब इस घटना की वजह के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी जाँच की जा रही है और चीन इस बारे में पाकिस्तान के साथ मिलकर पड़ताल करेगा.
प्रवक्ता ने कहा- "हम इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान सरकार की गंभीरता की सराहना करते हैं."
बुधवार को इसे एक बम धमाका बता रही चीन सरकार एक दिन बाद ऐसा कहने से बच रही है.
पाकिस्तान सरकार इसे एक दुर्घटना बता रही है और उसके विदेश मंत्रालय का कहना है कि किसी मशीनी गड़बड़ी की वजह से गैस लीक हुई जिससे बस में धमाका हुआ और वो नीचे खड्ड में गिर गई.
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इमेज कैप्शन, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान
हालाँकि, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से कहा है कि बुधवार को हुआ बस हादसा यदि कोई चरमपंथी हमला था तो उसके ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए.
चीन की सत्ताधारी पार्टी के अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ वांग यी ने पाकिस्तानी मंत्री से ताजिकिस्तान में मुलाक़ात के दौरान कहा कि चीन इस घटना से स्तब्ध है.
वांग यी ने कहा,"यदि ये एक आतंकवादी घटना थी, तो इसके ज़िम्मेदार लोगों को फ़ौरन गिरफ़्तार कर कड़ी सज़ा दी जाए".
पाकिस्तानी विदेश मंत्री क़ुरैशी ने कहा कि शुरूआती जाँच से लगता है कि ये एक दुर्घटना थी और अभी तक इसमें किसी चरमपंथी गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं.
पाकिस्तान में बुधवार को एक बस से जा रहे चीन के नौ और पाकिस्तान के तीन नागरिक मारे गए थे.
ये चीनी नागरिक पाकिस्तान में डासू स्थित एक पनबिजली परियोजना के स्थल पर जा रहे थे जिसमें चीन ने निवेश किया हुआ है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि बस में 30 से अधिक चीनी इंजीनियर सफर कर रहे थे जो डासू बांध परियोजना की तरफ़ जा रहे थे.
आरबीआई ने मास्टरकार्ड को नये ग्राहक बनाने से रोका, पर पुराने ग्राहकों का क्या होगा?
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भारतीय रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई ने मास्टरकार्ड एशिया
पैसेफ़िक को 22 जुलाई से घरेलू बाज़ार में क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और प्रीपेड
कार्ड के नये ग्राहक बनाने से मना कर दिया है.
आरबीआई का आरोप है कि कंपनी ने आँकड़ों के रखरखाव से
संबंधित नियमों का अनुपालन नहीं किया.
हालांकि, आरबीआई ने यह स्पष्ट किया है कि इस क़दम से मास्टरकार्ड
के मौजूदा ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
आरबीआई के अनुसार, ‘‘कंपनी को पर्याप्त समय और अवसर देने के बाद भी, वो भुगतान
प्रणाली से संबंधित आँकड़ों के रखरखाव पर दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने में विफल
रही.’’
केंद्रीय बैंक के अनुसार, इस संबंध में 6 अप्रैल2018 को एक परिपत्र जारी किया गया था जिसके तहत सभी संबंधित सेवा प्रदाताओं को
यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि वो छह महीने के भीतर भुगतान व्यवस्था
से संबंधित सभी आँकड़े केवल भारत में ही रखने की व्यवस्था करें. लेकिन मास्टरकार्ड
ने इस निर्देश का पालन नहीं किया.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, लंदन स्थित स्टार्ट-अप ‘पीपीआरओ’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पिछले साल भारत
में सभी कार्डों को मिलाकर जो पेमेंट हुईं, उनमें से 33 प्रतिशत अकेले मास्टरकार्ड
से हुई थीं.
साल 2019 में, कंपनी ने अगले पाँच वर्षों में भारत में
अरबों डॉलर के निवेश की बात कही थी. लेकिन आरबीआई ने अब कंपनी के ख़िलाफ़ कार्रवाई
की है.
मास्टरकार्ड, तीसरी कंपनी है जिसके ख़िलाफ़ इस मामले में
कार्रवाई हुई है.
इससे पहले, आरबीआई ने अमेरिकन एक्सप्रेस और डाइनर्स क्लब के
ख़िलाफ़ भी आँकड़े रखे जाने से जुड़े मानदण्डों का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई
की थी. इन दोनों पर भी आरबीआई ने एक मई से अपने नेटवर्क पर नये घरेलू ग्राहकों को जोड़ने
का प्रतिबंध लगाया था.
अमेरिका की इन कंपनियों ने आरबीआई द्वारा 2018 में लाये गये
इन नियमों के ख़िलाफ़ खुलकर आवाज़ उठाई थी. इन कंपनियों का कहना था कि नये नियमों
से भारत में उनके काम करने का ख़र्च बढ़ेगा. लेकिन भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस
मामले में ढील देने से इनकार कर दिया.
मोदी को वाराणसी में रुद्राक्ष से याद आए शिंज़ो आबे
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में रुद्राक्ष केंद्र का उद्घाटन करने के बाद भाषण देते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में जापान-भारत दोस्ती की मिसाल ठहराए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय
सहयोग और सम्मेलन केंद्र 'रुद्राक्ष'
का उद्घाटन किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे को याद करते हुए कहा, “मुझे याद है, शिंजो आबे जी जब
प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के विचार
पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी उन्होंने तुरंत ही अपने अधिकारियों से इस विचार पर काम
करने को कहा.”
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वहीं, जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने वीडियो लिंक के माध्यम से कहा, “अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सम्मेलन केंद्र 'रुद्राक्ष' का उद्घाटन होने पर मैं हार्दिक बधाई देना चाहता हूं. इस शहर का जापान के साथ घनिष्ठ संबंध है.”
जापान सरकार ने 2.87 हेक्टेयर में बने इस कन्वेंशन सेंटर को बनाने में 186 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी है.
इसके साथ ही जापानी संस्थाओं ने इस इमारत का निर्माण किया है जिसके मुख्य हॉल में 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है.
इस इमारत की नींव साल 2015 में शिंज़ो आबे की वाराणसी यात्रा के साथ पड़ गयी थी.
इसके बाद साल 2017 में जापानी संस्था ज़ीका ने इस इमारत के निर्माण के लिए आर्थिक मदद रिलीज़ की. और फिर इस इमारत की डिज़ाइन और निर्माण का काम शुरू हुआ.
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इमेज कैप्शन, साल 2015 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
चीनी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से कहा- अगर चरमपंथी हमला है तो कड़ी सज़ा दें
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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से कहा है कि बुधवार को हुआ बस हादसा यदि कोई चरमपंथी हमला था तो उसके ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए.
चीन की सत्ताधारी पार्टी के अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ वांग यी ने पाकिस्तानी मंत्री से ताजिकिस्तान में मुलाक़ात के दौरान कहा कि चीन इस घटना से स्तब्ध है.
उन्होंने कहा, "चीन उम्मीद करता है कि पाकिस्तान जल्दी से जल्दी इस घटना की वजह पता करे, घायलों का पूरा इलाज करे, और समयबद्ध तरीक़े से ये प्रयास करे कि ऐसी घटनाएँ दोबारा ना हों."
वांग यी ने साथ ही कहा,"यदि ये एक आतंकवादी घटना थी, तो इसके ज़िम्मेदार लोगों को फ़ौरन गिरफ़्तार कर कड़ी सज़ा दी जाए".
पाकिस्तानी विदेश मंत्री क़ुरैशी ने कहा कि शुरूआती जाँच से लगता है कि ये एक दुर्घटना थी और अभी तक इसमें किसी चरमपंथी गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं.
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इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी
बुधवार को एक बस से जा रहे चीन के नौ और पाकिस्तान के तीन नागरिक मारे गए थे मगर इस घटना को लेकर अलग-अलग बातेंं सामने आ रही हैं.
पाकिस्तान सरकार इसे दुर्घटना बता रही है मगर कुछ ख़बरों में बताया गया है कि बस में एक धमाका हुआ था.
ये चीनी नागरिक पाकिस्तान में डासू स्थित एक पनबिजली परियोजना के स्थल पर जा रहे थे जिसमें चीन ने निवेश किया हुआ है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इस अधिकारी का कहना था कि बस में तीस से अधिक चीनी इंजीनियर सफर कर रहे थे जो डासू बांध परियोजना की तरफ़ जा रहे थे.
मोदी ने की योगी की जमकर तारीफ़, बोले- आज यूपी में क़ानून का राज है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम की जमकर सराहना की है.
ये मोदी का इस वर्ष का वाराणसी का पहला दौरा है और उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष के आरंभ में चुनाव से पहले इसे राजनीतिक रूप से भी काफ़ी अहम माना जा रहा है.
मोदी ने कहा- " ऐसा नहीं है कि 2017 से पहले यूपी के लिए योजनाएं नहीं आती थीं, पैसा नहीं भेजा जाता था तब भी दिल्ली से इतने ही तेज] प्रयास होते थे. लेकिन तब लखनऊ में उनमें रोड़ा लग जाता था. आज योगी जी खुद कड़ी मेहनत कर रहे हैं. आज यूपी में कानून का राज है."
"माफियाराज और आतंकवाद, जो कभी बेकाबू हो रहे थे, उन पर अब कानून का शिकंजा है। बहनों-बेटियों की सुरक्षा को लेकर माँ-बाप हमेशा जिस तरह डर और आशंकाओं में जीते थे, वो स्थिति भी बदली है."
उन्होंने बीएचयू कैंपस में एक सभा में कहा कि 'यूपी में सरकार आज भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से नहीं विकासवाद से चल रही है'.
मोदी ने कहा,"उत्तर प्रदेश, देश के अग्रणी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है. कुछ साल पहले तक जिस यूपी में व्यापार-कारोबार करना मुश्किल माना जाता था, आज मेक इन इंडिया के लिए यूपी पसंदीदा जगह बन रहा है."
मोदी ने कोरोना महामारी से निपटने में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा-"काशी सहित यूपी ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया. कोरोना से निपटने में उत्तर प्रदेश के प्रयास उल्लेखनीय हैं."
मोदी ने आगे कहा- "उत्तर प्रदेश पूरे देश में कोरोना की सबसे ज़्यादा टेस्टिंग करने वाला राज्य है. आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज़्यादा वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है."
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1500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का एलान
मोदी ने अपने वाराणसी दौरे में 1500 करोड़ रुपए से ज़्यादा राशि की विभिन्न परियोजनाओं का एलान किया है
अपने 5 घंटे के दौरे में उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण किया है जिसका नाम रुद्राक्ष रखा गया है.
बताया जा रहा है कि ये दो मंज़िला भवन प्राचीन काशी शहर की सांस्कृतिक विरासत की झलक देगा.
अधिकारियों के अनुसार इस भवन की छत शिवलिंग के आकार की है और भवन पर 108 रुद्राक्ष लगाए गए हैं. इस भवन में 1200 लोग बैठ सकेंगे.
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की तस्वीरें ट्वीट की थीं
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का एक खिलाड़ी कोरोना संक्रमित
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इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम का एक खिलाड़ी कोरोना पॉज़िटिव हो गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक सूत्र के हवाले से ख़बर दी है कि क्रिकेटर में कोविड के लक्षण नहीं के बराबर हैं और वो अपने एक परिचित के घर क्वारंटीन पर चले गए हैं.
ये खिलाड़ी अब आज डरहम नहीं जा सकेगा जहाँ भारतीय टीम को टेस्ट सिरीज़ शुरू होने से पहले बायो-बबल में रहना है.
भारत और इंग्लैंड के विरूद्ध पाँच टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मैच 4 अगस्त को नॉटिंघम में होना है.
भारतीय क्रिेकेटर के संक्रमित होने की ख़बर ऐसे समय आई है जब बीसीसीआई सचिव जय शाह ने 23 सदस्यों वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड में संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर सावधान किया है.
बताया जा रहा है कि उन्होंने खिलाड़ियों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है.
इससे पहले इसी महीने इंग्लैंड टीम के तीन खिलाड़ी और चार सहायक स्टाफ़ के संक्रमित होने के बाद उन्हें पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वन डे सिरीज़ के लिए एक कम अनुभवी टीम का एलान करना पड़ा.
मोदी पहुँचे वाराणसी, 1500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का एलान
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा कर रहे हैं जहाँ वो 1500 करोड़ रुपए से ज़्यादा राशि की विभिन्न परियोजनाओं का एलान कर रहे हैं.
ये मोदी का इस वर्ष का वाराणसी का पहला दौरा है और उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष के आरंभ में चुनाव से पहले इसे राजनीतिक रूप से भी काफ़ी अहम माना जा रहा है.
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रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर
मोदी अपने 5 घंटे के दौरे में एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण कर रहे हैं जिसका नाम रुद्राक्ष रखा गया है.
बताया जा रहा है कि ये दो मंज़िला भवन प्राचीन काशी शहर की सांस्कृतिक विरासत की झलक देगा.
अधिकारियों के अनुसार इस भवन की छत शिवलिंग के आकार की है और भवन पर 108 रुद्राक्ष लगाए गए हैं. इस भवन में 1200 लोग बैठ सकेंगे.
अफ़ग़ानिस्तान में भारत की कूटनीति सराहनीय है: रूस
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अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान तेज़ी से नये इलाक़ों पर नियंत्रण कर रहा है और इससे भारतीय हित प्रभावित हो सकते हैं. अपने हितों की सुरक्षा के लिए भारत कई स्तर पर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस के एक वरिष्ठ राजनयिक ने भारत के इन प्रयासों की सराहना की है.
नई दिल्ली में रूसी मिशन के डिप्टी चीफ़ रोमान बाबुश्किन ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि तालिबान इस समय अफ़ग़ानिस्तान की हक़ीक़त है और सभी जातीय समूहों के प्रतिनिधित्व से बनने वाले समावेशी सरकार ही अफ़ग़ानिस्तान में शांति ला सकती है.
उन्होंने कहा कि भारत और रूस दोनों ही अफ़ग़ानिस्तान में शांति वार्ता के पक्षधर हैं और देश के बदलते हालात पर नज़र रखे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान एक अहम दौर से गुज़र रहा है और मौजूदा संकट का समाधान सैन्य ताक़त से नहीं हो सकता है. अफ़ग़ानिस्तान से भारत के हित जुड़े हैं और भारत ही तय करेगा कि वो अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में कितना दख़ल देता है.
उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्रीय कूटनीति के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय है और ये हौसला बढ़ाने वाला है. भारत अफ़ग़ानिस्तान में शांति प्रक्रिया और अफ़ग़ान लोगों के नेतृत्व की सरकार का पक्षधर है.
हाल के महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ी है और कई बड़े हमले हुए हैं. अमेरिका सितंबर से पहले पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान को छोड़कर चला जाएगा.
इसी बीच तालिबान लड़ाके तेज़ी से नए इलाक़ों पर कब्ज़ा कर रहे हैं. कई देशों ने अफ़ग़ानिस्तान में अपनी मौजूदगी कम की है. भारत ने भी कंधार दूतावास के अपने स्टाफ़ को वापस बुला लिया है.